भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत (ब्यावर) की बेटी कंचन चौहान का SOG ने मेडिकल टेस्ट करा लिया है। विधायक की बेटी पर फर्जी सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी लेने का आरोप लगा था। वहीं विधायक का कहना है कि जांच के बाद सच सबके सामने होगा।
बता दें कि कंचन पर आरोप है कि उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की परीक्षा में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र लगाया था। वर्तमान में वे करेड़ा (भीलवाड़ा) तहसीलदार के पद पर कार्यरत है।
उनके खिलाफ ब्यावर के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से नौकरी लेने की शिकायत सीएम पोर्टल पर की थी। शिकायत में वापस मेडिकल कराने की मांग की गई थी। एसओजी के पुलिस उपअधीक्षक प्रदीप सिंह चारण ने बताया- कंचन चौहान को नोटिस जारी कर 3 सितंबर को बुलाया गया था। वे आई और जांच की गई। जांच रिपोर्ट आने पर वास्तविकता का पता चलेगा।

एसओजी ने तीन सितम्बर को दस्तावेज के साथ बुलाया था।
एसओजी ने भेजा था नोटिस
कार्यालय अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस , एटीएस एवं एसओजी की ओर से नोटिस जारी किया गया कि आपके (कंचन चौहान) विरूद्ध उप अधीक्षक पुलिस, एसओजी, राजस्थान, जयपुर की ओर से जांच की जा रही है। इसलिए 3 सितम्बर को आपका मेडिकल परीक्षण किया जाना है।
विधायक बोले- जांच के बाद सामने आ जाएगा ब्यावर निवासी फणीश कुमार सोनी ने 12 अगस्त को कंचन चौहान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं विधायक रावत ने अपनी बेटी का बचाव करते हुए कहा था कि एसओजी के बुलाने पर कंचन गई और मेडिकल टेस्ट करा लिया है। प्रमाण- पत्र के फर्जी होने का आरोप पूरी तरह निराधार है। जांच के बाद सच सबके सामने होगा।
पढें ये खबर भी….
BJP-विधायक की बेटी पर फर्जी-सर्टिफिकेट से नौकरी लेने का आरोप:तहसीलदार हैं कंचन चौहान, पिता शंकर सिंह रावत ब्यावर से MLA हैं

भारतीय जनता पार्टी के विधायक शंकर सिंह रावत (ब्यावर) की बेटी पर फर्जी सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी लेने का आरोप है। करेड़ा (भीलवाड़ा) तहसीलदार कंचन चौहान के खिलाफ अब निदेशालय विशेष योग्यजन ने जांच की सिफारिश की है। सीएम पोर्टल पर मिली शिकायत के बाद 21 अगस्त को निदेशालय ने राजस्व बोर्ड (अजमेर) को जांच के लिए लेटर भेजा है। (खबर पढ़ने के लिए करें क्लिक)
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments