जानकारी के अनुसार जिस जोन में कैंटर खराब हुई वो 3 बाघों की टेरिटरी है।
सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में 20 टूरिस्ट की जान आफत में आ गई। दरअसल, शनिवार (16 अगस्त) शाम सफारी पर निकले टूरिस्ट की कैंटर (सफारी वाली गाड़ी) जोन नंबर-6 में खराब हो गई।
टूरिस्ट के साथ गया गाइड दूसरा कैंटर लाने की बोलकर उन्हें अकेला छोड़ गया। पर्यटक शाम 6 बजे से 7.30 बजे तक अंधेरे में फंसे रहे। इस घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो में डर से बच्चों के रोने की आवाज आ रही है।
वन विभाग ने शिकायत के बाद 3 कैंटर ड्राइवर और गाइड की एंट्री रिजर्व में बैन कर दी है।

टूरिस्ट के इस ग्रुप में कई बच्चे थे। जो वीडियो सामने आया है उसमें महिलाओं की डरी हुई आवाज सुनाई दे रही है।
टूरिस्ट ने बनाए 2 वीडियो, लापरवाही के आरोप लगाए
कैंटर में सवार टूरिस्ट ने 2 वीडियो बनाए। एक वीडियो जोन नंबर-6 में फंसे होने का है। दूसरा वीडियो राजबाग नाका वन चौकी का है।
पहला वीडियो: इसमें रणथंभौर के जंगल में रूट नंबर-6 पर अंधेरे में खराब कैंटर खड़ी है। कैंटर में एक बच्चा मोबाइल देख रहा है। रोशनी के नाम पर मोबाइल की ही लाइट है।
काफी देर तक जब गाइड दूसरी कैंटर लेकर नहीं आया तो महिला टूरिस्ट ने ड्राइवर से शिकायत की। कहा- ऐसा फंसाया है आपने भैया…आपका गाइड कहां है?
ड्राइवर गाइड के भाग जाने की बात कहता है। इस दौरान एक मासूम बच्चे के रोने की आवाज लगातार सुनाई देती है।
बाद में टूरिस्ट ने वहां से गुजरे एक दूसरे कैंटर से लिफ्ट ली। वे जोन-6 की फॉरेस्ट चौकी राजबाग नाका तक पहुंचे। वहां उन्होंने वनपाल विजय मेघवाल मिला।

टूरिस्ट ने नजदीकी वन चौकी पर विजय मेघवाल को घटना की जानकारी दी। वनपाल ने जवाब दिया कि- हमारी जिम्मेदारी नहीं है।
वनपाल से हुई बहस, जवाब से टूरिस्ट नाराज हुए
दूसरा वीडियो: इसे राजबाग नाका वन चौकी पर टूरिस्ट ने बनाया है। जहां वनपाल विजय मेघवाल से उनकी बहस हो गई। टूरिस्ट कहता है- एक बार ये कह दो कि आपकी जिम्मेदारी नहीं है।
वनपाल कहता है- आपका कैंटर खराब हुआ, हमने दूसरा कैंटर भिजवा दिया। टूरिस्ट चिल्लाने लगते हैं, कहते है कि आपने ढाई घंटे लगा दिए। वनपाल का लापरवाही भरा जवाब….

वहां (सफारी बुकिंग सेंटर) से रिलीज करेंगे तभी तो हम भेजेंगे। गाड़ी-घोड़ा मशीन खराब हो जाते हैं, क्या करें। इस पर टूरिस्ट फिर कहता है- आपने ये क्यों कहा कि मेरी जिम्मेदारी नहीं है।

टूरिस्ट ने बताया कि उनकी शिकायत के काफी देर बाद बिना लाइट वाला कैंटर उनके लिए भेजा गया। इसे ड्राइवर टॉर्च की रोशनी में लेकर आया। इसी कैंटर से टूरिस्ट रात 8 बजे जंगल से बाहर निकल पाए।

गाइड बोला- मेरा कोई दोष नहीं है
टूरिस्ट ग्रुप के साथ गए गाइड मुकेश बैरवा ने आरोपों पर सफाई दी है। उसका कहना है कि…

कल कैंटर खराब होने के बाद मैं राजबाग नाका वन चौकी पहुंचा। वहां वन विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को घटना के बारे में अवगत कराया। इसके बाद शाम 7.40 बजे कैंटर टूरिस्ट तक पहुंचा दी गई थी। कैंटर में तकनीकी खराबी आई थी। इसमें मेरा कोई दोष नहीं।

वन अधिकारी बोले- रिजर्व में नहीं कर सकेंगे एंट्री
शनिवार को टूरिस्टों के साथ जो घटना हुई थी उसकी जांच की गई है। इसमें दोषी मिले तीन कैंटर ड्राइवर लियाकत अली, शहजाद और कन्हैया की पार्क में एंट्री बैन की गई है। आरोपी गाइड मुकेश बैरवा भी पार्क में नहीं घुस सकेगा। – प्रमोद धाकड़, डीएफओ (पयर्टन), रणथंभौर टाइगर रिजर्व

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