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राजसमंद में कांकरोली पुलिस थाने के हेड कॉन्स्टेबल की मौत के मामले में आरके हॉस्पिटल की मोर्च्युरी के बाहर राजपूत समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया।

राजसमंद में कांकरोली पुलिस की टीम में शामिल हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह (44) पुत्र फतेह सिंह चौहान निवासी कल्ला खेड़ी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। चोरी का माल खरीदने को लेकर भीलवाड़ा के एक ज्वेलरी व्यापारी को 10 अगस्त को कांकरोली थाने लेकर आने वाली टीम मे

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ज्वेलरी व्यापारी की मौत के बाद हुआ था प्रदर्शन दरअसल कांकरोली में चोरी की वारदात में चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलरी व्यापारी को भीलवाड़ा जिले के गाडरमाला से कांकरोली पुलिस की टीम लेकर आई थी। इस टीम में पूरण सिंह भी शामिल थे। 10 अगस्त को ज्वेलरी व्यापारी को कांकरोली थाने में लेकर आए थे और उसी दिन शाम को तबीयत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई थी।

उसके बाद 11 अगस्त को सर्राफा व्यापारियों ने आरके हॉस्पिटल में प्रदर्शन किया औरी परिजनों को 1 करोड़, बेटे को सरकारी नौकरी व पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। परिजनों के साथ वार्ता के बाद ज्वेलरी व्यापारी को 8 लाख का मुआवजा, बेटे को संविदा पर नौकरी की बात पर सहमति बनी ओर पोस्टमॉर्टम करवाया गया।

हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह की मौत के मामले में राजपूत समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह की मौत के मामले में राजपूत समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

तनाव में थे हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह वही ज्वेलरी व्यापारी की मौत के बाद से ही हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह तनाव की स्थिति में आ गए और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और हार्ट अटैक आ गया। जिसके बाद सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां से अनन्ता हॉस्पिटल लेकर गए। इस दौरान पूरण सिंह ने सोमवार 11 अगस्त को दम तोड़ दिया।

हेड कॉन्स्टेबल की मौत की खबर से पुलिस महकमे में शोक फेल गया। इसके बाद शव को आरके हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वही हेड कॉन्स्टेबल के परिजनों सहित बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग भी आरके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी पहुंच गए। जहां पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।

पहले दौर की वार्ता रही फेल बाद में हॉस्पिटल परिसर में ही एएसपी महेन्द्र पारीक, डीवाईएसपी विवेक सिंह की मौजूदगी में परिजनों व समाज के लोगों के साथ वार्ता की गई। जहां परिजनों ने 5 करोड़ का मुआवजा, पूरण सिंह के दोनों बेटों को सरकारी नौकरी व पुलिस टीम का बहाल किये जाने की मांग रखी। इन मांगों को लेकर मंगलवार सुबह 11 बजे वार्ता शुरू हुई जो दोपहर 12 बजे तक चली, लेकिन वार्ता सफल नहीं रही।

हेड कॉन्स्टेबल की मौत के मामले में आरके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर राजपूत समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया।

हेड कॉन्स्टेबल की मौत के मामले में आरके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर राजपूत समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया।

कलेक्ट्रेट में हुई दूसरे दौर की वार्ता भी फेल रही उसके बाद समाज के 11 प्रतिनिधियों को कलेक्ट्रेट बुलाया गया। जहां मंगलवार दोपहर 1 बजे कलेक्टर अरूण कुमार हसीजा व एसपी ममता गुप्ता ने समाज के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता शुरू की। यहां पर मुआवजा और दोनो बेटों को सरकारी नौकरी पर सहमति नहीं बनने पर सभी लोग नाराज होकर वापस आरके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी आ गए।

इस दौरान पुलिस की ओर से एएसपी महेन्द्र पारीक ने बताया कि कांकरोली पुलिस की टीम में शामिल चारों पुलिसकर्मियों को ज्वेलरी व्यापारी की मौत के बाद हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह, शक्ति सिंह, जगदीश व कॉन्स्टेबल दुर्गेश को निलंबित किया था। इन सभी को बहाल कर दिया गया। बाद में सरकार की ओर से 5 लाख की मुआवजा राशि व हिन्दुस्तान जिंक से ओर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाया और मंगलवार शाम करीब 4.45 पर शव लेकर रवाना हुए।

पहले दौर की वार्ता में सहमति नहीं बनने के बाद समाज के लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पहले दौर की वार्ता में सहमति नहीं बनने के बाद समाज के लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

एएसपी बोले- चारों पुलिसकर्मियों को बहाल किया एएसपी महेन्द्र पारीक ने कहा- जांच टीम के चारों पुलिस कर्मियों को बहाल किया गया। इससे पहले सोमवार को एसपी ममता गुप्ता ने बताया कि कांकरोली थाना सर्किल में चोरी की वारदात में भीलवाड़ा जिले के सर्राफा व्यापारी खूबचंद को चोरी का माल खरीदने के सत्यापन के लिए बुलाया था। जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और इलाज के दौरान मौत हो गई। खूबचंद पर पूर्व में चोरी का माल खरीदने को लेकर चालान पेश हुए थे। वही हेड कॉन्स्टेबल की मौत के बाद प्रदर्शन और मांग को लेकर कहा कि पुलिस ने जांच टीम के चारों पुलिस कर्मचारियों को बहाल कर दिया है।

1998 में पुलिस में भर्ती हुए थे हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह पुत्र फतेह सिंह चौहान नाथद्वारा तहसील के कल्ला खेड़ी निवासी थे। पूरण सिंह 1998 में राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए थे और उनके रिटायमेंट के 16 साल बाकी थे। वर्तमान में राजनगर पुलिस थाने में तैनात थे, जो सीईओ सर्किल होने के कारण कांकरोली पुलिस की टीम में गए थे। उनके 2 बेटे जितेंद्र​ सिंह (23) और अमित सिंह (21) है।

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राजसमंद में चोरी का मामला पुलिस के गले की फांस बन गया। दरअसल चोरी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा। उसने कहा कि चोरी का माल एक ज्वेलर को बेच दिया। पुलिस ने ज्वेलर को थाने बुलाया। आरोप है कि वहीं उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। मामला राजसमंद के कांकरोली थाना का है। (पढ़ें पूरी खबर)



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