रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे देश को सभी सीमाओं से पूरा सहयोग मिला। राजस्थान के लोगों का भी सेना को सहयोग मिला।
पहलगाम में आतंकवादियों ने हमारे देश के नागरिकों को धर्म पूछकर मारा। लेकिन हमारी सेना ने आतंकवादियों और उनको शह देने वालों को कर्म के आधार पर मारा।
उन्होंने कहा- इस ऑपरेशन की खास बात ये थी कि जो टारगेट तय किया था, हमारी सेना ने सटीक उसी टारगेट पर अटैक किया।
राजनाथ ने कहा- हमारे युवाओं की ऊर्जा और उनके संकल्प को ऑपरेशन सिंदूर में देखा है। हमारी सेना ने पाकिस्तान की कायराना हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया है।
रक्षा मंत्री सोमवार को जोधपुर के लालसागर में डिफेंस एकेडमी के शुभारंभ पर संबोधित कर रहे थे।

राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम के दौरान उद्योगपति RK दमानी की बेटी मधु चांडक को भी सम्मानित किया।
सेना से पूछा था- आप लोग ऑपरेशन के लिए तैयार हैं? रक्षा मंत्री ने कहा- पहलगाम में आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को अटैक किया था। 23 अप्रैल को मैंने सभी डिफेंस चीफ को बुलाया। सभी डिफेंस चीफ से एक ही सवाल किया गया कि आप लोग ऑपरेशन के लिए तैयार हैं। इस पर हमारी तीनों सेना के चीफ बोले- सर, हम किसी भी ऑपरेशन के लिए तैयार हैं। ये भारत की ताकत है। प्रधानमंत्री ने भी आवश्यक निर्देश दिए थे।
आतंकवादियों को धर्म देखकर नहीं मारा राजनाथ सिंह ने कहा- भारत एक ऐसा देश है, जो भारत की सीमा में ही रहने वाले लोगों को अपना परिवार नहीं मानता। बल्कि पूरे विश्व के लोगों को अपना परिवार मानता है। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना हमारे देश में है। इसके अलावा ऐसा कोई देश दुनिया में नहीं है। यहां जाति, पंथ, धर्म के नाम पर भेदभाव करने वाले नहीं हैं।
आतंकवादियों ने पहलगाम में धर्म पूछकर गोली मारी, लेकिन हमारी सेना के जवानों ने आतंकवादियों और उनको शह देने वालों को धर्म देखकर नहीं बल्कि उनका कर्म देखकर मारा। हमने वहां किसी सिविलियन पर आक्रमण नहीं किया। हम लोगों ने जहां आतंकवादियों के केंद्र थे। वहीं पर ही आक्रमण किया।
रामायण का उदाहरण देकर समझाया रामायण का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा- हम उस परंपरा का पालन करने वाले हैं, जिसके बारे में आप रामायण में पढ़ते होंगे। हनुमानजी लंका में तोड़फोड़ करने के बाद जब माता सीता के पास पहुंचे थे। तब माता सीता ने पूछा कि हनुमान तुमने ये क्या कर दिया? इतनी तोड़फोड़ क्यों कर दी? तब हनुमानजी ने माता को कहा- ‘जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे।’ यानी जिन्होंने मुझे मारा, मैंने उन्हें मारा।
ऑपरेशन सिंदूर में भी यही हुआ। जिन आतंकवादियों ने हमारी सेना के जवानों को मारा था, हमने उन्हें ही मारा। युद्ध में भी नैतिकता का पालन किया जाना चाहिए। यह भारत की परंपरा है। हमने उसका पालन किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पहले कहते थे- भारत गरीबों का भारत है, लेकिन आज दुनिया में धारणा बदल गई। पहले भारत जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता था। तब भारत की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता था। आज भारत किसी भी मंच पर बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है। ये भारत की हैसियत है।
हम न झुकेंगे, न टूटेंगे राजनाथ ने अमेरिका के टैरिफ का जिक्र किए बिना कहा- आज पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा ही सशक्त नेतृत्व है। दुनिया का कोई भी देश चाहे कुछ भी करे, कितना भी ताकतवर देश हो, झुकते नहीं हैं। हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि न झुकेंगे, न टूटेंगे।

कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
राजस्थान के बेटा-बेटी बॉर्डर पर तैनात रहते हैं कार्यक्रम की शुरुआत में राजनाथ ने कहा- मैं कई महीनों बाद राजस्थान की धरती पर आया हूं। इस वीर भूमि को नमन करता हूं। इस भूमि ने असंख्य शूरवीर और बलिदानी पुत्र दिए हैं। यहां की मिट्टी में शौर्य, पराक्रम, मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने की हृदय में तड़पन भी है। ये केवल राजस्थान में देखने को मिलेगा।
राजनाथ ने कहा- हमने बचपन से ही राजस्थान के वीरों की कहानियां पढ़ी हैं। इनमें महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास राठौड़, बप्पा रावल, पन्ना धाय जैसे अनगिनत बलिदानी हैं, जो आज हमारे प्रेरणा स्त्रोत हैं। ये धरती रणबांकुरों की धरती है।
दूसरी तरफ मीरा बाई, धन्ना भगत, पीपा भक्त जैसे भक्त शिरोमणियों ने समाज की शक्ति और समरसता का पाठ पढ़ाकर समाज को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा- शक्ति और भक्ति, साहस, शौर्य, आस्था, आत्मगौरव का कोई संगम है, वो राजस्थान है।
यहां की वीर भूमि ने कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की। यहां के बेटे-बेटियों ने हमेशा देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है, जिसमें वे कभी पीछे नहीं हटे। आज भी यहां के बेटे-बेटियाें को बॉर्डर पर देखता हूं कि तिरंगे की आन-बान-शान के लिए सीना तानकर खड़े हैं। जिंदगी चली जाए उन्हें मंजूर है, लेकिन हमारा तिरंगा किसी भी प्रकार से झुकना नहीं चाहिए। ऐसी भूमि पर जन्म लेना बड़े सौभाग्य की बात है।

समय के साथ बदली शिक्षा प्रणाली रक्षा मंत्री ने देश की शिक्षा प्रणाली पर कहा- समय के साथ इसमें परिवर्तन आया है। आज बच्चे तकनीक के सहारे शिक्षा पा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाना आसान काम नहीं है। इसके लिए कई कमीशन बने, कई सिफारिशें हुईं, लेकिन उतना सुधार नहीं हो पाया, जितना होना चाहिए था।
उन्होंने अपने शिक्षा मंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा- जब वह यूपी के शिक्षा मंत्री थे। उस दौरान नकल रोकने के लिए एक कानून लेकर आए थे। पहले हालत ये थे कि 75 से 80% तक हाई स्कूल का रिजल्ट आता था। जब कानून लाए तो उस समय 14.2 प्रतिशत रिजल्ट आया था, लेकिन राजनीति है।
उस समय लोगों ने उन्हें चुनाव हरवा दिया कि हमारे बच्चों को पास नहीं करने दिया। दूसरी पार्टी के एक नेता आए। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री बनते ही इस कानून को समाप्त कर देंगे। आपको आश्चर्य होगा कि लोगों ने उन्हें बंपर वोटों से जिता दिया। क्या देश में आवश्यक नहीं है कि ऐसे व्यक्तियों का निर्माण हो समाज हित, देश हित में सोचें।
भारत का ऑपरेशन सिंदूर…



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