मसूरिया बाबा रामदेव दर्शन के साथ बाबा की बीज पर रावण का चबूतरा मैदान में सबसे बड़ी भजन संध्या बाबा रामदेव की आरती के साथ शुरू हुई, जो अलसुबह तक जारी रही।
जोधपुर के मसूरिया धाम में आज भाद्रपद शुक्ल द्वितीया (बाबा री बीज) पर लोक देवता बाबा रामदेव का 641वां मेला है। मेले की शुरुआत सुबह 4:15 बजे 108 ज्योत की महाआरती के साथ हुई, जिसमें लाखों श्रद्धालु उमड़े। इसी कड़ी में रात को एशिया की सबसे बड़ी भजन संध्या

मसूरिया स्थित बाबा रामदेव जी के मंदिर में मुख्य रूप से बाबा रामदेव जी के गुरु श्री बालिनाथ जी महाराज की समाधि के दर्शन किए जाते हैं।
पिछले 30 साल से लगातार भजन संध्या का आयोजन करने वाली संस्था बाबा रामदेव सेवा संस्थान के अध्यक्ष करणसिंह राठौड़ ने बताया कि यहां होने वाली भजन संध्या इस श्रेणी में एशिया का सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें रात से लेकर सुबह तक तकरीबन 5 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेने पहुंचते हैं।

उधर, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया- 20 साल बाद इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु (जातरूओं) यहां पहुंचे हैं। इससे पहले रविवार रात 12 बजे से 51 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ दुग्धाभिषेक किया। बाबा रामदेव के दर्शन के लिए श्रद्धालु लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
यहां से रामदेवरा के लिए प्रस्थान करने वाले जातरूओं के लिए रेल प्रशासन ने एक और मेला स्पेशल ट्रेन शुरू की है, जो भगत की कोठी से आज शाम 7:10 बजे रवाना हो गई।

रात 12 बजे भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की, जिससे वे लगभग एक घंटे में बाबा के दर्शन कर पाए।आज लगभग 5 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचें। श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और गर्मी से राहत के लिए टीन शेड में पंखों का पर्याप्त इंतजाम किया गया।

पाल रोड पर भी रात 1 बजे तक डीजे पर गूंजते भजनों पर झूमते नजर आए बाबा के जातरू।

बाबा के जातरूओं का इस तरह आनंद कदम-कदम पर दिखाई दे रहा है। जहां डीजे पर बजते भजनों की धुन पर बाबा के ये श्रद्धालु मस्ती में झूमते दिखाई दे रहे हैं।

मसूरिया सहित शहर के कई इलाकों में जातरूओं के गुजरने वाले रास्तों पर जगह-जगह भंडारे चल रहे हैं, जहां बाबा के भक्तों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है।
मसूरिया धाम के मेले से जुड़े 4 बड़ी बातें..
- मसूरिया धाम में आयोजित मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए और 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। महिला सुरक्षा के लिए विशेष कालिका टीम भी तैनात की गई है। श्री पीपा क्षत्रिय समस्त न्याति सभा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र चौहान के मार्गदर्शन में 300 से अधिक स्वयंसेवक व्यवस्था में जुटे हुए हैं।
- 14वीं सदी के महान समाज सुधारक बाबा रामदेव (1409-1442) को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। उन्होंने जाति-पांति का विरोध करते हुए छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। हिंदू उन्हें बाबा रामदेव जी कहते हैं, तो मुस्लिम रामसा पीर के नाम से पूजते हैं, जो धार्मिक एकता के प्रतीक हैं।
- बाबा रामदेव का यह मेला केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी लाखों श्रद्धालु आते हैं। भक्त सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर सफेद और पचरंगी ध्वजाओं के साथ दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
- जोधपुर में 25 अगस्त को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। मसूरिया के बाद भक्त रामदेवरा (जैसलमेर) जाते हैं, जहां मुख्य मेला 25 अगस्त से 3 सितंबर तक चलेगा और 2 सितंबर को रामदेव जयंती मनाई जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
- हर साल की तरह इस साल भी रावण का चबूतरा मैदान परिसर में बाबा की बीज पर भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। बाबा रामदेव सेवा समिति के अध्यक्ष करणसिंह राठौड़ के अनुसार यह एशिया की सबसे बड़ी भजन संध्या होगी।

बाबा के जातरूओं को गर्मी और उमस में भी परेशानी नहीं हो, इसके लिए जगह-जगह पर पर्याप्त पंखे व पीने के पानी का इंतजाम किया गया है।
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