समय- सुबह 7 बजे
राजस्थान के बारां जिले के आखाखेड़ी गांव के रहने वाले मास्टर प्रेमनारायण मीणा के घर पर उन का भतीजा राजू दूध लेने पहुंचा। उनके घर का मुख्य गेट न बंद था और न ही खुला हुआ था।
गेट भिड़ा हुआ था तो जरा सा धक्का देने पर खुल जाता था। राजू ने गेट खोला और अंदर चला गया। यहां उसकी नजर जैसे ही आंगन में चारपाई पर पड़ी तो वह सिहर गया। बिस्तर पर चाचा प्रेमनारायण की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। यह देख कर राजू जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगा।
उसकी आवाज सुन कर प्रेमनारायण की 40 वर्षीया पत्नी रुक्मणी अपने कमरे से बाहर आई। उसने राजू से कहा कि क्या हो गया है? रो क्यों रहे हो? इतने में रुक्मणी की नजर भी चारपाई पर खून से लथपथ पड़े पति पर पड़ी। वह भी बदहवास हो गई और जोर-जोर से रोने-चिल्लाने लगी।

प्रेमनारायण मीणा का शव घर के आंगन में चारपाई पर पड़ा मिला।- फोटो AI जनरेटेड
बाहर से बंद था दोनों बच्चों का कमरा प्रेमनारायण के दो बच्चों वैभव मीणा और ऋचा मीणा ने भी कमरे में उसके रोने की आवाज सुनी। वह भी दरवाजा पीटने लगे कि क्या हुआ? क्यों रो रही हो? दरवाजा खोलो। उन भाई-बहनों के कमरे के दरवाजे के बाहर कुंडी लगी हुई थी। कुंडी खोली तो दोनों भाई-बहन बाहर आ कर पिता की लाश देख कर रोने लगे।
इधर मास्टर प्रेमनारायण के घर से सुबह सवेरे रोने की आवाज सुन कर गांव में आस-पास के लोग भी वहां आ गए। थोड़ी देर में पूरे आखाखेड़ी गांव में मास्टर की हत्या की खबर आग की तरह फैल गई।
पुलिस थाना छीपा बड़ौद में भी किसी ने मास्टर प्रेमनारायण के मर्डर की सूचना पहुंचा दी थी। सूचना मिलते ही तत्कालीन एसएचओ रामस्वरूप मीणा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
एसएचओ मीणा ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। घर वालों ने उन्हें बताया कि रात में अज्ञात लोगों ने घर में सो रहे सरकारी टीचर प्रेमनारायण की धारदार हथियार से गले, मुंह और सिर पर वार कर के हत्या कर दी थी।
पुलिस पूछताछ में मीणा की पत्नी रुक्मणी ने बताया कि वह कमरे में सो रही थी। उसके दोनों बच्चे वैभव और ऋचा अलग कमरे में सो रहे थे। बड़ी बेटी ससुराल में थी। वहीं उसके पति प्रेमनारायण आंगन में चारपाई पर अकेले सो रहे थे।

प्रेमनारायण मीणा का लहूलुहान शव देखकर पत्नी और दोनों बच्चे बेसुध हो गए। – फोटो AI जनरेटेड
सूख गया था घावों का खून एसएचओ रामस्वरूप मीणा ने इस दर्दनाक और हैरतअंगेज मर्डर की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी। तत्कालीन बारां एसपी विनीत कुमार बंसल ने तत्कालीन छाबड़ा सीओ ओमेंद्र सिंह शेखावत व तब के प्रोबेशनरी आरपीएस जयप्रकाश अटल को निर्देश दिए कि वे तत्काल मौके पर जा कर इन्वेस्टिगेशन कर जल्द से इस हत्याकांड का खुलासा करें।
एसपी के निर्देश पर दोनों तत्कालीन सीओ ओमेंद्र सिंह और जयप्रकाश अटल घटनास्थल पर पहुंचे। लोकल एसएचओ से घटना से संबंधित जानकारी ली। पुलिस ऑफिसर्स ने एफएसएल एवं डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाकर एविडेंस जुटाने के निर्देश दिए।
प्रेमनारायण मीणा (मृतक) के मुंह, सिर और गर्दन पर लगे गहरे घावों से रिसा खून सूख चुका था। इसका मतलब था कि हत्या को 6-7 घंटे का समय हो चुका था। एफएसएल टीम के एविडेंस इकट्ठे करने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमाॅर्टम के लिए हॉस्पिटल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने अपने मुखबिरों को इस केस से जुड़े फैक्ट्स जुटाने के लिए लगा दिया।

प्रेमनारायण मीणा की पत्नी से पूछताछ करती पुलिस। – फोटो AI जनरेटेड
एमपी में पोस्टिंग, 15-20 दिन में आते थे गांव पड़ताल में सामने आया कि प्रेमनारायण मीणा सरकारी स्कूल में टीचर थे। उनकी पोस्टिंग एमपी के गुना जिले के फतेहगढ़ के सरकारी स्कूल में थी। वह छुट्टी पर घर आए हुए थे। वह हमेशा 15-20 दिन बाद छुट्टी पर गांव आते थे।
पुलिस को पता चला कि प्रेमनारायण घर के आंगन में सोए थे। उनकी बीवी रुक्मणी कमरे में अलग सोई हुई थी। उनके 3 बच्चे हैं, जिन में से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी थी। वह अपनी ससुराल में थी। छोटे दोनों बच्चे वैभव व ऋचा अलग कमरे में सो रहे थे।
पुलिस इन्वेस्टिगेशन में कई ऐसे सवाल थे, जिनके जवाब तलाशे जाने थे

मर्डर मिस्ट्री सॉल्व करने के लिए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही थी। – फोटो AI जनरेटेड
पहला सवाल : मास्टर प्रेमनारायण मीणा का घर का गेट खुला हुआ क्यों था ?
दूसरा : हत्या करने वाले बदमाश किस रास्ते से घर में आए थे ?
तीसरा : इतने वीभत्स मर्डर के बाद भी पास ही सो रहे बीवी-बच्चों को भनक क्यों नहीं लगी ?
चौथा : छुट्टी में घर आए मास्टर प्रेमनारायण मीणा और उनकी पत्नी रुक्मणी अलग-अलग क्यों सो रहे थे ?
पांचवां : दोनों बच्चों के कमरे के बाहर की कुंडी क्यों लगी थी ?
आखिरी और सबसे अहम सवाल : मास्टर प्रेम नारायण मीणा को किसने और क्यों मारा था?
कल पार्ट-2 में पढ़िए इन सभी सवालों के जवाब…

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