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सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में RPSC के पूर्व सदस्य रामूराम राईका सहित 23 आरोपियों को सोमवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इन आरोपियों में ट्रेनी SI, डमी कैंडिडेट्स, हैंडलर और पेपर खरीदने वाले शामिल हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने 30 आरोपिय

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जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने 19 अगस्त को सभी 53 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज कोर्ट ने फैसला सुनाया।

इससे पहले, राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को SI भर्ती-2021 को रद्द कर दिया। 859 पदों के लिए एग्जाम हुआ था। पेपर लीक में कई ट्रेनी एसआई पकड़े गए थे।

रामूराम राईका की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ वकील विवेकराज बाजवा ने कहा-

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आरोपी लंबे समय से जेल में है। मामले में चालान पेश हो चुका है। ऐसे में अब आरोपी को कस्टडी में रखने का कोई मतलब नहीं है। समान केस में सुप्रीम कोर्ट सह-आरोपियों को जमानत दे चुका है।

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इन आरोपियों को भी मिली जमानत हाईकोर्ट ने ट्रेनी SI संतोष, इंदूबाला, विमला, मोनिका, मनीषा सिहाग, वर्षा, डमी इंद्रा, छम्मी बाई, हैंडलर सुनील कुमार बेनीवाल, लोकेश शर्मा, अरुण शर्मा, कमलेश ढाका को भी जमानत दी।

ब्लूटूथ से नकल करने वाले जयराज सिंह, फोटोकॉपी मशीन संचालक महेंद्र कुमार सहित राजेंद्र कुमार यादव, श्यामप्रताप सिंह, शैतानाराम, अरुण कुमार प्रजापत, महेंद्र कुमार, दीपक राहड़, बुद्धिसागर उपाध्याय और ट्रेनी SI चंचल के पिता श्रवणराम को भी जमानत मिली है।

इनको नहीं मिली जमानत सरगना तुलछाराम कालेर, भूपेंद्र सारण, गोपाल सारण, अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह, पौरव कालेर को हाईकोर्ट ने जमानत नहीं दी।

ट्रेनी SI नरपतलाल विश्नोई, भागीरथ विश्नोई, मदनलाल, हैंडलर ओमप्रकाश ढाका, विजेंद्र कुमार जोशी, आदित्य उपाध्याय की भी जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

डमी रामखिलाड़ी मीणा, आरएएस डमी हनुमाना राम, पेपर सॉल्वर नरेशदान चारण, जयपुर स्कूल संचालक राजेश खंडेलवाल और जोधपुर स्कूल का संचालक सोमेश गोदारा की जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया।

कालेर गैंग के सदस्य हर्षवर्धन कुमार मीणा और गमाराम उर्फ धमाराम को भी जमानत नहीं मिली।

रिंकू कुमार शर्मा, संदीप कुमार लाटा, वीरेंद्र मीणा, रमेश कुमार विश्नोई, स्वरूपचंद मीणा, कुंदन कुमार पंड्या, रामनिवास विश्नोई, पुरुषोत्तम दाधीच, श्रवणकुमार गोदारा, अशोक सिंह नाथावत, विक्रमजीत विश्नोई, राजेंद्र कुमार यादव उर्फ राजू की भी जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।

एक साल पहले हुआ था गिरफ्तार रामूराम राईका को 1 सितंबर 2024 को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने 5 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। राईका पर आरोप है कि उसने निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा से अपने बेटे और बेटी के लिए परीक्षा से पहले पेपर लिया था। कटारा सीनियर टीचर भर्ती और SI भर्ती पेपर लीक मामले में जेल में है।

रामूराम राईका को 4 जुलाई 2018 को तत्कालीन बीजेपी राज (वसुंधरा राजे सरकार) के दौरान RPSC का मेंबर बनाया था। राईका 4 जुलाई 2022 तक मेंबर रहा था।

रामूराम राईका के बेटे देवेश और बेटी शोभा को 3 महीने पहले जमानत मिली थी।

रामूराम राईका के बेटे देवेश और बेटी शोभा को 3 महीने पहले जमानत मिली थी।

बेटे-बेटी को सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत रामूराम राईका के बेटे देवेश और बेटी शोभा को करीब तीन महीने पहले सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। SOG ने राजस्थान पुलिस एकेडमी (RPA) से शोभा राईका और उसके भाई देवेश राईका को पेपर लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। भर्ती में शोभा की 5वीं और देवेश की 40वीं रैंक बनी थी। इसके अगले ही दिन SOG ने इनके पिता रामूराम राईका को भी गिरफ्तार किया था।

अब जानिए क्या था SI भर्ती रद्द का हाईकोर्ट का आदेश… राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को एसआई भर्ती 2021 रद्द कर दी थी। 859 पदों के लिए एग्जाम हुआ था। पेपर लीक में कई ट्रेनी एसआई पकड़े गए थे। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने फैसला सुनाते हुए 202 पेज के आदेश में कहा था- इस भर्ती का पेपर पूरे प्रदेश में फैला।

पेपर लीक में आरपीएससी के 6 सदस्यों की भूमिका थी। ब्लूटूथ गैंग के पास भी भर्ती का पेपर पहुंचा। इन हालात में इस भर्ती को जारी नहीं रखा जा सकता है। कोर्ट ने निर्देश दिए कि साल 2025 की भर्ती में इस भर्ती के पद भी जोड़े जाए। वहीं एसआई भर्ती 2021 के सभी अभ्यर्थियों को इसमें फिर शामिल किया जाए।

पढ़िए- हाईकोर्ट ने आरपीएससी को लेकर क्या कहा था?

1. RPSC के तत्कालीन अध्यक्ष की भी गड़बड़ी मानी कोर्ट ने अपने 202 पेज के आदेश में कहा था- इस भर्ती के पेपर लीक होने में आरपीएससी के चेयरमैन सहित 6 सदस्यों की सक्रिय भूमिका भी सामने आई है। इससे साबित है कि घर के भेदियों ने ही लंका को ढहा दिया। भर्ती की गोपनीयता तब ही भंग हो गई थी, जब आरपीएससी के पूर्व सदस्य ने हाथ लिखित पेपर प्रिंटिंग प्रेस में पहुंचने से पहले ही लीक कर दिया था। आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय के भी मामले में शामिल होने से इसकी गंभीरता बढ़ती है।

2. आरपीएससी सदस्य मंजू शर्मा, संगीता आर्य और जसवंत राठी पर सवाल श्रोत्रिय ने न केवल रामूराम राईका को उनके बेटे और बेटी के साक्षात्कारों से संबंधित भविष्य की कार्रवाई के बारे में निर्देश दिए, बल्कि खुद ने भी साक्षात्कार पैनल में सक्रिय तौर पर भाग लिया था।

कोर्ट ने RPSC के सदस्यों की गंभीर लिप्तता मानते हुए आदेश में कहा था- रामूराम राईका ने बाबूलाल कटारा, संगीता आर्य, मंजू शर्मा और जसवंत राठी से अपने दोनों बच्चों के इंटरव्यू को लेकर बात की है, जो सिस्टमैटिक भ्रष्टाचार को दर्शाता है।

3. कटारा को इंटरव्यू पैनल में शामिल करना गंभीर अपराध राईका अपने बच्चों को पास करने के लिए संजय श्रोत्रिय से मिला और शोभा राईका की फोटो कटारा को दिखाकर ड्रेस भी बताई और शोभा राईका के इंटरव्यू पैनल में बाबूलाल कटारा ही था। बेटे देवेश राईका के इंटरव्यू पैनल में संजय श्रोत्रिय था। ऐसे में इस भर्ती की शुचिता नहीं रही है और इसको इसी स्टेज पर रद्द कर दिया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने आदेश में लिखा- विवादित भर्ती प्रक्रिया के इंटरव्यू पैनल में बाबू लाल कटारा को शामिल करना, अपने आप में एक गंभीर अपराध है। जबकि उदयपुर में बाबू लाल कटारा के खिलाफ जांच चल रही थी।

4. प्रिंटिंग प्रेस में पहुंचने से पहले ही लीक हुआ पेपर कोर्ट ने कहा- आरपीएससी सदस्य ने पेपर प्रिंटिंग प्रेस में पहुंचने से पहले ही लीक कर दिया था। रामूराम राईका ने बाबूलाल कटारा को बताया था कि उसकी बेटी इंटरव्यू में कौनसी ड्रेस पहनकर आएगी, जिससे वो उसे पहचान सके।

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राजस्थान हाईकोर्ट ने SI भर्ती-2021 रद्द करने के फैसले में पेपर लीक में RPSC के 6 सदस्यों की भूमिका का जिक्र किया। इनमें 2 पूर्व अध्यक्षों संजय श्रोत्रिय, जसवंत राठी और 4 सदस्यों के नाम हैं। (पढ़ें पूरी खबर)



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