राजस्थान में बस से सफर करने वालों के लिए एक बड़ी और बुरी खबर सामने आई है। अब रोडवेज की बसों में यात्रा करना महंगा हो गया है। सरकार ने रोडवेज बसों के किराए में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। ये नया किराया 6 अगस्त की रात 12 बजे से पूरे राजस्थान में
इस किराया के बढ़ने से सबसे बड़ा फायदा निजी बस संचालकों को हो सकता है। क्योंकि अब लोग सस्ती यात्रा के विकल्प की तलाश में निजी बसों की तरफ रुख कर सकते हैं। पहले से ही कई निजी बसें अलग-अलग रूट पर चल रही हैं और अब रोडवेज का किराया बढ़ने से वे और भी लोकप्रिय हो सकती हैं। हालांकि, यह भी देखा गया है कि कुछ निजी बस मालिकों ने भी अपने किराए बढ़ा दिए हैं। ऐसे में अब यात्रियों को चाहे वे रोडवेज में सफर करें या निजी बस में, हर तरफ से जेब पर बोझ बढ़ता नजर आ रहा है।
सरकार की नई घोषणा के मुताबिक, अब रोडवेज की हर कैटेगरी की बसों का किराया बढ़ गया है। इसमें साधारण बस, एक्सप्रेस, सेमी डीलक्स, डीलक्स, एसी और सुपर लग्जरी बसें शामिल हैं। इन सभी में प्रति किलोमीटर किराए में 10 पैसे से लेकर 20 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है।
नई दरों के अनुसार अब यात्रियों को साधारण बस में 10 पैसे प्रति किलोमीटर ज्यादा देना होगा। एक्सप्रेस-मेल बस में भी 10 पैसे प्रति किलोमीटर का इजाफा हुआ है। सेमी डीलक्स बस में 12 पैसे, डीलक्स और एसी बसों में 15 पैसे, और सुपर लग्जरी एसी बसों में 20 पैसे प्रति किलोमीटर का किराया बढ़ाया गया है।
सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी पहले से तय दरों के अनुसार की गई है और यह 5 अगस्त की रात 12 बजे के बाद बुक होने वाले सभी टिकटों पर लागू हो गई है। यानी जो यात्री 6 अगस्त से रोडवेज में सफर कर रहे हैं, उन्हें हर हाल में नया बढ़ा हुआ किराया देना होगा।

रोडवेज बसों में सफर करना अब हुआ महंगा।
छोटी दूरी की यात्रा करने वालों को इसका बहुत बड़ा असर शायद ना लगे, लेकिन लंबी दूरी वाले यात्रियों के लिए यह बढ़ोतरी काफी भारी पड़ सकती है। जैसे कि अगर कोई 300 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो उसे अब करीब 30 से 40 रुपए तक ज्यादा देने पड़ सकते हैं।
चित्तौड़गढ़ जिले की बात करें, तो यहां से अलग-अलग रूटों पर 60 से ज्यादा रोडवेज बसें चल रही हैं। इन बसों में से कुछ तीन-तीन रूटों पर एक ही समय में काम करती हैं। अब इन रूटों पर सफर करने के लिए लोगों को ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
उदाहरण के लिए, चित्तौड़गढ़ से श्रीनगर वाया जयपुर जाने में पहले 305 रुपए लगते थे, अब 340 रुपए देने होंगे। अजमेर वाया जयपुर के लिए पहले 330 की जगह अब 360 रुपए चुकाने होंगे। चित्तौड़गढ़ से सीधा अजमेर जाने पर पहले 200 लगते थे, अब 220 रुपए देने होंगे। भीलवाड़ा जाने पर 60 की जगह 65 रुपए, कोटा के लिए 185 की जगह 200 रुपए, बांसवाड़ा के लिए 200 की जगह 220 रुपए लगेंगे।
इसी तरह उदयपुर और प्रतापगढ़ के लिए पहले 120 रुपए किराया लगता था, जो अब बढ़कर 130 रुपए हो गया है। निंबाहेड़ा के लिए पहले 30 रुपए लगते थे, अब यात्रियों को 35 रुपए देने होंगे।

यात्रियों पर किराए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
इन बढ़ी दरों के बीच एक राहत की बात यह है कि बस के किराए में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अन्य अतिरिक्त चार्ज जैसे लगेज चार्ज, बुकिंग चार्ज, टैक्स आदि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी टिकट का बेस किराया तो बढ़ा है, लेकिन अन्य शुल्क पहले जैसे ही रहेंगे।
यह नई दरें केवल राजस्थान राज्य की सीमा के अंदर लागू होंगी। इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई बस राजस्थान से बाहर जाती है, तो वहां के लिए अलग दरें लागू हो सकती हैं।
राजस्थान रोडवेज पहले से ही घाटे में चल रही है। इसी कारण यह बढ़ोतरी की गई है ताकि रोडवेज को थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन यात्रियों की शिकायत यह है कि किराया तो बढ़ गया है, लेकिन बसों की स्थिति, सफाई, समय पर संचालन और सुविधाएं अभी भी खराब हैं। ऐसे में बिना सुधार के सिर्फ किराया बढ़ाना लोगों को अच्छा नहीं लग रहा।
इस स्थिति का फायदा अब निजी बस मालिक उठा रहे हैं। कुछ निजी बस संचालकों ने भी अपने किराए बढ़ा दिए हैं। पहले से ही निजी बसों का किराया रोडवेज से ज्यादा होता था, अब रोडवेज का किराया बढ़ने से उन्होंने भी बहाना बनाकर अपने दाम बढ़ा दिए हैं। क्योंकि निजी बसों का किराया सरकार तय नहीं करती, इसलिए वे अपनी मर्जी से जो चाहें वसूल सकते हैं। वहीं, कुछ निजी बस संचालक ने पहले की तरह ही किराया रखा है ताकि लंबी दूरी के यात्री उन बसों के लिए टिकट बुक करवाए।
इन सबके बीच आम जनता की जेब पर बोझ और बढ़ गया है। जो लोग रोज सफर करते हैं, जैसे ऑफिस जाने वाले, छात्र, व्यापारी, उन्हें इसका सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ रहा है।
हालांकि, सरकार ने रक्षाबंधन के मौके पर एक राहत भरी खबर भी दी है। सरकार ने ऐलान किया है कि 9 अगस्त और 10 अगस्त को महिलाओं के लिए रोडवेज की बस सेवा बिल्कुल मुफ्त होगी। इसका मतलब है कि इन दो दिनों में महिलाएं राजस्थान राज्य की सीमा के भीतर कहीं भी रोडवेज बस से फ्री में यात्रा कर सकेंगी।
यह सुविधा रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए दी गई है, क्योंकि इस दिन बहुत सारी महिलाएं अपने भाइयों से मिलने जाती हैं। इससे उन्हें सफर में आर्थिक राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि राजस्थान में अब रोडवेज बस से सफर करना पहले से महंगा हो गया है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। हालांकि सरकार ने त्योहार पर महिलाओं को राहत देने की कोशिश की है, लेकिन आम दिन में हर यात्री को बढ़े हुए किराए का भुगतान करना ही पड़ेगा।
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