राजस्थान में भारी बरसात ने आमजन, किसानों के साथ-साथ प्रशासन की मुसीबत बढ़ा दी है। भारी बरसात से प्रदेश में कई इलाके जलमग्न हो गए। कई शहरों, गांवों और कस्बों में बाढ़ जैसे हालात हो गए। रविवार को सबसे ज्यादा 7 इंच बरसात नागौर में दर्ज हुई।
नागौर के बच्चाखाडा में मकान ढहने से 2 लोगों की मौत हो गई। वहीं लोहारपुरा क्षेत्र में भी एक पुराना मकान भरभरा कर गिर गया। उदयपुर के डबोक में रविवार को कुंवारी माइंस में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत हो गई।
सीकर शहर में रात को भारी बारिश से मेन मार्केट में 2 से 3 फीट तक जल भराव हो गया। सीकर के बस स्टैंड परिसर और पुलिस चौकी में भी पानी भर गया। कई इलाकों में बिजली गुल है।
झालावाड़ में कालीसिंध नदी की पुलिया पर एक कार तेज बहाव में बह गई। कार में 4 लोग सवार थे। इनमें से एक सरकारी टीचर समेत 2 की मौत हो गई, जबकि एक टीचर समेत 2 लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
मौसम विभाग ने राज्य में तेज बारिश का दौर 27 अगस्त तक जारी रहने की संभावना जताई है। सोमवार को सिरोही, राजसमंद, उदयपुर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 13 जिलों में येलो अलर्ट है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए जयपुर-सीकर समेत 19 जिलों में कहीं एक तो कहीं दो तो कहीं तीन दिन की स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।

सवाई माधोपुर के ग्रामीण इलाके में रेस्क्यू करने जा रही एनडीआरएफ की टीम हादसे का शिकार हो गई। शनिवार को हुए हादसे में सभी जवान सुरक्षित हैं।

पिछले 24 घंटे में नागौर में सबसे ज्यादा बरसात पिछले 24 घंटे के दौरान नागौर में 173MM, डेह में 137MM, जायल में 112MM, खींवसर में 99MM, डेगाना में 85MM, छोटी खाटू में 92MM, डीडवाना में 49MM, परबतसर में 48MM, मकराना में 45MM, अजमेर के नसीराबाद में 51MM, अजमेर शहर में 61MM बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा बीकानेर के लूणकरणसर में 91MM, कोलायत में 63MM, बीकानेर शहर में 53MM, दौसा के लालसोट में 62MM, रामगढ़-पचवारा में 59MM, धौलपुर में 57MM, हनुमानगढ़ के गोलूवाला में 92MM, संगरिया में 90MM, पीलीबंगा में 73MM, जयपुर के जालसू में 49MM, झुंझुनूं के मलसीसर में 59MM, जोधपुर के बिलाड़ा में 76MM और सिरोही के माउंट आबू में 71MM बरसात दर्ज हुई।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ अभी बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज होते हुए गुजर रही है। राजस्थान के ऊपर अब भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना हुआ है, जिसके प्रभाव से राज्य में अगले तीन दिन तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

सीकर में रविवार रात हुई भारी बारिश के बाद बस स्टैंड परिसर में पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस मानसून सीजन में 91 लोगों की मौत आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून सीजन 15 जून 2025 से 24 अगस्त तक बहने या डूबने से 44, बिजली गिरने से 24 लोगों सहित 91 मौत हुई हैं। 51 लोग वर्षा जनित हादसों के कारण घायल हुए हैं।
सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा
अभी राज्य में बाढ़ से बचाव के लिए SDRF की 57 और NDRF की 7 टीमें लगी हैं। सभी जिलों में सिविल डिफेंस की टीमें कार्यरत हैं।
इस मानसून सीजन में रेस्क्यू टीमों ने विभिन्न जिलों में बाढ़ में फंसे 792 लोगों को सकुशल रेस्क्यू किया।
अब देखिए, राजस्थान में बारिश से जुड़ी PHOTOS…

सीकर में रविवार रात तेज बारिश हुई, जिससे पुलिस चौकी के अंदर भी पानी भर गया।

सीकर में नानी बीहड़ का बांध टूटने से नेशनल हाईवे-52 पर 10 किलोमीटर तक पानी भर गया।

झालावाड़ में पुलिया पर पानी के तेज बहाव में कार बह गई। कार में बैठे सरकारी टीचर समेत 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग लापता हैं।

बूंदी में भारी बारिश के कारण स्टेट हाईवे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां ट्रैफिक भी रोका गया है।

सवाई माधोपुर जिले में तीन दिन तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश से जडावता गांव के खेतों में कटाव हो गया। इससे खेतों में गहरी खाई बन गई।

नागौर शहर के लोहारपुरा क्षेत्र में बारिश के चलते एक पुराना मकान भरभरा कर गिर गया। मकान में कोई मौजूद नहीं था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।

कोटा के बोरखेड़ा इलाके के अंजलि विहार में शनिवार रात करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ कॉलोनी में घूमता नजर आया।

दौसा में बांदीकुई के मोहल्ले गोबरिया पाड़ा में तेज बारिश के कारण रविवार सुबह एक मकान ढह गया।

नागौर के बच्चाखाडा क्षेत्र में बारिश के कारण मकान ढहने से 2 लोगों की मौत हो गई।

बूंदी के बरूंधन में घाघड़ पुलिया से आगे रपट पर पानी के तेज बहाव में बाइक बह गई। युवक ने बाइक निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के चलते उसे बाइक छोड़नी पड़ी।

झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में शक्ति पीठ शाकंभरी मार्ग पर स्थित सरजू सागर कोट बांध में रविवार सुबह चादर चलने लगी।

टोंक के उनियारा में रविवार सुबह एसडीएम की गाड़ी शहरी इलाके में फंस गई। उन्हें बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया।

बूंदी में तीन दिन से हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। जिले के केशोरायपाटन, नैनवां सहित कई इलाकों में सेना रेस्क्यू में जुटी है।

जयपुर के भांकरोटा इलाके में डेढ़ से दो फीट तक पानी जमा हो गया है। रविवार सुबह यहां कई गाड़ियां डूबी नजर आईं।

दौसा की चांद बावड़ी (बांदीकुई) कई हॉलीवुड-बॉलीवुड मूवीज में भी नजर आई है। यहां झरने जैसे नजारे इन दिनों दिख रहे हैं।

कोटा के सुल्तानपुर में मकान ढहने से पति-पत्नी और बच्चा दब गए। महिला की मौत हो गई। वहीं, पति की हालत गंभीर है।

सवाई माधोपुर में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। शनिवार रात को पुलिया टूटने से पांचोलास से फलोदी और आमली विजयनगर का संपर्क टूट गया।




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