आज बात खरी है में पढ़िए- डिप्टी सीएम साहब ने क्यों सीनियर नेता पूर्व मंत्री को च्यवनप्राश गिफ्ट करने की बात कही। आपदा राहत मंत्री का कौन सा दर्द बार-बार उठता है। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की खरी-खरी सुनिए…
1. विधानसभा में याददाश्त बढ़ाने का आयुर्वेदिक नुस्खा
एम्स की तर्ज पर रिम्स यानी राजस्थान आयुर्विज्ञान विधेयक पास हो गया। रिम्स के नाम को लेकर पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने डिप्टी सीएम पर तंज कस दिया।
कहा-रिम्स का नाम भी याद हो तो बताओ। डिप्टी सीएम ने भी पलटवार किया। बोले-आपको बढ़िया च्यवनप्राश लाकर दूंगा। आप बूढ़े हो गए हैं। आपकी याददाश्त अच्छी हो जाएगी, क्योंकि रिम्स को आप दुकान बता रहे हो।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष भी बीच में कूदे। बोले-कुछ डिब्बे कानून मंत्री जोगाराम पटेलजी को भी लाकर दीजिएगा। उन्हें भी याद नहीं रहता कि भर्ती रद्द हुई या नहीं।
बहरहाल, सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम खूब हंसी-ठिठोली करते दिखे। जूली जी ने कहा- सदन में आपके आंकड़े और भैंस के काकड़े बराबर हैं। इस पर बेढम बोले- नेता प्रतिपक्ष मुद्दाविहीन राजनीति करते हैं।

विधानसभा के बाहर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम हंसी-मजाक के मूड में नजर आए।
2. आपदा राहत मंत्रीजी का पुराना दर्द और भूचाल
देश के मुखियाजी को किरोड़ी बाबा पर पूरा भरोसा था। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ओपन जिप्सी में साथ लेकर घूमे थे। जोश-जोश में सभी सीटें जीतने का वादा कर बैठे।
इलाके में अपनी पकड़ का कुछ ज्यादा ही यकीन था, लेकिन पत्ते खुले तो सब चौपट। सातों सीटें हार गए। ऐसा सदमा लगा कि अब तक रह-रहकर दर्द उठता है। बाबा बारां गए थे। वहां पत्रकार ने इस्तीफे पर सवाल पूछ लिया। बस, जैसे जख्म हरा हो गया। खुलकर टीस जाहिर कर दी।
बोले-मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी थी, लेकिन सातों सीटें हार गए। मैंने पहले ही कह दिया था कि हारे तो इस्तीफा दे दूंगा। वही मैंने किया भी। अब ऊपर से काम करने का आदेश हो गया तो देख लो तीन ही महीने में जो काम किए हैं, सब आपके सामने हैं।
आगे देखना, ऐसा काम करूंगा कि छह-आठ महीने में ही भूचाल खड़ा हो जाएगा। आपदा राहत मंत्री खुद आपदा लाने वाले काम की बात कह रहे हैं, अब देखते हैं कि भूचाल के झटके किसे महसूस होते हैं।

आपदा राहत मंत्री किरोड़ी लाल मीणा बारां पहुंचे थे। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए पुराना दर्द छलक पड़ा।
3. नेताजी का पता चलते ही गिन-गिनकर हिसाब होगा
नेताजी बदला लेने को आतुर हैं। बस एक बार दुश्मन का पता चल जाए। फिर गिन-गिनकर हिसाब लेंगे। नेताजी को नया-नया स्टारडम मिला है।
उपचुनाव में अफसर को चांटा मारकर लाइम-लाइट में आए थे। इसके बाद कहीं भी घुसकर टंगड़ी अड़ा देते हैं। झालावाड़ में स्कूल की छत गिरी तो नेताजी धरना देने पहुंच गए। पुलिस ने उठाकर अंदर डाल दिया।
42 दिन बाद जेल से बाहर निकले। निकलते ही तर्जनी उठा-उठाकर अदृश्य दुश्मन को ललकारने लगे। बोले- एक बार पता लग जाए कि किसने मुझे अंदर डलवाया था।
उसके बाद गिन-गिनकर हिसाब लूंगा। वैसे नेताजी जानते जरूर होंगे कि किसने अंदर कराया था। लोग भी जानते ही होंगे। बस, निकलते ही भभका मारना था। मार गए।

झालावाड़ धरना मामले में जेल से छूटने के बाद नरेश मीणा ने कहा कि मुझे जेल भेजने वाले का पता लगते ही गिन-गिनकर हिसाब लूंगा।
4. चलते-चलते..
सीकर में सिंघम के ही जलवे हैं। यह कोई नया पुलिस अधिकारी नहीं है। भैंसा है। अपने मालिक को सालाना 1 करोड़ कमाई करके देता है। प्यारे भैंसे का नाम इसके मालिक ने सिंघम रखा है।
वैसे काम ये ‘विक्की डोनर’ वाले करता है। पशु मेले में ऊंट और बैल दूर से इस भैंसे को निहार रहे हैं। साक्षात यमराज की सवारी दिखता है। लंबा-चौड़ा। चमकीली काली त्वचा।
मालिक ने अंगुलियों पर गिन-गिनकर खुराक बताई। दिन-रात भैंसे की सेवा की जाती है। कमाऊ पूत जो है। पूछने वाले कीमत पूछते हैं। मालिक का कहना है कि बेचने के लिए नहीं लाया।
दिखाने के लिए लाया हूं। बाजार वाले 3 करोड़ मोल लगाते हैं। मालिक बेचने को तैयार नहीं। बोला- अनमोल है। इस भैंसे से बहुत कुछ सीखना चाहिए। काम ऐसे होने चाहिएं कि दुनिया मोल ही लगाती रह जाए। जय जय राजस्थान।

सीकर के पशु मेले में सिंघम नाम का यह भैंसा सभी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments