खैरथल-तिजारा जिले के शेखपुर अहीर थाना इलाके में रविवार को पुलिसकर्मियों पर एक खेत में महिला के साथ बदसलूकी का आरोप लगा। आरोप लगा कि बिना महिला पुलिसकर्मी के आए 2 पुलिसवाले महिला को जबरन बाइक पर बिठाने की कोशिश कर रहे थे।
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पुलिस ने महिला समेत वीडियो बनाने वाले पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया। रविवार रात को 12 बजे लोगों के धरने-प्रदर्शन के बाद तीनों को छोड़ा गया।
इधर, मामले में पुलिस पर नाबालिग सिख के केश पकड़ने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, तिजारा एसपी ने आरोपों को गलत बताया है। सच जानने के लिए भास्कर टीम मौके पर पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
सबसे पहले जानिए- क्या है पूरा मामला
शेखपुर थाने के एसएचओ लोकेश मीणा ने बताया कि बामनखेड़ी गांव में अवैध शराब बेचने की सूचना था। इस पर पुलिसकर्मियों को वहां भेजा गया। गांव में एक खेत पर अवैध शराब की भट्टी बनी थी, जिसे वे नष्ट कर रहे थे।
एक युवक अवैध शराब लेकर भागने लगा तो उसे पकड़ने को कोशिश की। इसी दौरान परिवार की महिलाएं आ गई और आरोपी को फरार करवा दिया।
वहीं, घरवालों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सिविल ड्रेस में आकर जबरन परिवार के युवक को पकड़ने की कोशिश की। जब विरोध किया तो महिलाओं के साथ मारपीट की। मारपीट का वीडियो बनाने वाले पिता-पुत्र को भी हिरासत में ले लिया।

महिला को बाइक पर बिठाते हुए पुलिसकर्मी। इस दौरान महिला बेहोश हो गई।
महिला को बाइक पर ले जाने पर बोले– अस्पताल ले जा रहे थे
इस घटनाक्रम का जो वीडियो सामने आया उसमें पुलिसकर्मी महिला राजो को जबरन बाइक पर बैठाते नजर आ रहे थे। पुलिस का दावा है कि महिला की तबीयत इस दौरान बिगड़ गई थी।
वहां तक चौपहिया वाहन आने की जगह नहीं थी, इसलिए महिला को बाइक पर बैठा कर अस्पताल ले जा रहे थे। इसी का वीडियो बनाकर गलत तरीके से वायरल किया गया है।
एसएचओ लोकेश मीणा ने दावा किया कि महिला काॅन्स्टेबल भी मौके पर गई थी, लेकिन कीचड़ होने से गाड़ी फंस गई और वो मौके पर नहीं पहुंच पाई, लेकिन कुछ देर में पहुंच गई थी।
वहीं परिवार का दावा है कि पुलिसकर्मी महिला राजो को जबरन बाइक पर बैठा कर थाने ले जा रहे थे। इस दौरान वह बेहोश हो गई तो काफी देर तक ऐसे ही जमीन पर उन्हें पटका रखा।
आरोप : 15 साल के लड़के से मारपीट, केश पकड़ गाड़ी में बैठाया
मामले में वीडियो बनाने वाले पिता और उनके बेटे को पुलिस ने हिरासत में लिया था। 15 साल का नाबालिग नौवीं कक्षा में पढ़ता है। उसने बताया कि वो पिता के साथ खेत में गया था।
इसी दौरान पास के खेत में शोर शराबे की आवाज आई। वो उनके रिश्तेदार का है। उन्होंने देखा कि दो पुलिसकर्मी उनकी मामी राजो कौर के साथ बदतमीजी कर रहे थे।
हमने मारपीट का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में दो और पुलिसकर्मी आ गए। जिन्होंने आते ही लाठी मारना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने मेरे बाल पकड़ने की कोशिश की तो मेरी दस्तार खुल गई।
इस पर पुलिसकर्मी लालचंद ने उसके केश पकड़कर जीप में खींचा। उसने कहा कि वो सिख है और उसके बाल पकड़ना गलत है तो पुलिसकर्मी ने कहा कि ये बाल कटवा ले। इसके बाद गाली गलौज भी की ओर थाने ले जाकर बैठा दिया।
प्रेग्नेंट महिला के साथ भी मारपीट का आरोप
घटना के समय राजो कौर की बड़ी बहू रेखा और छोटी बहू रजनी कौर भी मौके पर ही थी। रजनी तीन महीने की प्रेग्नेंट है। उसने बताया कि जब हमने विरोध किया तो पुलिस ने मुझे और रेखा को लात-घूंसों और लाठियों से पीटा। रजनी और रेखा के शरीर पर चोटों के कई निशान हैं।

राजो और रेखा का कहना है कि वे घटना से डरी हुई हैं। पुलिसवालों ने उनके साथ काफी अभद्रता भी की।
परिवार का गुड़ का कारोबार, पुलिस जबरन पकड़ने लगी
राजो कौर के बेटे अजीत ने बताया कि उनका खेती के साथ गुड़ बेचने का काम भी है। रविवार को मैं गुड़ लेकर आ रहा था। पुलिसकर्मियों ने मुझे शराब बनाने के आरोप में पकड़ने की कोशिश की।
इस पर परिवार की महिलाओं ने विरोध जताया। जिसके बाद पुलिस ने अभद्रता शुरू कर दी। वीडियो बना रहे जिन पिता पुत्र को पुलिस ले गई थी, उनका भी कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पिता पंखे की फैक्ट्री में सीनियर अकाउंटेंट है। वहीं बड़ा बेटा 12वीं और छोटा बेटा नौवीं में पढ़ता है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया था।
कार्रवाई की मांग, तीन दिन का अल्टीमेटम
मामले में महिलाओं के साथ मारपीट और सिख युवक के केश पकड़ने के आरोप को लेकर सोमवार को सिख समाज की खालसा टीम के लोग भी पहुंचे थे।
समाज के लोगों ने इस मीटिंग में चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने, नंगे पैर गुरुद्वारे जाकर माफी मांगने और जिस बालक के केश पकड़े थे उसे दस्तार पहनाने की मांग का निर्णय लिया गया है।
मीटिंग में निर्णय लिया है कि तीन दिन में ये कार्रवाई नहीं हुई तो आगे का फैसला लिया जाएगा। सोमवार को समाज के लोग एसपी ऑफिस भी पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की।

वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जुट गए और धरने पर बैठ गए।
पुलिस बोली– गांव में होता है शराब का काम
एसएचओ लोकेश का दावा है कि इस गांव में खुले आम लोग शराब बनाते हैं। खेतों में भट्ठियां बनाई हुई है। पहले भी कई बार गांव में कार्रवाई की है।
रविवार को भी सूचना मिलने के बाद कार्यवाही के लिए पहुंचे थे लेकिन महिलाओं ने हंगामा कर दिया। मारपीट के आरोप गलत है। गिरफ्तारी किसी की नहीं की गई थी, हिरासत में लिया था जिन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने दावा किया कि मौके पर शराब मिली थी हालांकि वे कार्रवाई की जानकारी नहीं दे सके।
जिसे फरार बताया वो घर पर मिला
वहीं इस मामले में पुलिस ने बताया कि महिलाओं ने बीच बचाव कर अजीत को फरार करवा दिया। भास्कर टीम पहुंची तो वो घर पर ही था। उसने कहा- घटना के समय जब पुलिस ने मारपीट शुरू की तो हम तितर-बितर हो गए थे।
शाम को मैं लोगों के साथ थाने भी गया था। गांव में मीटिंग में भी था। मैं फरार होता तो थाने में गया था तब ही पकड़ लेते। पुलिस जबरन शराब बनाने का आरोप लगा रही थी।
बच्चे के केश खींचने के आरोप गलत : एसपी
मामले में तिजारा एसपी प्रशांत किरण का कहना है कि अप्रैल में भी इस परिवार पर कार्रवाई हुई थी। रविवार को भी कार्रवाई के दौरान परिवार की महिलाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया। बच्चे के केश खींचने के आरोप भी गलत हैं। ऐसा कोई पुलिसकर्मी नहीं करेगा। हमारे पास मौके के सभी वीडियो हैं।
….
खैरथल-तिजारा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…
पुलिसकर्मियों ने महिला को जबरन बाइक पर बैठाया, VIDEO:युवक ने विरोध किया तो नाबालिग बेटे के साथ हिरासत में लिया; ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में खेत में काम कर रही महिला के साथ 4 पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की और जबरन बाइक पर बैठा लिया। इस दौरान महिला बेहोश होकर गिर गई। पूरी खबर पढ़िए…
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments