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पुलिस ने बाप बेटे और दो दामाद को गिरफ्तार किया

शहर के रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह को पकड़ा, जो की देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर चोरियां करते थे। यह गिरोह घर में अलमारी के ताले चाबी सही करने के बहाने आते थे और जेवर लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने गिरोह में बाप बेटे और दो दामा

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शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र के बापू कॉलोनी में दो लोग घर की अलमारी का लॉक सही करने आए और अलमारी के अंदर रखे सोने के जेवर चुरा कर फरार हो गए। आरोपी लखन सिंह, गोपी सिंह, गुरु दयाल सिंह और दिलीप सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इनके कब्जे से 31 तोला सोने के जेवर और 1 किलो 40 ग्राम चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं।

तेजस्वनी गौतम ने बताया कि परिवादी मोहन सिंह ने थाने पर रिपोर्ट दी थी जिसमें बताया कि मेरी घर के सामने से दो लोग चाबी बनाने वाले निकल रहे थे। मेरी पत्नी गीता ने उनको बुलाकर अलमारी की चाबी बनवाने के लिए बुलाया। चाबी बनाने वाले ने चाबी बनाकर अलमारी के अंदर से हमारे सोने की ज्वेलरी और चांदी चोरी कर ले गए। लगभग 11 लाख रुपए के जेवर लेकर फरार हो गए। लॉक सही करने के बाद उन्होंने कहा कि 2 घंटे बाद इसको खोलना जब 2 घंटे बाद खोला तो अंदर जेवर गायब थे।

घरों से चोरी किए सोने और चांदी के जेवर

घरों से चोरी किए सोने और चांदी के जेवर

उन्होंने बताया कि आरोपियों को कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, झालावाड़, इंदौर मध्य प्रदेश और भी कई स्थानों पर तलाश की मुलजिम लखन सिंह उर्फ हरपाल सिंह व गुरु दयाल सिंह को उदयपुर और मुलजिम गोपी सिंह वह दिलीप सिंह उर्फ लकी को इंदौर मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। इन सभी मुलजिमों के द्वारा कोटा शहर, जयपुर, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में वारदातें करना स्वीकार किया। मुलजिमों के कब्जे से उदयपुर में लखन सिंह के घर पर छुपाए हुए चोरी के लगभग 31 तोला सोना और 1.40 किलोग्राम चांदी के जेवर बरामद किए हैं।

रेलवे कॉलोनी थाना अधिकारी रामस्वरूप मीणा ने बताया कि गिरफ्तार गुरु दयाल सिंह जोकि मुंडला सरदार कॉलोनी खुदेल जिला इंदौर का रहने वाला है। इसके दो बेटे हैं गोपी सिंह और कृष्णा सिंह मुलजिम गुरुदयाल ने दो बेटियों की शादी उदयपुर के रहने वाले लखन सिंह और दाहोद गुजरात के रहने वाले दिलीप सिंह उर्फ लकी से की हुई है। गुरु दयाल और उसका बेटा गोपी और दोनों दामाद लखन, हरपाल व दिलीप भारत के अलग-अलग राज्यों में घूम कर ताला चाबी ठीक करने का काम करते हैं।

रामस्वरूप मीणा ने बताया कि ताला चाबी ठीक करवाने वाले लोगों को बातों में उलझा कर अलमारी और घर में रखे सोने चांदी के आभूषणों की चोरी करते हैं। मुलजिम जिस शहर में वारदात करते हैं उस शहर के गुरुद्वारे या धर्मशाला सस्ती होटल में रुकते हैं जिससे की पहचान छुपी रह सके जहां पर आईडी और मोबाइल नंबर नहीं देने पड़ते। मुलजिम ताला चाबी ठीक करने के लिए शहर में फेरी लगाकर वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस और लोगों की नजर से बचने के लिए अपने हुलिए को भी बदलते हैं।

उन्होंने बताया कि मास्टरमाइंड गुरुदयाल सिंह ने गिरोह में फूट नहीं डालने वह पुलिस द्वारा गिरोह में किसी एक सदस्य के पकड़े जाने पर गिरोह के बारे में जानकारी नहीं देना व आपस में विश्वास बनाए रखने के कारण अपने परिवारजन और सगे रिश्तेदारों का ही गिरोह बनाया हुआ था।



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