खड़े गणेश मंदिर में भक्तों की कतार
गणेश चतुर्थी पर आज घरों और पांडालों में गणपति स्थापना हो रही है। कोटा शहर में एक हजार के करीब छोटे-बड़े पांडालों में शुभ मुर्हुत में सुबह 11.6 बजे से दोपहर 1.40 बजे तक पूजा-अर्चना की गई। कई जगह शाम को भी पूजा-अर्चना होगी।
कोटा के राजा गणेश चौक स्थित खड़े गणेश जी सहित कई मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी हुई है। पुजारी वीरेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया- गणेश जी को 5 किलो चांदी का छत्र चढ़ाया है और सोने के वर्क से श्रृंगार किया गया। इसके अलावा मंदिर को फूलों से सजाया गया है। भोग के लिए 111 किलो घी के लड्डू बनाए गए हैं। तड़के 2 से 3 बजे के बीच विराम था।
खड़े गणेश जी में महिलांए भक्त 13 किमी पैदल चलकर दर्शन करने आई। भामाशाह ने मंदिर के बाहर भंडारा लगाया। वहीं भक्त गणेश की प्रतिमाओं को अपने घर और ऑफिसों में भी लेकर गए।

कोटा के राजा गणेश चौक( खड़े गणेश जी)

कोटा के कोटड़ी सर्किल पर नाचते गाते गणपति जी की प्रतिमा को ले जाते भक्त।
कोटा के राजा गणेश चौक (खड़े गणेश जी) खड़े गणेश जी में शाम को 51 पंडितों की ओर से गणपति स्थापना होगी। युवा उत्थान फाउंडेशन के हिमांशु गोचर व सुनील पोटर ने बताया- यहां के पांडाल में शहर की गणपति की सबसे ऊंची प्रतिमा (17 फीट) लाई गई है। शाम को गणपति स्थापना के समय फूलों की बारिश होगी। रोज 1100 दीपकों से आरती की जाएगी। 10 दिन तक अलग अलग कार्यक्रम होंगे।
नगर सेठ ( रघुनाथ चौक,रामपुरा) नगर सेठ गणपति मंगलवार शाम को ट्रोले पर सवार होकर रघुनाथ चौक स्थित पांडाल में पहुंचे। आयोजन समिति के अध्यक्ष विशाल साहू ने बताया- आज सुबह 11 बजे विधिवत नगर सेठ गणपति की स्थापना होगी। नगर सेठ गणपति को 21 किलो के स्वर्ण और रजत आभूषणों से श्रृंगारित किया जाएगा। 10 दिन तक हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।
जीएडी सर्किल (14 फीट की गणेश प्रतिमा) जीएडी सर्किल पर 14 फीट की प्रतिमा लगाई गई। समिति अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने मामा ने बताया- सुबह 11 बजे करीब पूजा पाठ और मंत्र उच्चारण के साथ विधिवत गणेश स्थापना की जाएगी। यहां मेला भी लगाया गया है। अगले 10 दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।
एसी वांले गणेश मंदिर में 13 फीट की प्रतिमा
दादाबाड़ी स्थित एसी वांले गणेश मंदिर में 13 फीट की प्रतिमा लाई गई है। यहां सुबह से मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। गणेश जी का विशेष श्रृंगार किया है।समिति सदस्य विजय कुमार ने बताया कि ये मंदिर सालों पुराना है। यहां पेड़ से गणेश प्रतिमा निकली थी। आज भी गणेश प्रतिमा के पीछे पेड़ है। दर्शन को आने वांले भक्त गणेशजी के साथ साथ पेड़ की भी परिक्रमा लगाते है। मंदिर में रोज अलग अलग तरहा के कार्यक्रम होंगे। नए वाहन खरीदने के बाद लोग यहां पूजन के लिए आते है।
फोटो में देखे कोटा में गणेश चतुर्थी पर्व

पूजा अर्चना के बाद गणपति स्थापना।

गणपति की मूर्ति ले जाते भक्त।

गणपति उत्सव का जोश।

मंदिर में सुबह से भक्तों की कतारें लगी

खड़े गणेश मंदिर के बाहर सेठ भामाशाह युवा मंडल द्वारा भंडारा लगाया गया है।

जीएडी सर्किल पर 14 फीट की प्रतिमा लगाई गई।
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