राजस्थान क्राइम फाइल पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि साल 2021 में राजस्थान के बारां जिले के आखाखेड़ी के रहने वाले मास्टर प्रेमनारायण मीणा की उनके घर में ही खाट पर सोते हुए हत्या कर दी गई।
घटना के समय एक कमरे में उनकी पत्नी रुक्मणी अकेले सो रही थी। उनके दोनों बच्चे वैभव और ऋचा दूसरे कमरे में सो रहे थे। बड़ी बेटी की शादी हो गई थी और वह ससुराल में थी।
26 मार्च, 2021 की सुबह जब उनका भतीजा राजू दूध लेने पहुंचा तो घटना का खुलासा हो पाया था। पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर की जांच में जुटी थी।
पड़ताल में सामने आया था कि प्रेमनारायण मीणा सरकारी स्कूल में टीचर थे। उनकी पोस्टिंग एमपी के गुना जिले के फतेहगढ़ के सरकारी स्कूल में थी। वह छुट्टी पर घर आए हुए थे। वह हमेशा 15-20 दिन बाद छुट्टी पर गांव आते थे।
अब पढ़िए आगे की कहानी…

प्रेमनारायण मीणा का शव घर के आंगन में चारपाई पर पड़ा मिला। – फोटो AI जनरेटेड
पुलिस ने सबसे पहले प्रेम नारायण मीणा के दोनों बच्चों वैभव व ऋचा से अकेले में पूछताछ की। दोनों बच्चों ने बताया कि घटना वाली रात मम्मी ने उन्हें धमका कर अलग कमरे में सुला दिया था, जबकि हमेशा वह मम्मी के साथ ही साेते थे।
उन्हें कमरे में बंद कर के बाहर से कुंडी लगा दी थी। वहीं मम्मी अलग कमरे में सोई थी। वैभव को पुलिस ने प्यार से पूछा तो उसने एक लेटर लाकर पुलिस अधिकारियों को दिया।
वैभव ने कहा, यह चिट्ठी मेरी शादीशुदा बड़ी बहन ने पापा को लिखी थी। लेटर हम भाई-बहनों को मिला तो हमने छिपा दिया था।
बच्चे बोले- मम्मी ने ही नौकर के साथ मिलकर की हत्या
लेटर में मृतक की बड़ी बेटी ने अपने पिता को लिखा था कि वह अपनी मम्मी को बदनाम नहीं करना चाहती है। उसने लिखा कि नौकर जितेंद्र को अपने यहां नहीं रखना चाहिए। पुलिस ने इस लेटर के आधार पर तथा वारदात से जुड़े दूसरे एंगल्स पर फोकस करते हुए इन्वेस्टिगेशन को आगे बढ़ाया।
बच्चों ने पुलिस अधिकारियों से यहां तक कहा था कि उनके पापा की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि मम्मी ने ही नौकर जितेंद्र उर्फ जीतू बैरवा (मेघवाल) के साथ मिल कर रात में की है।
हालांकि पुलिस अभी भी किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी एविडेंस जुटाना चाहती थी। ऐसे में पुलिस ने इस केस के खुलासे के लिए साइबर एक्सपर्ट सत्येंद्र सिंह की मदद ली।
इसी दौरान मुखबिरों ने भी पुलिस को रुक्मणी और नौकर जीतू बैरवा के अवैध संबंधों के बारे में जानकारी दी।

प्रेमनारायण के दौनों बच्चों ने पूछताछ में अपनी मां से कई अहम बातें पुलिस को बताईं। – फोटो AI जनरेटेड
पत्नी ने कबूल की हत्या की वारदात
जब हर अंगुली रुक्मणी और जीतू बैरवा की और उठने लगी तो पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ के लिए सबसे पहले रुक्मणी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कड़ी पूछताछ की तो वह टूट गई। उस ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
उसने नौकर जितेंद्र उर्फ जीतू बैरवा और एक अन्य हंसराज भील के साथ मिल कर अपने पति की हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने उसी दिन जितेंद्र और हंसराज भील को भी दबोच लिया। थाने ला कर उन से भी पूछताछ की। थोड़ी सी ना नुकुर के बाद उन्होंने भी ये वारदात करना कबूल कर लिया।
2 साल से टीचर के घर था नौकर
पड़ताल में सामने आया कि जितेंद्र पिछले 2 साल से टीचर प्रेमनारायण के घर नौकर था। वह खेतों की रखवाली और खेतीबाड़ी करता था। जितेंद्र को 65 हजार रुपए सालाना सैलेरी पर रखा हुआ था।
मास्टर प्रेमनारायण ज्यादातर समय अपनी ड्यूटी पर फतेहगढ़, मध्य प्रदेश में रहते थे। वह 15-20 दिन बाद ही अपने गांव आखाखेड़ी आते थे। प्रेमनारायण की अपनी बीवी रुक्मणी से भी नहीं बनती थी। दोनों में मन मुटाव रहता था।
इस कारण रुक्मणी ने पति की गैरमौजूदगी में नौकर जितेंद्र से अवैध संबंध बना लिए थे। प्रेमनारायण की बड़ी बेटी ने एक दिन अपनी मां और नौकर को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था।
इस कारण वह लेटर लिख कर अपने पिता को मां की हरकतों के बारे में बताना चाहती थी, लेकिन ये लेटर उसके छोटे भाई–बहन के हाथ लग गया और उन्होंने छिपा लिया।
26 मार्च, 2021 को यह चिट्ठी बच्चों ने पुलिस अधिकारियों को सौंपी तब जा कर इस घटना की परतें खुलनी शुरू हुईं। पड़ताल में ये भी सामने आया कि प्रेमनारायण को भी किसी तरह पत्नी रुक्मणी और नौकर जितेंद्र के अवैध संबंधों की खबर लग गई थी।
इस कारण वह इन दोनों के बीच राह का रोड़ा बन चुके थे। इस रोड़े को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए रुक्मणी ने खौफनाक प्लान बनाया।
फिर जितेंद्र ने 31 वर्षीय हंसराज भील को 20 हजार रुपए दे कर प्लान में शामिल कर लिया। हंसराज जितेंद्र का दोस्त था।

पुलिस पूछताछ में रुक्मणी ने नौकर से अवैध संबंध और पति से हत्या की बात कबूल कर ली।
तीनों आरोपियों से पूछताछ में मर्डर की जो कहानी सामने आई वो इस तरह से थी…
प्रेमनारायण और रुक्मणी की शादी को 20 साल हो गए थे। प्रेमनारायण शांत स्वभाव के थे। वही उन की बीवी गुस्सैल स्वभाव की थी। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे।
रुक्मणी दिन-रात काम करके थक जाने की बात कहती थी। इस पर प्रेमनारायण ने सालाना तनख्वाह पर जितेंद्र उर्फ जीतू बैरवा को 2 साल पहले घर का नौकर रख लिया।
जितेंद्र खेत के साथ ही घर में भी काम करता था। इसी दौरान रुक्मणी और जितेंद्र के बीच अवैध संबंध बन गए। एक दिन बड़ी बेटी ने अपनी मां को नौकर के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया।
उसने लेटर लिख पिता को ये बात बताने की कोशिश की, लेकिन वो चिट्ठी पिता तक पहुंची ही नहीं। लेटर गायब हुआ तो बड़ी बेटी भी खामोश हो गई। एक साल पहले प्रेमनारायण ने बेटी की शादी कर दी तो वह अपनी ससुराल चली गई थी।
इधर कोरोना काल में प्रेमनारायण काफी समय तक घर पर रहे। ऐसे में रुक्मणी और जीतू मिल नहीं पा रहे थे। स्कूल खुल गए तब प्रेमनारायण फतेहगढ़ चले गए। रुक्मणी और जीतू फिर से मिलने लगे।
प्रेमनारायण छुट्टी पर आते तो भी रुक्मणी किसी ने किसी बात पर उनसे झगड़ने लगती। परेशान होकर वो फिर ड्यूटी पर चले जाते।

पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी।
पति को हो गया था शक
प्रेमनारायण को पत्नी और जीतू पर शक हो गया था। इसका आभास रुक्मणी को भी हो गया था। ऐसे में उसने जीतू के सामने मिलकर हमेशा के लिए पति को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
घटना से 10 दिन पहले प्रेमनारायण छुट्टी पर घर आए थे। जितेंद्र ने अपने दोस्त हंसराज को 20 हजार रुपए का लालच दे कर मर्डर के प्लान में शामिल कर लिया।
25 मार्च, 2021 की आधी रात को जितेंद्र और हंसराज तलवार और कुल्हाड़ी ले कर रुक्मणी के घर के पीछे पहुंचे। रुक्मणी ने पहली मंजिल पर जा कर मकान के पीछे वाली खिड़की से रस्सा नीचे फेंका।
रस्से के सहारे जितेंद्र और हंसराज मकान की पहली मंजिल पर खिड़की से अंदर आ गए। इस के बाद घर के आंगन में बरामदे में सो रहे मास्टर प्रेमनारायण पर नींद में ही तलवार और कुल्हाड़ी से हमला कर मार डाला।
इसके बाद जिस रास्ते से आए थे, उसी रास्ते से अपने हथियार ले कर चले गए। रुक्मणी निश्चिंत हो कर कमरे में जा कर सो गई। सुबह जब मृतक का भतीजा राजू दूध लेने आया तो उस की चीख-पुकार सुन कर रुक्मणी आंखें मलती हुई कमरे से बाहर आई।
वह रोने-पीटने का नाटक करने लगी। लेकिन उसी के बच्चों ने सच का खुलासा कर दिया। फिलहाल ये मामला ADJ कोर्ट छबड़ा में पेंडिंग है।
मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के लिए 30 अगस्त 2025 की अगली पेशी है। तीनों आरोपियों में से 23 मई 2024 को हंसराज भील को जमानत मिली है।
घर में सरकारी टीचर का मर्डर, बीवी-बच्चों को भनक नहीं:सुबह भतीजा आया तो खाट पर लहूलुहान शव देखा; बाहर से बंद था बच्चों का कमरा

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