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प्रदेश में सरकार कृषि विषय लेकर अध्ययन करने वाली छात्राओं को 11वीं कक्षा से लेकर पीएचडी करने तक प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसका सबसे ज्यादा फायदा जयपुर के शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाली सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग की बच्चियों को मिल रहा है। इसके बाद
इसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग में हनुमानगढ़ की छात्राएं अव्वल है। इसके बाद जयपुर, दौसा, अजमेर जिलों की छात्राओं ने सबसे ज्यादा प्रोत्साहन राशि प्राप्त की है। वहीं, अनुसूचित जन जाति श्रेणी में सबसे ज्यादा फायदा बांसवाड़ा और डूंगरपुर की छात्राओं को मिला है। अन्य जिलों में जयपुर, प्रतापगढ़ और बूंदी शामिल है। जबकि इसी वर्ग में सबसे कम लाभ जैसलमेर, चूरू, हनुमानगढ़, बाड़मेर, बीकानेर, नागौर, जालोर, राजसमंद, ब्यावर आदि जिलों की छात्राओं ने उठाया।
उल्लेखनीय है कृषि की पढ़ाई में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 11वीं से में कृषि विषय लेना 15000 प्रतिवर्ष रुपए दे रही है। इसी तरह कृषि स्नातक में उद्यानिकी, डेयरी, कृषि इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण आदि में पढ़ाई करने पर 25000 प्रति वर्ष दिए जा रहे। पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए भी हर साल इतने रुपए प्रोत्साहन में मिलते हैं। कृषि स्नातकोत्तर में भी दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए हर साल 25 हजार दिए जा रहे हैं। इनके अलावा पीएचडी के लिए तीन साल तक 40 हजार रुपए देने का प्रावधान है।
सरकार का मानना है कि इससे कृषि विषयों में उनका रुझान बढ़ेगा। योजना का फायदा सिर्फ वही बालिका उठा सकती है जो राजस्थान की मूल निवासी हो, सरकारी और राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं में अध्ययनरत होना जरूरी है। वर्ष 2024- 25 में राज्य सरकार ने सामान्य और ओबीसी वर्ग की छात्राओं को 3286.47 लाख रुपए, अनुसूचित जाति की छात्राओं को 797.87 लाख रुपए और 896.75 लाख रुपए अनुसूचित जन जाति की छात्राओं को दिए गए।
सामान्य वर्ग में सबसे ज्यादा 2717 छात्राएं जयपुर की, 1652 छात्राएं नागौर जिले की और 1143 छात्राएं हनुमानगढ़ जिले की रही। अनुसूचित जाति में टॉप थ्री जिलों में हनुमानगढ़ 527, जयपुर 446 और 304 दौसा शामिल है। इसी तरह अनुसूचित जन जाति वर्ग में बांसवाड़ा 1101, डूंगरपुर 1037 और जयपुर 468 छात्राएं शामिल हैं।
22 जिलों में 500 से ज्यादा लाभार्थी छात्राएं
जयपुर में सबसे ज्यादा 3631, दौसा में 1370, सीकर में 1055, डूंगरपुर में 1179, उदयपुर में 1197, बांसवाड़ा में 1171, जोधपुर में 1026, नागौर में 1926 और हनुमानगढ़ 1675 छात्राओं के साथ टॉप जिले हैं। वहीं अजमेर, झुंझुनूं, कोटा, बारां, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा, डीडवाना कुचामन, श्री गंगानगर, बीकानेर, चूरू आदि ऐसे जिले हैं, जहां 500 से 1000 तक छात्राओं को छात्रवृत्ति का फायदा मिला है। जबकि सबसे कम सलूंबर और सिरोही जिलों में यह संख्या क्रमशः 71 और 61 ही रही है।
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