राजस्थान में अभी तक खांसी का सिरप पीने से 4 बच्चों की मौत का दावा किया जा रहा है। जिसमें 2 बच्चे भरतपुर के हैं। तीसरा बच्चा चूरू और चौथा बच्चा सीकर का है। हालांकि चिकित्सा विभाग सिरप पीने के बाद मौत की पुष्टि नहीं कर रहा। उसके बाद रोजाना सिरप पीने से
वहीं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जोधपुर में बयान देते हुए बताया है कि हमने कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाई लेकिन, जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया। एक बार फिर से कमेटी बनाकर जांच करवाई जाएगी।
सिरप पीने के बाद 5 घंटे तक सोते रहे बच्चे पहला मामला सेवर थाना इलाके के मलाह गांव का सामने आया था। मलाह निवासी महिला ज्योति ने बताया था कि उनके 2 साल के बेटे सम्राट, 4 साल की बेटी साक्षी और बड़ी बहन के 4 साल के बेटे विराट को खांसी जुकाम की शिकायत थी।
वह 18 सितंबर को तीनों बच्चों को लेकर के गांव के ही उप-स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंची। जहां एएनएम के द्वारा उन्हें दवा और खांसी की सिरप दी गई। उसके बाद साक्षी और विराट को वही सिरप पिलाई गई। जबकि सम्राट ने खांसी की सिरप को घर आकर पिया। सिरप के बाद तीनों बच्चे सो गए। करीब 5 घंटे तक तीनों बच्चे सोते रहे।

दो बच्चे जागे, लेकिन विराट बेहोश रहा ज्योति ने बताया जब वह 5 घंटे के बाद भी नहीं उठे तो, उन्हें उठाने की कोशिश की गई। तब पता लगा कि तीनों बेहोश हैं। काफी कोशिश के बाद साक्षी और विराट को होश आ गया, लेकिन सम्राट नहीं उठा। इसके बाद सम्राट को भरतपुर के जनाना अस्पताल लेकर जाया गया। 18 सितंबर शाम करीब 6 बजे सम्राट को जनाना अस्पताल में भर्ती किया गया। भर्ती होने के बाद भी सम्राट को होश नहीं आया। जिसके बाद उसे डॉक्टरों ने जयपुर रेफर कर दिया।
4 दिन बाद जेके लोन हॉस्पिटल में हुई मौत जयपुर में जेके लोन हॉस्पिटल में सम्राट 22 सितंबर तक भर्ती रहा। 22 सितंबर की शाम 8 बजे डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सम्राट के परिजनों को नहीं पता था कि सम्राट की जान खांसी का सीरप पीने से गई है। जब खांसी के सिरप से बच्चों के बीमार होने की खबरें मीडिया पर आने लगी तब सम्राट के परिजनों को समझ आया कि खांसी का सिरप पीने से ही विराट की मौत हुई है। हालांकि सम्राट के परिजनों ने इसकी शिकायत कहीं भी नहीं की थी।

दूसरे बच्चे की वैर इलाके में हुई दूसरे बच्चे की मौत भरतपुर जिले के वैर इलाके के गांव लुहासा में हुई। लुहासा निवासी निहाल सिंह ने बताया कि 23 सितंबर को मेरे दोनों बेटे थान सिंह (5) और तीर्थराज (2) की तबीयत खराब हो गई थी। मौसम में बदलाव के कारण उन्हें खांसी बुखार जुकाम शिकायत थी। निहाल सिंह अपने दोनों बेटों को वैर के सरकारी अस्पताल लेकर चला गया। वहां पर डॉक्टर बबलू मुद्गल ने दोनों बच्चों को देखा और दवा लिखी। छोटे बच्चे को खांसी का सिरप लिखा था।
सिरप लेने के बाद नहीं आया बच्चे को होश निहाल सिंह ने घर आकर खांसी की सिरप की एक ढक्कन दवा अपने छोटे बेटे को तीर्थराज को दे दी। दवा लेने के कुछ देर बाद तीर्थराज सो गया। 4 घंटे तक बच्चा सोता रहा। जब बच्चा सोकर नहीं उठा, तो तीर्थराज के परिजन उसे लेकर वापस अस्पताल पहुंचे। वहां पर डॉक्टर को बताया कि जब से उन्होंने बच्चे को सिरप दिया है, तब से वह सो रहा है। वैर अस्पताल के डॉक्टरों ने तीर्थराज को भरतपुर के जनाना अस्पताल रेफर कर दिया। जनाना अस्पताल में तीर्थराज को भर्ती करवाया गया। दूसरे दिन तक बच्चे को होश नहीं आया।
जेके लोन अस्पताल में हुई बच्चे की मौत 24 सितंबर दोपहर 3 बजे तीर्थराज को जनाना अस्पताल से जयपुर के जेके लोन अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां भी बच्चे को होश नहीं आया। 27 सितंबर सुबह 4 बजे बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। तीर्थराज के परिजनों ने शव को गांव में लाकर उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जब बयाना में सिरप से बच्चे की तबीयत खराब होने का मामला सामने आया तो, परिजनों को पता लगा की खांसी की सिरप के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है।
सीकर में हुई तीसरी मौत

सीकर में सरकारी हॉस्पिटल से मिली खांसी की दवा पीने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। यहां खोरी ब्राह्मणान गांव में 5 साल के नितियांस शर्मा की सोमवार 29 सितंबर को मौत हो गई। सीकर के एसके हॉस्पिटल में डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिवार का दावा है कि निशुल्क दवा योजना की कफ सिरप पीने से बच्चे की मौत हुई है। पढ़े पूरी खबर
चूरू के बच्चे की हुई चौथी मौत

चूरू के 6 साल के अनस पुत्र नवाब की जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल में शनिवार 4 अक्टूबर को मौत हो गई। अनस शनिवार सुबह 4 बजे जेके लोन हॉस्पिटल पहुंचा था। बच्चे का चूरू हॉस्पिटल में 3 दिन से इलाज चल रहा था। शुरुआती जांच में पता चला कि बच्चे को दिमागी बुखार था। इधर परिजनों ने बताया – उन्होंने 4 दिन पहले बच्चे को खांसी-जुकाम होने पर खांसी की सिरप दी थी। ये सिरप कहां से लाई गई, इसका कोई जिक्र नहीं है। हालांकि सिरप डेक्सट्रोमेथोरपन हाइड्रोब्रोमाइड कॉम्बिनेशन की होने की बात सामने आई है। पढ़े पूरी खबर


कफ सिरप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 1. खांसी की दवा पीने से बच्चे की मौत का दावा:चाचा बोले- सरकारी हॉस्पिटल से सिरप लाए थे, पीने के बाद सांसें थमी

सीकर में सरकारी हॉस्पिटल से मिली खांसी की दवा पीने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। दावा किया जा रहा है कि सिरप पीने के बाद ही बच्चे की सांसें थम गई। पूरी खबर पढ़िए
2. कफ सिरप का ओवरडोज बन सकता है मौत का कारण:कोमा में भी जा सकते हैं बच्चे, एक्सपर्ट ने बताया- खांसी की दवा कब दें

राजस्थान में कफ सिरप पीने से 2 बच्चों की मौत और तबीयत खराब होने की घटनाओं के बाद कई परिवार दहशत में हैं। हालांकि, जांच में कफ सिरप में ऐसा कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है, लेकिन सरकार ने उस कंपनी की सभी 19 दवाओं को बैन कर दिया है। पूरी खबर पढ़िए
3. कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद बड़ा खुलासा:ड्रग कंट्रोलर का कारनामा, नकली दवाओं की परिभाषा बदली; कई फार्मा कंपनियों को बचाया

सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली कफ सिरप पीने से 2 बच्चों की मौत के साथ ही तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। जिस विभाग पर ऐसी एक्शन लेने का जिम्मा है, उसी के अधिकारी फार्मा कंपनियों को बचाने में जुटे हैं। पूरी खबर पढ़िए
4. सरकारी कफ सिरप पीने से दादी- पोते की तबीयत बिगड़ी:भर्ती महिला बोली- उल्टियां, खुजली और चक्कर आए, रात में 2 ढक्कन पी थी

भरतपुर में सरकारी अस्पताल से मिली कफ सिरप पीने से बुजुर्ग दादी और पोते की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को चक्कर आने लगे और बेचैनी हो गई। पूरी खबर पढ़िए
5. सीकर में खांसी की दवा पीते ही दो बच्चे बेहोश:जयपुर में दो दिन ICU में रहे, भरतपुर में भी दो बच्चों-डॉक्टर की बिगड़ी थी तबीयत

भरतपुर के बाद अब सीकर में सरकारी अस्पताल से मिली खांसी की दवा पीने से दो बच्चों की तबीयत खराब हो गई। दोनों बच्चों को जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। (पढ़ें पूरी खबर)
Subjects: जानलेवा कफ सिरप
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