राजस्थान में इस मानसून सीजन में जुलाई में कुल 285MM बारिश हुई है। जो पिछले 69 साल में जुलाई की सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड है। इससे पहले साल 1956 में जुलाई में सर्वाधिक 308MM बारिश हुई थी।
प्रदेश में भारी बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं। धौलपुर में चंबल खतरे के निशान से करीब 12 मीटर ऊपर बह रही है। कई इलाके डूब गए हैं। रेस्क्यू के लिए आर्मी को बुलाया गया है। पार्वती बांध के 4 गेट खोले गए हैं।
जयपुर में गुरुवार को झमाझम बारिश होती रही। खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में खुले मेनहोल में बाइक सहित गिरने से युवक की मौत हो गई। इधर, 10 से ज्यादा जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
जून-जुलाई में अच्छी बारिश के बाद मौसम विभाग ने अगस्त में जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर सामान्य से अधिक बरसात का अनुमान जताया है। उदयपुर-जोधपुर संभाग में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।
मौसम केंद्र जयपुर ने शुक्रवार को 6 जिलों में मध्यम से तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शेष राज्य में मौसम ड्राय रहने और हल्की बारिश का अनुमान जताया है।
2 अगस्त को राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम ड्राय रहने, बादल छाने और हल्की बारिश होने का अनुमान है।

धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र में बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए सेना की टीम रवाना हुई। इससे पहले धौलपुर पहुंची सेना की टीम ने कलेक्टर और एसपी के साथ बैठक की थी।
कोटा बैराज के गेट खोले गए कोटा में चंबल का जलस्तर बढ़ने पर कोटा बैराज के गेट खोले गए। कोटा में सरकारी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स हेलमेट पहनकर कॉलेज पहुंचे। दरअसल, कॉलेज की बिल्डिंग 100 साल पुरानी है। कई जगह से जर्जर हो चुकी है।
भरतपुर शहर में जगह-जगह जलजमाव हो गया है। नगर निगम कमिश्नर के घर में भी पानी घुस गया। सीकर के फतेहपुर शहर में रोडवेज बस जल-जमाव में डूब गई। जेसीबी की मदद से पैसेंजर्स का रेस्क्यू किया गया। अलवर में मूसलाधार बरसात के कारण सरकारी हॉस्पिटल में पानी भर गया। यही नहीं, अलवर शहर में सड़क धंस गई। 10 फीट का गड्ढा हो गया।

धौलपुर के सरमथुरा में 123MM पानी बरसा पिछले 24 घंटे के दौरान धौलपुर, भीलवाड़ा, नागौर, जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश हुई।
धौलपुर के सरमथुरा में 123, झुंझुनूं के बिसाऊ में 100, मलसीसर, मंडावा में 43-43MM पानी बरसा। अलवर में 52, अलवर के गोविंदगढ़, राजगढ़ में 25-25, श्रीगंगानगर के चूनावध में 30, बारां के छबड़ा में 26 और भरतपुर के जुरहेरा में 27MM बारिश दर्ज की गई।
भीलवाड़ा के डाबला में 26, कोटड़ी में 34, मांडलगढ़ में 35, जयपुर के चौमूं में 40, किशनगढ़-रेनवाल में 32, चाकसू में 30 और हनुमानगढ़ के भादरा में 45 व नोहर में 25MM बरसात दर्ज हुई।

साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से बारिश मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की ट्रफ लाइन अभी श्रीगंगानगर, रोहतक से होकर गुजर रही है। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन साउथ-वेस्ट राजस्थान के अपर लेवल पर बना हुआ है।
इस सिस्टम के असर से राजस्थान में कल बीकानेर संभाग में बारिश होने का अनुमान है। जबकि शेष राजस्थान में मौसम ड्राय रह सकता है।
आफत की बारिश…

हनुमानगढ़ के नोहर में गुरुवार शाम गुरुद्वारा मार्ग पर तेज बहाव में बाइक पर सवार दो युवक गिर गए। इसके बाद उनकी बाइक बहने लगी।

धौलपुर में पार्वती बांध के सीजन में चौथी बार गेट खुले हैं। शाम 6:30 बजे बांध के चार गेट खोलकर 4401 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

कोटा में सरकारी कॉलेज की जर्जर बिल्डिंग के कारण छात्र-छात्राओं ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स हेलमेट पहनकर और छाता लेकर कॉलेज पहुंचे।

भरतपुर में नगर निगम कमिश्नर श्रवण विश्नोई ने बारिश के दौरान शहर का निरीक्षण किया। इस दौरान एक नाले में पत्थरों के कारण अवरुद्ध पानी को देखा और तुरंत गाड़ी से उतरकर नाले से पत्थर और कचरा हटाया।

चंबल नदी का जल स्तर बढ़ने से कई गांव में बाढ़ की हालात बने हुए हैं। जिले में स्थिति पर नियंत्रण बनाने के लिए आर्मी के जवान बुलाए गए हैं।

अलवर के सिलीसेढ़ में आसपास के पहाड़ों से तेजी से पानी आ रहा है। बख्तपुरा गांव की पुलिया से निकल रही नदी में तेजी से पानी बह रहा है। यह पानी सिलीसेढ़ बांध में जा रहा है।

अलवर शहर में 200 फीट रोड पर फ्रेंड्स गार्डन के पास सड़क के किनारे का हिस्सा धंस गया। करीब 10 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया है। नीचे सीवरेज लाइन है, जो टूट गई।

सवाई माधोपुर में त्रिनेत्र गणेश मंदिर के रास्ते में भारी बारिश के कारण बड़े-बड़े पत्थर गिर गए हैं।

धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र के गांव से लोगों को नाव पर बिठाकर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जा रहा है।

धौलपुर के अंधियारी गांव का सरकारी स्कूल 24 घंटे में चंबल के पानी में पूरा डूब गया।

कोटा बैराज के गेट खोलकर लगातार पानी की निकासी की जा रही है।

जयपुर में गुरुवार सुबह से बारिश की झड़ी लगी हुई। डिग्गी कल्याण जी की यात्रा में श्रद्धालु बरसात के बीच कनक दंडवत करते हुए निकले।

जयपुर जिले के कई इलाकों में बुधवार देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। चौमूं कस्बे में लगातार बरसात के बाद कई जगह पानी भर गया।

सीकर के फतेहपुर कस्बे में गुरुवार सुबह एक रोडवेज बस जलजमाव में फंस गई। इसमें से पैसेंजर्स को निकालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

धौलपुर में राजाखेड़ा के अंधियारी गांव में सरकारी स्कूल समेत कई मकान पूरी तरह पानी में डूब गए।

सीकर में गुरुवार सुबह भी तेज बारिश हुई। शहर में जगह-जगह जलजमाव के कारण एक ट्रेलर फंस गया।




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