राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट 1 में आपने पढ़ा 12 नवंबर, 2016 को राजस्थान के युवक-युवती (रणवीर और मोनिका) फर्जी आईडी देकर अमृतसर के सिटी सेंटर स्थित होटल सिंह इंटरनेशनल में ठहरे थे। 14 नवंबर को युवती (मोनिका) की खून में लथपथ लाश होटल के कमरे में मिली
पुलिस इन्वेस्टिगेशन में होटल के रजिस्टर में रणवीर द्वारा लिखवाया गया मोबाइल नंबर फर्जी पाया गया। जयपुर भेजी गई पुलिस टीम ने लौट कर बताया कि रणवीर ने जो पता लिखाया था और जो आईडी दी थी, वे भी फर्जी थे।
इस के बाद सीसीटीवी फुटेज से मिले रणवीर और मोनिका के फोटो पंजाब और राजस्थान के सभी थानों को भेज कर कहा गया कि अगर इन के बारे में कोई जानकारी मिले तो सूचना दी जाए।
इधर पोस्टमार्टम होने के बाद शिनाख्त न होने की वजह से पंजाब पुलिस ने अपने खर्चे से शव का अंतिम संस्कार करा दिया। लाख प्रयास के बाद भी रणवीर और मृतका के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।

होटल वालों ने मास्टर-की से ताला खोला तो कमरे में महिला की खून में लथपथ लाश थी। उसका पति गायब था। -फोटो एआई जनरेटेड
हत्या के खुलासे के लिए इन सवालों के जवाब चाहिए थे…
- रणवीर और मोनिका बनकर होटल में ठहरा कपल आखिरकार कौन था ?
- मृतका (मोनिका) की शिनाख्त क्यों नहीं हो पा रही थी ?
- क्या हत्या आरोपी (रणवीर) ने ही की, अगर हां तो क्यों
- ह्त्या के बाद आरोपी (रणवीर) कहां गायब हो गया था ?
- क्या इस मर्डर के पीछे वास्तव में राजस्थान कनेक्शन था या हत्यारे ने यहां भी कोई झूठी ही कहानी गढ़ी थी?
पुलिस मामले को इन्वेस्टिगेट कर रही थी। इस बीच पंजाब पुलिस को 8 दिसंबर, 2016 को अचानक राजस्थान के बाड़मेर जिले के एसपी गगन सिंगला के ऑफिस से एक संदेश मिला।
संदेश में कहा गया कि अमृतसर के होटल सिंह इंटरनेशनल के कमरा नंबर 104 में युवती की हत्या कर के फरार हुआ हत्यारा उनकी हिरासत में है।

बाड़मेर पुलिस ने पंजाब पुलिस को फोन करके सूचना दी कि जिस आरोपी की उन्हें तलाश है वो उनकी हिरासत में है। -फोटो एआई जनरेटेड
सूचना महत्त्वपूर्ण थी। ऐसे में पंजाब पुलिस की एक टीम 9 दिसंबर को बाड़मेर पहुंची। यहां पता चला कि होटल में जो रणवीर बनकर ठहरा था, उसका असल नाम राजेंद्र चौधरी है। जिस मोनिका को वह अपनी पत्नी बता रहा था,वह भावना चौधरी थी।
थाना सदर के तत्कालीन थाना प्रभारी जयराम चौधरी के सामने पंजाब पुलिस टीम ने हत्यारे राजेंद्र चौधरी से पूछताछ की। अधिक पूछताछ करने और सबूत जुटाने के लिए 10 दिसंबर, 2016 को राजेंद्र को बाड़मेर के जेएमसी अंबिका सोलंकी बल्होत्रा की अदालत में पेश कर के 3 दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया।
राजेंद्र चौधरी उर्फ रणवीर सिंह को अमृतसर लाकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर के रिमांड पर लिया। पुलिस चौकी लाकर पूछताछ की गई तो उसने होटल में हत्या की हैरान करने वाली कहानी बताई।
राजेंद्र प्रकाश चौधरी राजस्थान के बाड़मेर के सारणनगर-जालिया के रहने वाले तगाराम का बेटा था। 12वीं करने के बाद राजेंद्र डिस्कॉम कंपनी में इलेक्ट्रिशियन की नौकरी करने लगा था।
राजेंद्र की नौकरी लग गई तो घर वालों ने 10 जून, 2014 को भावना से उस की शादी कर दी। शादी के थोड़े ही दिन बाद राजेंद्र पत्नी पर शक करने लगा।

भावना हंसमुख स्वभाव की थी, लेकिन वह किसी दूसरे मर्द से बात करे ये राजेंद्र को बिल्कुल पसंद नहीं था। -फोटो एआई जनरेटेड
दरअसल, भावना का हंसमुख स्वभाव था। इसी वजह से वह हंस-हंस कर बातें कर लेती थी। राजेंद्र को उस का यह स्वभाव यानी हर किसी से हंसना-बोलना जरा भी पसंद नहीं था।
इसी बात को लेकर पहले तो दोनों के बीच थोड़ी बहुत कहासुनी होती थी। धीरे-धीरे इस कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया। जब यह झगड़ा रोज होने लगा तो राजेंद्र की मोहल्ले में बदनामी होने लगी। इस बदनामी से बचने के लिए उस ने घर छोड़ दिया और नेहरूनगर में किराए का मकान ले कर पत्नी के साथ रहने लगा।
राजेंद्र ने घर जरूर बदल लिया था, लेकिन न उस का स्वभाव बदला था और न भावना का। घर वालों से अलग होने के बाद पति-पत्नी के बीच होने वाले झगड़े और ज्यादा होने लगे।
वह भावना को किसी से बातें करते देख लेता तो उस का खून खौल उठता। भावना लाख सफाई देती, लेकिन वह उस की बातों पर बिलकुल विश्वास नहीं करता था। इसी वजह से वह शराब भी पीने लगा।
एक दिन झगड़ा करने के बाद राजेंद्र ने शराब पी तो उस के दिमाग में आया कि ऐसी औरत को मौत के घाट उतार देना ही ठीक है। यह जब तक जिंदा रहेगी, उसे इसी तरह जिल्लत और बदनामी झेलनी पड़ेगी। बस इसी के बाद वह भावना की हत्या के बारे में सोचने लगा।

राजेंद्र इंटरनेट पर हत्या के तरीके ढूंढने लग गया। वह हर हाल में पत्नी से पीछा छुड़ाना चाहता था। -फोटो एआई जनरेटेड
वह भावना की हत्या कुछ इस तरीके से करना चाहता था कि किसी भी सूरत में पकड़ा न जाए। इसके लिए वह साइबर कैफे जा कर इंटरनेट पर भावना की हत्या के लिए आइडिया ढूंढ़ने लगा। आखिर एक दिन उसे आइडिया मिल गया। इस के बाद उस ने बाजार से एक सर्जिकल ब्लेड और हथौड़ी खरीद कर रख ली।
राजेंद्र ने साइबर कैफे से ही अपने और भावना के फर्जी नाम रणवीर और मोनिका के नाम से पहचान पत्र बनाया। योजना के अनुसार, उस ने भावना से झगड़ना भी बंद कर दिया।
उसे विश्वास में लेने के लिए प्यार से बातें करने लगा। फर्जी पहचान पत्र से नया सिम खरीद कर उस ने भावना से कहा, ‘अब हमारे घर का झगड़ा खत्म हो गया है, क्यों न हम कहीं घूमने चलें?’
भावना तैयार हो गई। 10 नवंबर, 2016 को फर्जी पहचान पत्र से टिकट करा कर वह भावना के साथ अमृतसर आ गया। घर से चलते समय उस ने अपना मोबाइल फोन घर में ही खड़ी मोटरसाइकिल की डिक्की में रख दिया था, ताकि उसके फोन की लोकेशन घर की ही मिले।
अमृतसर में उसने होटल सिंह इंटरनेशनल में कमरा नंबर 104 बुक कराया और उसी में भावना के साथ ठहर गया। 13 नवंबर को दिन में उसने भावना को अमृतसर में घुमाया। रात 9 बजे लौट कर होटल के कमरे में ही शराब पीने बैठ गया। बातों-बातों में प्यार की दुहाई दे उस ने भावना को भी शराब पिला दी।

हत्या से पहले राजेंद्र ने भावना को काफी शराब भी पिलाई ताकि वो होश में न रहे। फोटो एआई जनरेटेड
रात 11 बजे के करीब राजेंद्र ने देखा कि भावना की नशे और नींद की खुमारी में आंखें बंद हो रही हैं। पहले उस ने उसे पीटपीट कर अधमरा कर दिया। इस के बाद साथ लाई हथौड़ी से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए। वह बेहोश हो गई तो सर्जिकल ब्लेड से उसकी श्वास नली काट दी।
भावना की हत्या करने के बाद उस ने कमरे में मौजूद एक-एक चीज से खुद की अंगुलियों के निशान मिटाए। इसके बाद 12 बजे के करीब कमरे का दरवाजा बंद कर के वह होटल के बाहर निकल गया। रेलवे स्टेशन से उस ने ट्रेन पकड़ी और बाड़मेर पहुंच गया।
घर आने पर उसे पता चला कि उस की अनुपस्थिति में उस का साला देवेंद्र भावना के बारे में पता करने आया था। राजेंद्र ने देवेंद्र के सामने कई बहाने बनाए। पहले तो वो उसकी बातों में आ गया लेकिन जब कई दिनों तक भावना नहीं दिखी तो राजेंद्र पर उसका शक गहरा गया।

कई दिनों तक भावना का पता नहीं चला तो उसके भाई देवेंद्र का शक राजेंद्र पर गहरा गया। फोटो एआई जनरेटेड
वो बाड़मेर पुलिस के पास पहुंचा और राजेंद्र पर शक जाहिर करते हुए भावना का पता लगाने की गुहार लगाईं। बाड़मेर पुलिस ने राजेंद्र को हिरासत में लेकर उससे भावना के बारे में पूछा गया तो सारी सच्चाई सामने आ गई और भावना की हत्या का राज खुल गया। इसी के बाद पंजाब पुलिस को सूचना दी गई थी।
इधर पंजाब पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए राजेंद्र को 2 दिनों के रिमांड पर और लिया। इस बीच उसकी निशानदेही पर उस के घर से सर्जिकल ब्लेड बरामद कर ली गई। हथौड़ी होटल के कमरे से बरामद ही हो चुकी थी। 2 दिनों का रिमांड समाप्त होने पर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
29 अक्टूबर 2022 को अमृतसर की ट्रायल कोर्ट में एडिशनल सेशंस जज ने दोषी मानकर उसे उम्रकैद की सजा सुना दी थी। इस फैसले के खिलाफ उसने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की हुई है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने भी 11 जुलाई 2024 को एक निर्णय सुनाते हुए इस अपील के लंबित रहने तक राजेंद्र चौधरी की सजा को निलंबित करते हुए उसे जमानत दे दी है। मामला अभी हाईकोर्ट में पेंडिंग है।
होटल में ठहरा कपल, कमरे में मिली युवती की लाश:हथौड़े से किए कई वार, कोई फिंगर प्रिंट नहीं, नाम-पता सब फर्जी, पार्ट-1

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