जोधपुर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 2 से मैन बिल्डिंग तक फुटओवर ब्रिज की लंबाई तकरीबन एक किलोमीटर तक की है।
जोधपुर रेलवे स्टेशन के 474 करोड़ रुपए की लागत से री-डवलपमेंट काम तेजी से चल रहा हैं। इसी कड़ी में स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार बिल्डिंग के सेकंड फ्लोर को निर्माणाधीन प्लेटफॉर्म संख्या-6 से जोड़ने वाले पहले फुट ओवर ब्रिज के लिए गर्डर लॉन्चिंग का कार्
जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का री-डवलपमेंट कराया जा रहा है। द्वितीय प्रवेश द्वार की बिल्डिंग का ढांचागत निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब इसे सभी प्लेटफॉर्म से कनेक्टिविटी देने का काम शुरू हो गया है।
सात फुट ओवर ब्रिज से मिलेगी कनेक्टिविटी
स्टेशन के मेगा री-डेवलपमेंट के अंतर्गत सेकंड एंट्री बिल्डिंग को मेन बिल्डिंग से जोड़ने के लिए कुल 7 फुटओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। इन सभी फुटओवर ब्रिज की कुल लंबाई लगभग एक किलोमीटर होगी, जो यात्रियों को सुगम आवागमन की सुविधा प्रदान करेगी।
डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि बनने वाले इन सभी फुट ओवर ब्रिज से प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त संख्या में लिफ्ट व एस्केलेटर्स की सुविधा भी दी जाएगी। ताकि, बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगजनों व अन्य यात्रियों को भारी सामान के साथ सीढ़ियां चढ़ने की समस्या नहीं हो।

पहले फुटओवर ब्रिज का ये काम जल्द होगा पूरा। ऐसे ही 6 और बनेंगे।
पहले F.O.B. की खासियतें
बन रहे एफओबी-1 की लंबाई लगभग एक किलोमीटर होगी, जो सेकंड एंट्री स्टेशन बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से निर्माणाधीन प्लेटफॉर्म 6 को कनेक्ट करेगा। इस पहले एफओबी की गर्डर लॉन्चिंग सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा मापदंडों का ध्यान रखते हुए कराई गई है।
खासी जटिल है गर्डर लॉन्चिंग की प्रक्रिया
रेलवे स्टेशन पर बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा की दृष्टि से गर्डर लॉन्चिंग एक बेहद अहम और तकनीकी रूप से जटिल प्रक्रिया है। गर्डर लॉन्चिंग में भारी-भरकम स्टील और कंक्रीट के गर्डर को रेलवे ट्रैक के ऊपर या बीच में सावधानी के साथ रखा जाता है। यह कार्य विशेष क्रेन और हाइड्रोलिक उपकरणों की मदद से किया जाता है। इस कार्य के दौरान ट्रेन संचालन में कम से कम बाधा हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती जाती है।
474 करोड़ के प्रोजेक्ट में चार व तीन मंजिला बिल्डिंग भी
जोधपुर रेलवे स्टेशन का री-डवलपमेंट 474 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में मुख्य प्रवेश द्वार पर चार मंजिला बिल्डिंग और द्वितीय प्रवेश द्वार पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण शामिल है। स्टेशन पर 72 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स तैयार किया जा रहा है, जो प्लेटफॉर्मों और दोनों साइड की इमारतों को आपस में जोड़ेगा। इस एरिया में वाणिज्यिक दुकानें, कैफेटेरिया, एग्जीक्यूटिव लाउंज, फूड कोर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र और वेटिंग हॉल होंगे।

रोजाना हजारों यात्रियो को सुविधा रहे, इसके लिए लगेंगे ऐसे ही 16 एस्केलेटर।
92 हजार का फुटफॉल, कुल 35 लिफ्ट व 16 एस्केलेटर लगेंगे
यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर कुल 35 लिफ्ट और 16 एस्केलेटर लगाए जाएंगे। स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा। यात्रियों को स्काई वॉक, हाई-टेक वेटिंग रूम, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, बेहतर लाइटिंग, पार्किंग, दिव्यांगजन सुविधाएं, आधुनिक सुरक्षा उपकरण, कोच गाइडेंस बोर्ड और ट्रेन इंडिकेटर की सुविधाएं मिलेंगी। प्रतिदिन करीब 92,000 यात्री जोधपुर स्टेशन का उपयोग करते हैं, जिन्हें अब विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
हेरिटेज को संजोते हुए आधुनिकीकरण
जोधपुर रेलवे स्टेशन एक ऐतिहासिक स्टेशन है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके विश्वस्तरीय विकास की मंजूरी दी है। पुनर्विकास में सूर्यनगरी जोधपुर की पारंपरिक स्थापत्य कला और हेरिटेज को बरकरार रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जा रहा है। स्टेशन का डिजाइन अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में जोधपुर रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और प्रगति से संतोष व्यक्त किया। इस परियोजना से जोधपुर में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और शहर को पर्यटन के लिहाज से भी बड़ा फायदा मिलेगा।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments