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दौसा में कृषि विभाग तथा पुलिस द्वारा जप्त किया गया खाद (फाइल फोटो)
किसानों की मेहनत और फसल की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। बगड़ी गांव से जब्त किए गए डीएपी उर्वरक की जांच रिपोर्ट में नकली पाया गया है।
सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) अशोक मीना ने बताया कि 21 सितंबर को जब्त सैंपल की रिपोर्ट दुर्गापुरा जयपुर स्थित उर्वरक प्रयोगशाला से मिली है, जिसमें डीएपी में फॉस्फोरस की मात्रा 46% के स्थान पर मात्र 0.94% पाई गई।
रिपोर्ट ने अन्य तत्वों की भी पोल खोल दी है। नाइट्रोजन 18% की जगह 8.40%, जल में घुलनशील फॉस्फोरस 39.5% की जगह 0.47% और अमोनिकल नाइट्रोजन 15.5% के स्थान पर सिर्फ 6.80% ही मिली। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि यह उर्वरक पूरी तरह अमानक और किसानों के साथ धोखाधड़ी है।
मामले में आरोपियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत मंडावरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। जब्त उर्वरक की जानकारी कलेक्टर को भी भेजी गई है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और बिल अवश्य लें। यदि कहीं भी ट्रक, ट्रॉली या अन्य साधनों से अवैध रूप से डीएपी या यूरिया सप्लाई होती दिखे तो तत्काल विभाग को सूचना दें। पुलिस अवैध उर्वरक भंडारण मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।
रिपोर्ट: कमलेश आसीका, लालसोट
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