जोधपुर में भेड़िया के काटने के बाद रेबीज से युवक की मौत हो गई। युवक के मुंह में छाले हो गए थे। सांस लेने में भी तकलीफ थी। वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था।
महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर फतेहसिंह भाटी ने बताया- लूणी के करनियाली गांव निवासी मगनाराम की मौत हुई है। मरीज को घरवाले अस्पताल लेकर आ रहे थे। यहां पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
अधीक्षक ने बताया- मरीज को परिजन 3 सितंबर को हॉस्पिटल में लेकर आए थे। उसे एडमिट भी कर लिया गया था, लेकिन दो-तीन घंटे बाद ही परिजन उसे वापस लेकर चले गए। इसके बाद 4 सितंबर को वापस लेकर आ रहे थे।
तीन दिन लेट लगा था टीका लूणी सीएचसी प्रभारी डॉ दिनेश सोनी ने बताया- पेशेंट को 16 अगस्त को भेड़िये ने काटा था। इसकी गर्दन के पास जख्म था। वह सीएचसी में 18 अगस्त को आया था। इस पर उसे टीका लगाया गया था। इसके बाद 19 अगस्त को भी टीका लगाया गया था, लेकिन तीन दिन लेट आने की वजह से वायरस फैल गया था। गर्दन या सिर के आस-पास काटने पर वायरस ज्यादा प्रभावित रहता है।
पेशेंट की पहचान लक्षणों के आधार पर ही की जाती है महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर फतेहसिंह भाटी ने बताया- रेबीज के पेशेंट की पहचान लक्षणों के आधार पर ही की जाती है। इसकी कोई जांच नहीं होती है। पेशेंट को हाइड्रोफोबिया होता है। रेबीज के लक्षण होने के बाद इसका इलाज नहीं होता है। पेशेंट की 24 से 48 घंटे में मौत हो जाती है। रेबीज पेशेंट के संपर्क में आने वालों में भी इसके फैलने की आशंका रहती है। इसलिए इसमें सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

युवक मगनाराम की फाइल फोटो।
17 दिन पहले भेड़िये के हमले का मामला सामने आया था जोधपुर के लूणी से शिकारपुरा रूट पर 18 अगस्त को भेड़िये के हमले का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया था कि 2 दिनों में लूणी क्षेत्र में भेड़िये ने 10 से अधिक लोगों पर हमला किया। काकाणी हाईवे पर एक भेड़िया मृत भी मिला था। (पूरी खबर पढ़ें)
अब ग्राफिक से जानिए रेबीज के बारे में…

अब ग्राफिक से जानिए भेड़िए के बारे में…



Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments