![]()
बालानंद महाराज मंदिर की टाइल्स उखड़ीं।
देवस्थान विभाग ने आत्मनिर्भर श्रेणी के मोहन लाल कंवलदास सर्राफ , बृजलौठा जी अटलबंध, बालानंद, बिहारी जी डेहरा और कुम्हेर के मंदिरों के लिए 50-50 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इन मंदिरों का जीर्णोद्धार पीडब्ल्यूडी विभाग करेगा। लेकिन सवाल यह है कि वर्ष 2019
पीडब्ल्यूडी ने 2022-23 में कार्य पूरे कराए और अगले ही साल मंदिरों की हालत बिगड़ गई। कहीं दीवारों में दरारें आ गईं तो कहीं नई लगी टाइल्स उखड़ गईं। जब देवस्थान विभाग ने पीडब्ल्यूडी को मरम्मत के लिए लिखा तो विभाग ने गारंटी पीरियड खत्म होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
पुजारियों का विरोध- जीर्णोद्धार या पैसे की बर्बादी?
मंदिरों की दुर्दशा को लेकर पुजारियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि कई साल से जीर्णोद्धार की मांग की जा रही थी। विभाग के चक्कर लगाने और बार-बार पत्र लिखने के बाद जाकर इस साल राशि स्वीकृत हुई है। लेकिन अगर पीडब्ल्यूडी ने पिछली बार की तरह ही काम कराया तो यह फिर से सरकार के पैसे और पुजारियों की मेहनत की बर्बादी होगी। पुजारियों ने साफ कहा कि इस बार मंदिरों के कार्य सख्त नियमों और निगरानी के साथ हों।
इन मंदिरों का पीडब्ल्यूडी ने कराया था कार्य
लालाजी महाराज, – 37.88 लाख रुपए, गोपालजी, नदिया मोहल्ला- 19.18 लाख रुपए, चिमनाजी केतन गेट- लागत 12.28 लाख रुपए, रघुनाथ विरक्त- लागत 15.82080 लाख, मोहन जी अटलबंध- लागत 72.22 लाख, मदनमोहन जी टांडा- 14.34 लाख, हनुमान जी अटलबंध- 16.51 लाख, बालानंद धीमर मोहल्ला- 22.35 लाख, जानरायजी खपाटिया- 16 लाख, सिरकी वाले हनुमानजी- 37.43 लाख, लक्ष्मणजी कुम्हेर- 39.68 लाख, गोपालजी पैंघोर, कुम्हेर 42 लाख रुपए, मंदिर लक्ष्मणजी डीग- 20 लाख रुपए
“मंदिरों के लिए भेजे गए प्रस्तावों में पैसा स्वीकृत हो गया है। जल्द ही पीडब्ल्यूडी मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम करेगी। पूर्व में कराए गए कार्यों के खराब होने पर पीड्ब्ल्यूडी को पत्र भी लिखा गया था। पर, समय सीमा खत्म होने का विभाग ने हवाला दे दिया था।”
-मुकेश मीणा, सहायक आयुक्त ( देवस्थान विभाग)
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments