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कवियत्री ममता मंजुला को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में साहित्य रत्न सम्मान से पुरस्कृत किया है।
टोंक की कवयित्री ममता मंजुला (शिक्षिका ) को कृषि ऑडिटोरियम दुर्गापुरा जयपुर में अभाकाम संस्था द्वारा आयोजित मुंशी प्रेमचंद साहित्य रत्न सम्मान समारोह में सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें गत दिनों कविता श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्र
द्वितीय स्थान आने पर ममता मंजुला को सात हजार एक सौ एक रुपये ,स्मृति चिह्न,सम्मान पत्र व शॉल भेंट की गई है। इस सम्मान को लेकर जहां कवयित्री का मनोबल बढ़ा है, वहीं उनके प्रशंसक भी काफी खुश है।
अभाकाम संस्था हर वर्ष देश भर के कवि,साहित्यकार व समीक्षकों को मुंशी प्रेमचंद साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित करती आ रहीं है।इस वर्ष यह कार्यक्रम कृषि प्रबंध संस्थान ऑडिटोरियम दुर्गापुरा जयपुर में कलम के सिपाही व उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 145 वीं जयंती पर रविवार को आयोजित किया गया।
मंजुला का लिखा गीत चर्चा में
कवयित्री ममता जाट मंजुला का लिखा गीत इन दिनों चर्चा में है। माउंट आबू में एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनके गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुति हुई। राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोठी नातमाम में शिक्षिका ममता मंजुला का लिखा गीत “धोरां री, धरती री जगमग ज्योति लोगों को खूब पसंद आ रहा है। मरु कोकिला सीमा मिश्रा ने इसे अपनी आवाज दी है। यह गीत पूरे राज्य में लोकप्रिय हो रहा है।
मुंबई के एक स्टूडियो में आशा भोंसले ने भी ममता मंजुला के लिखे गुरुवंदना गीत को अपनी आवाज से नवाजा है। उनको मिले सम्मान पर साहित्य प्रेमियों ने हर्ष जताया है।
इनपुट: एम असलम ।
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