टोंक में ब्यावर के रहने वाले भेड़ मालिक मांगीलाल रेबारी (50) का शव शनिवार देर रात उनियारा थाना क्षेत्र के भाट का नाडा गांव के पास एक कुएं से मिला। लापता हुए मांगीलाल की तलाश में जुटी पुलिस और SDRF टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर शव को बाहर निकाला।
परिजन ने जताई हत्या की आशंका, दिया धरना
शव मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजन और रेबारी समाज के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि मृतक के सिर और पैर में चोटों के निशान साफ दिख रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज करने से बच रही है।
परिजनों और रेबारी समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुखदेव देवासी ने रविवार दोपहर 12 बजे से उनियारा अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरना शुरू कर दिया, जो दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। मृतक के साथ रेवड़ (भेड़े) लेकर आए अन्य भेड़ मालिक भी मौके पर पहुंचे और उसकी हत्या की आशंका जताते हुए हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। अभी शव को उनियारा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा रखा है। अभी शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है।

धरने पर बैठे देवासी समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुखदेव देवासी के समाज के लोग।
समाज की मांगें, पोस्टमॉर्टम में न्यायिक अधिकारी हो शामिल
मृतक के साथियों का कहना है कि गत दिनों मृतक की कई भेड़े चोर ले गए और अब उसकी लाश कुएं में मिली है। संभवत उसकी हत्या कर उसे कुएं में फेंक दिया। मृतक के सिर और पैर में चोटों के निशान साफ दिख रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज करने से बच रही है।
धरने पर बैठे देवासी समाज के प्रदेशाध्यक्ष सुखदेव देवासी के समाज के लोगों ने पुलिस के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं कि आरोपी आरोपी देवा और अन्य शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। पोस्टमॉर्टम टीम में न्यायिक अधिकारी भी शामिल हों और बनेठा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी राम गिलास पर कार्रवाई की जाए।

पति की मौत की खबर से बेखबर समाज की महिला के साथ गुमशुम डेरे पर बैठी उसको पत्नी शोभा रेबारी (दाएं ओर)
22 भेड़ें हुई चोरी, लेकिन कार्रवाई नहीं
मांगीलाल रेबारी अपने परिवार और आठ-दस परिचित भेड़ मालिकों के साथ इन दिनों उनियारा कस्बे के पास नहर किनारे खुले में डेरा डाले हुए थे। इससे पहले वे बनेठा थाना क्षेत्र में रह रहे थे। दो सितंबर को मांगीलाल किसी निजी काम से बाहर गया और उसने करीब 300 भेड़ों की देखरेख की जिम्मेदारी मेहनताने पर रखे गए चरवाहे देवा उर्फ दयाराम पुत्र गोकुल रेबारी निवासी जयनगर, थाना इंद्रगढ़ (जिला बूंदी) को सौंप दी। उसी शाम मांगीलाल वापस आ गया और थोड़ी देर बाद देवा भी भेड़ें चराकर लौटा। उसने मांगीलाल से कहा कि उसे गांव में जरूरी काम है और वह चला गया।
करीब एक घंटे बाद जब मांगीलाल ने दुधारू भेड़ों का दूध निकाला तो उसे पता चला कि उसकी 22 भेड़ें कम हैं। उसने तुरंत देवा को कॉल किया और जानकारी दी। देवा ने दावा किया कि उसने तो सभी भेड़ें लौटा दी थीं। इसके बाद देवा दोबारा लौटकर नहीं आया। परेशान होकर मांगीलाल ने इस घटना की रिपोर्ट बनेठा थाने में दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बेटी के अपहरण की कोशिश, फिर भी नहीं की करवाई
भेड़ों की चोरी के बाद उनियारा थाना क्षेत्र के नहर किनारे में एक बोलेरो सवार चार-पांच लोग उसके डेरे से मांगीलाल की बेटी का अपहरण करने की कोशिश की। परिवार के विरोध करने पर आरोपी वहां से भाग निकले। इस घटना की भी रिपोर्ट थाने में दी गई, मगर फिर भी पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। इस बीच 14 सितंबर को मांगी लाल का भेड़े चराते लापता हो गया था।
अपहरण के बाद से था लापता, देवा पर था शक
मृतक के साथियों का कहना है कि मांगीलाल रेबारी का 14 सितंबर को भेड़ चराते समय अपहरण हो गया था। उसकी पत्नी शोभा रेबारी ने दूसरे दिन रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसमें उसने चरवाहे देवा उर्फ दयाराम रेबारी (निवासी बूंदी) पर शक जताया था।

बीती देर रात SDRF की टीम ने शव को कुएं नील्स निकला। शव सड़ांध मार रहा है।
शव की जानकारी पत्नी और बच्चों को नहीं दी गई
SDRF टीम ने शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे शव बाहर निकाला और उनियारा अस्पताल में रखवा दिया। रविवार दोपहर तक मृतक की पत्नी और बच्चे अनजान रहे । मृतक के परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है।
दो जनों को किया डिटेन
उनियारा थाना प्रभारी कप्तान सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। मृतक के अपहरण के मामले में दो जनों को डिटेन किया गया है।
उनियारा के कार्यवाहक देवेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में पोस्टमार्टम करवाने के लिए परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर ASP ब्रिजेंद्र सिंह भाटी भी आए है। उन्होंने भी समझाया है। लेकिन अभी परिजन राजी नहीं हुए है।
इनपुट: आनंद शर्मा,उनियारा।
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