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सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 मामले में आज हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस पूरी हो गई। जस्टिस समीर जैन की अदालत में याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने कहा कि यह भर्ती रद्द होने के पूरे मापदंड तय करती हैं।
उन्होने सरकार और चयनित अभ्यर्थियों की बहस का जवाब देते हुए कहा कि हमारी याचिका आज भी मेंटेनेबल (चलने योग्य) हैं। हमने याचिका में सरकार से नहीं, कोर्ट से भर्ती रद्द करने की प्रार्थना की थी।
फरवरी में हमारी बहस पूरी होने के बाद सरकार ने कोर्ट में कहा था कि हम भर्ती पर निर्णय लेना चाहते हैं। वहीं हाईकोर्ट याचिका में मांगी गई रिलीफ से अलग जाकर भी राहत प्रदान कर सकता हैं।
सरकार के कहने पर एसओजी ने भर्ती रद्द की सिफारिश की उन्होने बहस करते हुए कहा कि सरकार का यह कहना कि एसओजी ने अपनी मर्जी से भर्ती रद्द करने की सिफारिश कर दी। यह पूरी तरह से गलत हैं। 24 मार्च 2024 को गृह विभाग ने एसओजी को लैटर लिखकर भर्ती रद्द करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। उसी आधार पर एसओजी ने अपनी रिपोर्ट दी थी।
उन्होने कहा कि यह एकमात्र भर्ती है जिसमें पेपरलीक से जुड़े सभी अपराधी एक साथ शामिल पाए गए हैं। एसओजी ने भर्ती में 53 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स को गिरफ्तार किया हैं। वहीं कई ट्रेनी एसओजी की रडार पर हैं। भर्ती में आरपीएससी सदस्यों की गिरफ्तारी हुई हैं। उनके बच्चे भी पकड़े गए हैं। अगर भर्ती को रद्द नहीं किया जाता है तो पेपरलीक से सफल हुए कई सब इंस्पेक्टर कानून व्यवस्था को संभालेंगे।
इस स्थिति से बचने के लिए भर्ती को रद्द करने का एकमात्र विकल्प बचता हैं।
अगले सप्ताह बहस पूरी होने की संभावना एसआई भर्ती में हाईकोर्ट ने 7 जुलाई से फाइनल सुनवाई शुरू की थी। अदालत लगातार मामले में सुनवाई कर रही हैं। आज याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस पूरी होने के बाद अब सोमवार को सरकार और चयनित अभ्यर्थी याचिकाकर्ता की बहस पर अपना जवाब पेश करेंगे।
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अदालत अगले सप्ताह मामले में सुनवाई पूरी कर ली।
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