![]()
कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर आ खड़ी होती है, जहां न रास्ता दिखता है, न मंिजल। कुछ ऐसा ही हुआ पंजाब के पटियाला निवासी परविंदर कौर के साथ, जो 2 अप्रैल 2022 को अचानक घर से लापता हो गई थीं। परिजन ने उन्हें हर जगह ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इधर 5 अप्रैल 2022 को बाड़मेर शहर की सड़कों पर एक महिला बेसुध हालत में भटकती हुई मिली। पुलिस ने उसे बाड़मेर सदर थाना की सुरक्षा में लेकर स्थानीय श्री सत्य सांई अंध मूकबधिर विद्यालय एवं मानसिक पुनर्वास केंद्र भेजा। उसकी भाषा, मानसिक स्थिति और पहचान स्पष्ट नहीं थी, जिससे उसे पहचानना मुश्किल हो गया।
प्रधानाचार्य अनिल शर्मा ने जब पहली बार परविंदर को देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि यह कोई साधारण गुमशुदगी का मामला नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया, गुमशुदगी पोर्टल्स, लोकल पंजाबी मीडिया, फेसबुक ग्रुप्स सहित सभी संभव माध्यमों से परिवार की खोज शुरू की। लगातार तीन वर्षों की अथक मेहनत और प्रयासों के बाद पता चला कि यह महिला पंजाब के पटियाला की रहने वाली परविंदर कौर है। ससुराल पटियाला तथा पीहर अनंतपुर साहिब में है। उनके तीन पुत्र हैं।
जूली के बच्चों को देख जागा ममत्व:पुनर्वास केंद्र में रहते हुए परविंदर कौर की मुलाकात झारखंड के सिरई निवासी जूली से हुई, जो अपने दो बच्चों के साथ भटकते हुए बाड़मेर पहुंची थी। तीन महीने तक परविंदर और जूली के बच्चे साथ रहे।
जब विद्यालय प्रशासन ने जूली के परिजनों का पता लगाकर उन्हें वापिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की, तो जूली के बच्चों को जाते देख परविंदर का मातृत्व जाग उठा। इस भावनात्मक क्षण ने उसे भीतर तक झकझोर दिया और वह धीरे-धीरे अपने बारे में जानकारी देने लगी। परविंदर की जानकारी को आधार बनाकर प्रधानाध्यापक अनिल शर्मा ने उसके परिजनों से संपर्क किया।
परिवार जब बाड़मेर पहुंचा उसे लेकर पटियाला रवाना हो गया। लगभग 39 माह के बाद परविन्दर मिलने के बाद खुशी जताई।
Related
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments