जन्माष्टमी पर जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में सिर्फ भारतीय परिधान में ही एंट्री दी जाएगी। हृदय रोगी, डायबिटीज रोगी, ब्लड प्रेशर रोगी और सांस की तकलीफ वाले मरीजों को मंदिर नहीं आने के लिए कहा गया है। जन्माष्टमी पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए
गोविंद देवजी मंदिर में 16 अगस्त को जन्माष्टमी महोत्सव उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। इसे लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। पूरे मंदिर परिसर को इस उपलक्ष्य में बांदरवाल से सजाया गया है। विशेष रोशनी की गई है।
मंदिर में 31 जुलाई से जन्माष्टमी महोत्सव चल रहा है, जिसके तहत अलग-अलग मंडलियां भजन-कीर्तन और बधाई गा रही हैं। जन्माष्टमी के दिन ठाकुर श्रीजी के विशेष श्रृंगार, पंचामृत अभिषेक, कथा, आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को लेकर मंदिर और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था तय की है। इसके तहत 15 अगस्त को मंदिर छावण क्षेत्र में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। बैरिकेडिंग व्यवस्था सुचारू रहे। इस दौरान श्रद्धालु तय गेट और रूट से ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। रैंप से दर्शन लाभ ले सकेंगे।

जन्माष्टमी की रात होगा विशेष कार्यक्रम
16 अगस्त की रात 10 बजे से 11 बजे तक श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा का पाठ गोविंद जी मिश्र करेंगे। रात 12 बजे ठाकुर श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा। इस अवसर पर 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की जाएगी। ठाकुर श्री जी को नवीन पीत वस्त्र (पीले) धारण करवाए जाएंगे। विशेष अलंकार धारण कराई जाएंगे। ठाकुर श्री जी को विशेष फूलों का श्रृंगार किया जाएगा।
अभिषेक के दौरान 6 वेदपाठी पंडित वेद पाठ करेंगे, श्री शालिग्राम पूजन होगा और दूध, दही, घी, बूटा और शहद से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद पंजीरी लड्डू, खिटसा और रबड़ी कुल्हड़ का विशेष भोग अर्पित होगा।
425 लीटर दूध, 365 किलो दही से अभिषेक होगा
जन्माष्टमी पर विशेष अभिषेक के लिए 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो शक्कर बूरा और 11 किलो शहद सेवा अर्पित किया जाएगा। अभिषेक के बाद सभी भक्तों में जय निवास बाग स्थित चरणामृत वितरण मंच से निशुल्क चरणामृत और पंजीरी का वितरण होगा।
पुलिस और मंदिर वॉलंटियर्स संभालेंगे सुरक्षा और प्रबंधन
जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होने के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगेगा। लाखों की संख्या में भक्त ठाकुर जी के दर्शन करने पहुंचेंगे। ऐसे में भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्थाएं बनाए रखने के उद्देश्य से हजारों की संख्या में संयुक्त रूप से वॉलंटियर्स और पुलिस के जवान लगाए गए हैं। इसमें लगभग 3,000 कार्यकर्ता सुबह मंगला झांकी से लेकर अभिषेक समाप्त होने तक सेवा में लगे रहेंगे।
इसके अलावा करीब 150 स्काउट भी व्यवस्था में शामिल रहेंगे। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए लगभग 13 एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन 8 से 10 मेटल डिटेक्टर लगाएगा और मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
जयपुर के अन्य मंदिरों में भी होगा उत्सव
गोविंद देवजी के अधीन मंदिर श्री राधा माधव जी, नटवर जी, कुंज बिहारी जी, श्री गोपाल जी नागा, श्री गोपाल जी तालाब, श्री मुरली मनोहर जी और श्री गोपाल जी टोपाड़ा में भी 16 अगस्त को जन्माष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
15 अगस्त को छावण क्षेत्र में प्रवेश बंद रहेगा, दर्शनों की एंट्री व्यवस्था ऐसे रहेगी
- जलेब चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर मुख्य द्वार गेट नंबर 1 से प्रवेश करेंगे। यहां से मंदिर परिसर में बनी लाइन से होते हुए मंदिर के बाहर दर्शन लाभ रैंप पर पहुंचेंगे। इसके बाद घूमकर (U-TURN) गेट नंबर 2 से बाहर निकलेंगे।
- ब्रहमपुरी/कंचन नगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर 7 से प्रवेश करेंगे। यहां से नीचे बनी लाइन से होते हुए रैंप पर दर्शन करेंगे और घूमकर (U-TURN) गेट नंबर 6 से बाहर निकलेंगे।
- मंदिर छावनी में विशेष स्थिति होने के कारण दक्षिण-चंपल चौक मार्ग पर कोई आवागमन नहीं होगा।
शारीरिक असमर्थ और बुजुर्गों के लिए व्यवस्था
जिन श्रद्धालुओं के पास विकलांगता कार्ड, गंभीर बीमारी का मेडिकल सर्टिफिकेट या 80 वर्ष से अधिक आयु का प्रमाण पत्र होगा, वे मंदिर के पास बनी विशेष रैंप से प्रवेश कर सकेंगे। इन श्रद्धालुओं को भी रैंप के माध्यम से ही दर्शन लाभ मिलेगा। दर्शन के बाद सभी श्रद्धालु निर्धारित मार्ग से बाहर निकलेंगे।

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