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राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से वंचित बीपीएल परिवारों को अब गरीबी से मुक्त करने के लिए 1 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। वहीं, गरीबी रेखा से बाहर आ चुके परिवारों को प्रोत्साहन के तौर पर 21 हजार रुपए दिए जाएंगे।

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प्रदेश सरकार ने पिछले बजट में पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत प्रथम चरण के 5002 गांवों में सर्वे पूरा कर, 24 हजार से अधिक गरीब परिवारों का चयन कर लिया गया है।

अभी दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। योजना का लाभ किन परिवारों को मिलेगा? इसके लिए आवेदन कहां करना होगा? योजना से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब भास्कर ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों से लिए। पढ़िए- मंडे स्पेशल स्टोरी में….

पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना क्या है?

इसके योजना लिए भजनलाल सरकार ने 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 5 हजार 2 गांवों का चयन कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है- यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है।

जिसमें बीपीएल परिवारों को स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए अधिकतम 1 लाख रुपए तक की सहायता दी जा सकती है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।

योजना के लिए राज्य सरकार ने 300 करोड़ का बजट मंजूर किया है।

योजना के लिए राज्य सरकार ने 300 करोड़ का बजट मंजूर किया है।

सवाल : बीपीएल परिवारों को एक लाख रुपए कैसे मिलेंगे, कब मिलेंगे?

जवाब : केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से बीपीएल परिवार को जोड़ा जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार पहले चरण के गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है।

वहीं, 17 सितंबर से दूसरे चरण के गांवों का और सर्वे शुरू हो गया है। सर्वे का काम 2-3 महीने में पूरा हो जाएगा। सर्वे पूरा होते ही बीपीएल कार्ड धारियों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

इसके अलावा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई बीपीएल परिवारों की महिलाओं के लिए प्रति परिवार 15 हजार रुपए वर्किंग कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।

सवाल : इस योजना के लाभ के लिए बीपीएल कार्ड धारी को क्या करना होगा?

जवाब : ग्रामीण विकास विभाग की टीम सर्वे करने गांव जाएगी, उस दौरान बीपीएल कार्ड धारी परिवार से जो जानकारी मांगेगी, वह देनी होगी।

अधिकारियों के मुताबिक योजना का लाभार्थी बनने की पहली शर्त यही है- परिवार के पास बीपीएल कार्ड होना है आवश्यक है। सर्वे के दौरान चयन होने के बाद।

इसके बाद पटवारी और ग्रामसेवक ही आगे की प्रक्रिया करता है। बता दें, सरकार ने जिला स्तर पर जिला कलेक्टर और उपखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है।

उपखंड स्तर पर गठित कमेटी में पटवारी और ग्राम सेवक बीपीएल परिवारों को चिन्हित करते हैं।

गांवों के सर्वे कर रही टीम बीपीएल परिवारों का भौतिक सत्यापन करेगी। इसके बाद वंचित परिवारों को योजनाओं से जोड़कर लाभ पहुंचाया जाएगा। फाइल फोटो।

गांवों के सर्वे कर रही टीम बीपीएल परिवारों का भौतिक सत्यापन करेगी। इसके बाद वंचित परिवारों को योजनाओं से जोड़कर लाभ पहुंचाया जाएगा। फाइल फोटो।

सवाल : आवेदन कहां और कैसे करना होगा?

जवाब : पटवारी और ग्राम सेवक सर्वे के दौरान मौके पर ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े में बीपीएल कार्डधारी परिवारों से आवेदन लिए गए हैं।

अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया है। ऐसे परिवारों को प्राथमिकता से लाभांवित किए जाने के लिए लिखा गया है।

सवाल : लाभार्थी योजना से कैसे कनेक्ट होगा, एक उदाहरण से समझिए

जवाब : मान लीजिए सोहन लाल नाम का व्यक्ति बीपीएल कार्ड धारी है। सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत उसे पेंशन भी मिल रही है। सरकार चाहती है कि सोहन लाल बीपीएल से बाहर निकल कर एपीएल में शामिल हो।

इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं उसे कनेक्ट किया जाएगा। जिसमें – वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, अन्नपूर्णा भंडार, नमो ड्रोन दीदी योजना, सोलर दीदी योजना, लखपति दीदी योजना, बैंक सखी योजना, मुख्यमंत्री स्व-निधि योजना और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और पंडित दीनदयाल गरीबी मुक्त गांव योजना शामिल हैं।

ये वो योजनाएं है जिन पर सरकार की सीधी नजर रहेगी। जिनका प्रभाव बीपीएल कार्ड धारी के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिलेगा। हर योजना की प्रगति रिपोर्ट महीने की 7 तारीख तक मुख्यमंत्री कार्यालय और आयोजन विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।

इससे सरकार को योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने, समस्याओं की पहचान करने और समय रहते समाधान लागू करने में मदद मिलेगी। सीधी रिपोर्टिंग मुख्यमंत्री कार्यालय को होगी।

सवाल : टीम जब सर्वे करने जाएगी तो क्या-क्या चेक करेगी, जिसके बाद चयन होगा?

जवाब : अधिकारियों के मुताबिक एसडीएम की अध्यक्षता में गठित टीम सबसे पहले यह पता करेगी कि व्यक्ति बीपीएल कार्ड धारी है या नहीं।

बीपीएल कार्डधारियों की लिस्ट से मिलान किया जाएगा। यह लिस्ट एसडीएम कार्यालय द्वारा मुहैया कराई जाएगी। सत्यापन के लिए सरपंच और ग्राम पंचायत के सचिव से मदद ली जाएगी।

यदि कोई को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहा है तो वह बीपीएल कार्डधारी माना जाएगा। वर्ष 2002 की बीपीएल जनगणना के अनुसार बीपीएल कार्ड धारियों को ही योजना का लाभ मिलेगा।

सवाल : अब तक कितने आवेदन आए?

जवाब : अब तक 61 हजार 442 परिवारों के आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। पहले चरण में राज्य के 5002 गांवों में कुल 30,727 बीपीएल परिवारों को चिन्हित किया गया है।

चिन्हित समस्त परिवारों का भौतिक सर्वे पूर्ण कर लिया गया है। चयनित परिवारों का बीपीएल जनगणना 2002 के आंकड़ों से मिलान कर वेब पोर्टल पर सर्वे इन्द्राज कर दिया गया है।

सर्वे के अनुसार 30,727 परिवारों में से 6205 परिवार मृत पाए गए हैं। दूसरे चरण में 75 हजार 120 परिवारों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें से 14 हजार 469 परिवार मृत पाए गए हैं।

सवाल : आवेदन करने के बाद मिले हैं या नहीं, इसकी जानकारी कैसे मिलेगी?

जवाब : अधिकारियों का कहना है कि बीपीएल कार्ड धारी को लाभ मिला है या नहीं, इसकी जिम्मेदारी उपखंड स्तर पर गठित कमेटी की होगी।

कमेटी में एसडीएम, पटवारी और ग्रामसेवक को शामिल किया गया है। जो आवेदन संबंधित विभाग को भेजे गए हैं, वह लाभ देने की कार्यवाही करेगा। बीपीएल कार्डधारी को हर अपडेट दिया जाएगा।

स्थानीय स्तर के अधिकारियों को परिवार के चयन और योजनाओं की स्थिति के बारे में हर महीने की जानकारी को अपडेट कराना होगा।

स्थानीय स्तर के अधिकारियों को परिवार के चयन और योजनाओं की स्थिति के बारे में हर महीने की जानकारी को अपडेट कराना होगा।

सवाल : गरीबी रेखा से बाहर आ चुके परिवारों को 21 हजार रुपए कौन देगा, यह राशि उन्हें कैसे मिलेगी?

जवाब : राज्य सरकार द्वारा एपीएल परिवारों को प्रोत्साहन स्वरूप आत्मनिर्भर परिवार कार्ड प्रदान किया जाएगा। 15 पैरामीटर्स पूर्ण कर गरीबी की रेखा के ऊपर आने वाले पात्र परिवारों को आत्मनिर्भर परिवार कार्ड प्रदान किया जाएगा।

ऐसे परिवारों के खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की जाएगी। ऐसे 22 हजार 400 परिवारों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जाएगी।

अब तक 17 हजार 891 परिवारों के बैंक खातों का सत्यापन किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा इन परिवारों को प्रोत्साहन स्वरूप आत्मनिर्भर परिवार कार्ड भी प्रदान किया जाएगा।

सवाल : आत्मनिर्भर परिवार कार्ड का पूरा प्रोसेस क्या है?

जवाब : बीपीएल 2002 के अनुसार ऐसे परिवार जो स्वतः: ही गरीबी की रेखा से ऊपर आ गए हैं, ऐसे 21 हजार 918 परिवारों को 21 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि एवं आत्मनिर्भर परिवार कार्ड प्रदान किया जाएगा।

ऐसे परिवारों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की जाएगी। अब तक 17 हजार 891 परिवारों के बैंक खातों का सत्यापन किया जा चुका है।

मंत्री अविनाश गहलोत बोले- बजट घोषणा होगी पूरी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है कि हम 5 हजार गांव को गरीबी से बाहर निकालेंगे। बजट में यह घोषणा की गई थी।

मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है कि सरकार का उद्देश्य बीपीएल परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। उनकी आय में बढ़ोतरी की जाएगी। जो सक्षम हो जाएंगे उन्हें 21 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।



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