पाली शहर के लाखोटिया तालाब में सफाई के अभाव में फैली गंदगी।
पाली शहर का सिटी टैंक लखोटिया तालाब में लाखों लीटर पानी वर्तमान में स्टोरेज है। जवाई पाइप लाइन लीकेज होने की स्थिति में यहां से पानी पाली शहर में सप्लाई किया जाता है। लेकिन इस लखोटिया तालाब की दुर्दशा का आलम कुछ ऐसा है कि सालों से इसमें गंदा पानी मिल

साफ सफाई के अभियान में लाखोटिया तालाब में उगी वनस्पति।
प्रदेशाध्यक्ष ने भी जताई थी नाराजगी गत महीने पांच मौखा पुलिया के पास बन रहे भाजपा के कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी पांच मौखा पुलिया क्षेत्र में फैली गंदगी और गंदा पानी लखोटिया तालाब में जाते देख नाराजगी जताई थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता के सेहत के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। तुरंत यहां सफाई करवाई जाए और तालाब में मिल रहे गंदे पानी को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की लाए। लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए।
जवाई पाइप लाइन में दिक्कत होने पर ही लेते है सिटी टैंक का पानी मामले में PHED विभाग के SE मनीष माथुर का कहना है कि जवाई बांध से पाइप लाइन के जरिए आने वाले पानी को फिल्टर करके शहर में सप्लाई देते है। पाइप लाइन में लीकेज होने की स्थिति में सिटी टैंक का पानी यूज करते है।

पाली के पांच मौखा पुलिया से गंदा पानी सिटी टैंक की तरफ जाते हुए।
सतर्कता समिति में उठाया था मुद्दा मामले में समाजसेवी बाबूलाल बोराणा का कहना है कि समस्या सालों पुरानी है। भैरुघाट क्षेत्र में तालाब किनारे बने कई घरों का गंदा पानी भी तालाब में मिल रहा है। कई बार शिकायतें कर चुके है। लिखित में सतर्कता समिति में मुद्दा भी उठाया लेकिन उसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब और कहां शिकायत दर्ज करवाए।
तालाब की सफाई होनी चाहिए पाली के केशव नगर में रहने वाले भेराराम बंजारा का कहना है कि सिटी टैंक की साफ-सफाई रखना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है। जरूरत पड़ने पर इस पाली को हमारे घरों तक सप्लाई किया जाता है। ऐसा गंदा पानी पीने से बीमार होने का डर रहता है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments