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डूंगरपुर शहर समेत गांवों से अंबाजी पदयात्रियों के जत्थे 200 किमी दूर अंबाजी धाम के लिए रवाना होने लगे हैं।
गुजरात के प्रसिद्ध अंबाजी शक्ति पीठ के लिए पदयात्रियों की रवानगी शुरू हो गई है। डूंगरपुर शहर समेत गांवों से अंबाजी पदयात्रियों के जत्थे 200 किमी दूर अंबाजी धाम के लिए रवाना होने लगे हैं। ये पदयात्री 5 से 6 दिन की पदयात्रा कर अंबाजी धाम में दर्शन और ख
जय अम्बे मित्र मंडल की 32वीं पदयात्रा शहर के कंसारा चौक स्थित महाकाली मंदिर कंसारा चौक से पूजा अर्चना के बाद रवाना हुई। संस्थापक संरक्षक पद्मेश गांधी के नेतृत्व में 15 सदस्यों का जत्था रवाना हुआ। यात्रा में जय अम्बे मित्र मंडल के संस्थापक संरक्षक पद्मेश गांधी, अध्यक्ष प्रदीप श्रीमाल, मुरलीधर शाह, गजेंद्र कुमार श्रीमाल, मोहनलाल श्रीमाल, विनय श्रीमाल, महेंद्र बासड़, विकरण, गोपाल श्रीमाल, कुशल, संजय, छगन भाई, सुशांत बंगाली शामिल हैं। सनातन धर्म समिति के महामंत्री मुकेश श्रीमाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक शाह ने तिलक लगाकर उपरणे से अभिनंदन कर रवाना किया। श्रीनाथ मंडल की माया सुथार, जया कंसारा, लक्ष्मी सेवक, अनीता सुथार, विवेक कंसारा, रमेश सुथार भी मौजूद रहे।
गांवों से भी कई पदयात्रियों के जत्थों की रवानगी शुरू हो गई है। इसमें महिला, पुरुष, युवा और बच्चे भी शामिल हैं। रथ और बोल मारी अम्बे जय जय अंबे के जयकारों के साथ पदयात्री 200 किमी और इससे ज्यादा का सफर कर अंबाजी धाम पहुंचेंगे। रास्ते में कई भक्तों और संगठनों की ओर से पदयात्रियों के विश्राम के लिए पांडाल लगाए हैं। जहां पदयात्रियों के बैठने से लेकर खाने पीने तक के पूरे इंतजाम किए गए हैं। भादवी पूनम पर अंबाजी में मुख्य मेला भरेगा।
पदयात्रियों के लिए 29 अगस्त से 3 दिन तक चलेगा भंडारा संस्थापक संयोजक पद्मेश गांधी ने बताया कि अंबाजी पदयात्रियों के लिए 29 से 31 अगस्त तक तीन दिवसीय भंडारा भी लगाया जाएगा। 24 घंटा विशाल भंडारा (विश्राम स्थल) सनातन धर्म समिति और श्रीनाथ महिला मंडल के सहयोग से महादेव टिंबर के बाहर रतनपुर रोड पर लगाया जाएगा। जिसमें शहर के समस्त सनातनी मौजूद होकर सेवाएं देंगे।
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