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शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की चूरू शाखा ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया। संघ ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।
जिलाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का 1 सितंबर 2025 का निर्णय देशभर के लाखों शिक्षकों को प्रभावित करेगा। राजस्थान में अकेले एक लाख शिक्षक और बीस लाख परिवार इससे प्रभावित होंगे।
कोर्ट के निर्णय में सभी सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया गया है। शिक्षक संघ का कहना है कि इस निर्णय में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना में उल्लेखित श्रेणियों की अनदेखी की गई है।
संघ की मुख्य मांग है कि यह निर्णय केवल भविष्य के लिए लागू किया जाए। 2010 से पहले नियुक्त अनुभवी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिक्षकों को सेवा समाप्ति और आजीविका संकट से बचाने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएं। विरोध प्रदर्शन में मंडल उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, संभाग संगठन मंत्री रामेश्वर खीचड़, निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुमार सैनी सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।
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