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शहर के स्ट्रीट डॉग्स खतरनाक होते जा रहे हैं। सवा माह में दूसरी बार सोमवार को स्ट्रीट डॉग ने मासूम पर हमला कर लहू-लुहान कर दिया। यह घटना आरटीओ रोड स्थित गौतम विहार कॉलोनी की है। गनीमत रही कि बच्चे की मां समय रहते मौके पर पहुंच गई। इससे बड़ी अनहोनी टल ग

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बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर मां प्रीति दौड़ते पहुंची तो डॉग्स भाग गए। परिजन बच्चे को तुरंत एमबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज कराया गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस बीच भास्कर की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में डॉग्स की संख्या 35 हजार ऊपर पहुंच गई है। ये शहर में हर माह औसत 478 यानी रोज 16 लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

चिकित्सा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले ढाई साल में स्ट्रीट डॉग्स 10 हजार से ज्यादा लोगों को काट चुके हैं। इन 10 हजार पीड़ितों में से 7 हजार 866 लोग अकेले एमबी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। स्ट्रीट डॉग्स साल 2024 में 4 हजार 528 और जनवरी से जुलाई 2025 तक 3 हजार 338 लोगों को काट चुके हैं।

बच्च सॉफ्ट टारगेट…क्योंकि ऊंचाई कम,

वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. दत्तात्रेय चौधरी बताते हैं कि स्ट्रीट डॉग्स हमले के लिए हमेशा सॉफ्ट टारगेट ढूंढते हैं। बच्चों की ऊंचाई भी कम होती है, ऐसलिए वे सबसे ज्यादा हमले इन्हीं पर करते हैं। ऐसे में अभियान चलाकर स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी का काम होना चाहिए। कोर्ट के आदेश की पालना में स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर होम में भेजा जाए। शेल्टर होम में नसबंदी करना भी आसान रहेगा। इन्हें नसबंदी के बाद वापस उसी जगह छोड़ने का झंझट खत्म हो जाएगा। इसके बाद ही डॉग्स की संख्या में कमी हो सकेगी।

एनिमल एड ने की 2500 नसबंदी नगर निगम ने एनिमल एड संस्था के साथ 5 साल का करार किया था। इसके तहत स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी की जानी थी। डेढ़ साल में 3000 डॉग पकड़े गए, इनमें से 2500 की नसबंदी हुई। इसके बाद भी इनकी संख्या में कमी नहीं आ रही है। कोर्ट गाइडलाइन के अनुसार इन्हें वहीं छोड़ा गया, जहां से पकड़ा गया था।

सवा माह पहले… आठ साल के बच्चे पर झुंड का हमला, लहूलुहान किया गत 25 जून को भी 6 स्ट्रीट डॉग्स के झुंड ने खारोल कॉलोनी में 8 साल के बच्चे हुसैन पर हमला कर दिया था। इससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। नोचने से वह चीखा। तब पास के मकान से महिला व युवती बाहर आईं। दोनों ने शोर मचाकर डॉग्स को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वे उसे नोचते रहे। इस बीच आसपास के दूसरे लोग भी पहुंचे तब डॉग्स बच्चे छोड़कर भागे। हुसैन के हाथ-पैरों कई घाव हो गए थे।

सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट सख्त… डॉग्स को शेल्टर में भेजने के आदेश दे चुके सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही नगर निकायों को स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ने और आबादी क्षेत्रों से हटाने की छूट दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि सभी स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर होम में भेजा जाए। कार्रवाई में बाधा डालने वालों पर अवमानना का केस दर्ज किया जाए। निगम के अधिकारियों का कहना है कि डॉग बाइट के बढ़ते मामलों के चलते कोर्ट के आदेशों की पालना के लिए कार्य योजना जल्द तैयार करेंगे।



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