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मिट्टी और गाय के गोबर से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना और भोग के लिए विशेष सुझाव सामने आए हैं। मिट्टी और गाय के गोबर से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसका कारण है कि इन मूर्तियों में पंच तत्वों की पूर्ण मात्रा मौजूद होती है। इससे पांचों ज्ञानें
प्लास्टर ऑफ पेरिस या सीमेंट-लोहे से बनी मूर्तियां शनि और राहु से जुड़ी होती हैं। इनकी स्थापना से ग्रह जनित पीड़ाएं हो सकती हैं। विसर्जन के बाद यदि मूर्ति के टुकड़े कीचड़ या नालों में पड़े रहें तो यह नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इससे स्वास्थ्य और कार्य क्षेत्र में समस्याएं आ सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषी हेमंत कासट ने राशि अनुसार भोग का सुझाव दिया है। मेष, सिंह और वृश्चिक राशि वाले गेहूं-गुड़ के लड्डू का भोग लगाएं। वृष, कर्क और तुला राशि वालों को मावा-शक्कर के लड्डू चढ़ाने चाहिए। मिथुन और कन्या राशि वाले मूंग दाल के लड्डू अर्पित करें। धनु और मीन राशि वालों को बेसन-बूंदी के लड्डू का भोग लगाना चाहिए। मकर और कुंभ राशि वाले उड़द-तिल्ली के लड्डू चढ़ाएं। इस विधि से ग्रह दोष कम होंगे और शुभ फलों में वृद्धि होगी।
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