स्कूल के ग्राउंड में बैठकर पढ़ते बच्चे।
जर्जर स्कूलों की प्रदेश में दो बड़े हादसे हो चुके हैं। एक जर्जर विद्यालय की तस्वीर डीग जिले के पहाड़ी इलाके से सामने आई है। जहां जर्जर बिल्डिंग में स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे हैं। जो जमीन विद्यालय के नाम अलॉट है उस पर कुछ दबंगों ने कब्ज़ा किया हुआ है। जिसके क
झालावाड़ हादसे के कई जर्जर स्कूलों की तस्वीरें सामने आ रहीं हैं। डीग जिले में पहाड़ी इलाके के आलमपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय की हालत बद से बत्तर है। विद्यालय में दो कमरे हैं। एक कमरे में कार्यालय चलता है और दूसरी कमरे में बच्चे पढ़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल के ग्राउंड में बैठकर पढ़ाया जाता है। पास ही में स्कूल की पुरानी बिल्डिंग है। जो जर्जर पड़ी है। क्लास रूम की पट्टियां टूटी हुई हैं।
छात्र बिलाल, अजूबर, इकलास के पिता आजाद से बात की तो उन्होंने बताया कि विद्यालय की बिल्डिंग की हालत जर्जर है है। साथ ही विद्यालय के ऊपर से अवैध विद्युत तार जा रहे हैं। कभी भी हादसा हो सकता है। विद्यालय में बनी रसोई की हालत भी जर्जर है जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

स्कूल के क्लास की पट्टियां टूटी हुई हैं।
आजाद ने बताया कि विद्यालय की जगह पर मकान पर बना हुआ है और, विद्यालय दूसरी जगह चल रहा है। जहां विद्यालय चल रहा है। वह भूमि विद्यालय की नहीं होकर खसरा नंबर 492 रखवा 0.38 हेक्टेयर निजी खातेदारी की भूमि है। जबकि विद्यालय के नाम से खसरा नंबर 58 रखवा 0.05 हेक्टेयर भूमि है। जिस पर भूमाफियाओं ने पक्का निर्माण कर मकान बना रखे हैं। जिसके कब्जा मुक्त करने के आदेश भी हैं। परंतु प्रशासन उक्त भूमि को विद्यालय को नहीं दिला पाया है।
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