पुलिस की गिरफ्त में दोनों लकड़ी तस्कर।
हरियाणा के नूंह जिले की तावडू सीआईए पुलिस ने एक कैंटर में प्रतिबंधित खैर की लकड़ियां (पान मसाला, धर्मिक अनुष्ठान व औषधि में प्रयोग) छिपाकर लाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्य प्रदेश से
गाड़ी के तिरपाल के नीचे छिपाकर ला रहे थे आरोपी
तावडू सीआईए प्रभारी के बताया कि उनकी टीम केएमपी एक्सप्रेसवे पर मौजूद थी। उसी समय उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ से एक आयशर कैंटर आ रहा है,जिसमें प्रतिबंधित खैर की कीमती लकड़ियां भरी हुई है।

पुलिस की गिरफ्त में दोनों लकड़ी तस्कर।
आरोपी लकड़ियों की तस्करी गाड़ी मालिक की मिलीभगत से कर रहे है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने केएमपी एक्सप्रेस वे पर गांव घुलावट के पास नाकाबंदी की। 10 से 15 मिनट बाद आरोपियों की गाड़ी आई हुई दिखाई दी। जिसे पुलिस ने रुकवाने का इशारा किया। पुलिस को देखकर आरोपियों ने गाड़ी को पहले ही रोक दिया और गाड़ी से उतरकर भागने लगे। लेकिन पुलिस टीम ने भागते हुए दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया।
मध्य प्रदेश से सांपला पहुंचानी थी लकड़ियां
पकड़े गए दोनों तस्करों की पहचान सत्तार पुत्र इसब निवासी ककराली जिला अलवर राजस्थान और सफी मोहम्मद पुत्र हारून निवासी दोगड़ा जिला खैरथल राजस्थान के रूप में हुई है। गाड़ी का तिरपाल खोल कर देखा तो नीचे प्रतिबंधित खैर की लकड़ियां भरी हुई थी। जिनका कुल वजन 18 हजार 625 किलोग्राम था। आरोपियों ने लकड़ियों का बिल , बिल्टी मांगी तो वह कोई कागज पेश नहीं कर पाए। पुलिस के मुताबिक लकड़ियों की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपए से अधिक है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह खैर की लकड़ियां को सांपला में स्थित एक पान मसाला फैक्ट्री में लेकर जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने गाड़ी के मालिक को भी आरोपी बनाया है। पुलिस अब लकड़ी तस्करी के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।
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