नूंह में हिंसा के बाद जमीन पर पड़े पत्थर।
नूंह जिले मुंड़ाका बॉर्डर पर 12 अगस्त 2025 को दो गांवों के बीच हुई हिंसक झड़प के चौथे दिन शांतिपूर्ण माहौल बना है। इस घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों ने अपनी दुकानें और खोखे बंद कर दिए हैं।
पुलिस की तीन टीमें अभी भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। वहीं, आरोपियों अपने घरों को छोड़कर भागे हुए है। इस हिंसक झड़प के दौरान जहां दोनों और से पथराव हुआ, वहीं उपद्रवियों ने एक बाइक और एक दुकान को आग के हवाले कर दिया था। सही समय पर पुलिस के पहुंचने से हालातों पर जल्द ही काबू पा लिया गया था।
25 नामजद सहित 40 लोगों पर हुआ था केस दर्ज
12 अगस्त, मंगलवार को हरियाणा व राजस्थान की सीमा पर स्थित मुंड़ाका नाका के पास कुछ युवकों के बीच हुई कहासुनी के बाद हरियाणा के गांव मुंड़ाका व राजस्थान के गांव हाजीपुर के लोगों के बीच डेढ़ घंटे तक जमकर पथराव, आगजनी तथा हिंसा हुई।

मुंड़ाका बॉर्डर पर बंद दुकानें।
11 लोग हुए थे घायल
इस हिंसा में एक पक्ष से 8 तथा दूसरे पक्ष से 3 व्यक्ति घायल हो गए थे। इनमें से मुंड़ाका गांव के चुन्नीलाल सैनी की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसका नल्हड़ मॅडिकल कालेज में उपचार किया जा रहा है। मुंड़ाका गांव के समय सिंह सैनी की शिकायत पर पुलिस ने हाजीपुर गांव के 25 आरोपियों को नामजद कर 40 अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिनको बाद में उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई थी।
180 पुलिस कर्मचारियों को किया गया तैनात
इस मामले के बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मुंड़ाका बार्डर पर हालात धीरे- धीरे सामान्य होने लगे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस की दो कंपनियों में शामिल 180 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जाे सारे हालात पर नजर रखे हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के बाकी आरोपी अपने घरों से भागे हुए हैं। जबकि मुंड़ाका नाका के पास दुकान व खोखा लगाकर अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए काम करने वाले हाजीपुर के कुछ व्यक्ति पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के डर से अपनी दुकानों को बंद कर भागे हुए हैं।
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