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होमी जहांगीर भाभा बस स्टैंड… विक्रम साराभाई उद्यान… परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय… कॉलोनियों के नामों में अणु-परमाणु… राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे के ज्यादातर नाम ऐसे ही हैं। कुछ विज्ञान के शब्दों पर तो कुछ वैज्ञानिकों के नाम
रावतभाटा में 1973 से परमाणु बिजली घर है। यहां बिजली घर 1964 से बनना शुरू हुआ। तभी से वैज्ञानिक और उनके परिवार वाले यहां रहने लगे। कई कॉलोनियां वैज्ञानिकों के लिए बसाई जा रही थीं। लिहाजा उनका नाम भी विज्ञान आधारित या फिर वैज्ञानिकों के नाम पर ही रखा जाने लगा। बाद में बसी कॉलोनियों के नाम भी विज्ञान आधारित ही रखे गए।
न्यूक्लियर ट्रेनिंग सेंटर (एनटीसी) के अधीक्षक नवनीत शर्मा बताते हैं कि यहां बनी पहली कॉलोनी विक्रम सराभाई नगर थी। बाद में भाभानगर भी बसा। इसकी अलग-अलग कॉलोनियों के नाम के साथ अणु जुड़ा हुआ है। अणु प्रताप, अणु तारा, अणु किरण, अणु आशा, अणु छाया, अणु भाग्य आदि यहां की कॉलोनियों के नाम हैं। हैवी वाटर परिसर में एक पार्क विक्रम साराभाई, अन्य पार्क डॉ. होमी जहांगीर भाभा के नाम पर है। यहां गलियां वैज्ञानिकों के नाम पर हैं।
नजर भी आए कि यह परमाणु ग्राम है
रावतभाटा में न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्पलेक्स (एनएफसी) बन रहा है। यह देश का दूसरा और एशिया में सबसे बड़ा परमाणु ईंधन उत्पादक संयंत्र होगा। जनरल मैनेजर विश्वैश्वर राव ने बताया कि कार्मिकों के लिए आवासीय कॉम्पलेक्स बन रहा है, जिसे ‘परमाणु ग्राम’ नाम दिया है।
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