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बाड़मेर में शराब कारोबारी खेताराम पर हमला करने वाला NSG कमांडो चंपाराम पिता के रिटायरमेंट पर बाड़मेर आया था। हत्या के बाद जाट समाज के जिलाध्यक्ष ने कहा- आरोपी नशे का आदी है। घटना के बाद भी वहां तलवार लहराते रहे। किसी ने बचाना चाहा तब भी आगे नहीं आने दि

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इधर, पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हमले से 2 दिन पहले दोनों पक्षों ने साथ बैठ कर शराब पार्टी की थी। इसी दौरान दोनों पक्षों में तू-तू मैं-मैं हुई थी। इसके बाद वारदात से 4 घंटे पहले भी दोनों पक्षों में बहस हुई थी। जैसे ही शराब कारोबारी अपने ठेके से 500 मीटर दूर निकला। चंपाराम ने स्कॉर्पियो लगा कर मारपीट शुरू कर दी।

मामले में डॉक्टरों का कहना है कि खेताराम के शरीर पर चोटों के कुल 6 निशान हैं। उसकी मौत ज्यादा खून बहने से हुई है।

पढ़िए दिल दहला देने वाली घटना की पूरी रिपोर्ट-

इससे पहले मामले की ब्रीफ

SP नरेंद्र मीना ने बताया- बाड़मेर के सदर थाना इलाके के सरनू गांव में बुधवार रात दिल्ली में पोस्टेड चंपाराम ने अपने साथी ओमप्रकाश और अन्य के साथ मिलकर शराब कारोबारी खेताराम और उसके सेल्समैन वीरेंद्र और हरलाल पर हमला कर दिया था। हमले में कारोबारी खेताराम की मौत हो गई। जबकि हरलाल गंभीर घायल है, वहीं वीरेंद्र को मामूली चोट आई है। मामले में 2 संदिग्ध को डिटेन कर लिया है। एनएसजी कमांडो चंपाराम और ओमप्रकाश सहित 5 के खिलाफ रिपोर्ट दी है। चंपाराम के बारे में जानकारी लेने के लिए दिल्ली टीमें रवाना की गई है।

अब पढ़िए बुधवार रात को हुआ क्या था?

बुधवार शाम 4 से 5 बजे के बीच चंपाराम अपने साथी ओमप्रकाश के साथ खेताराम के सरनु स्थित ठेके पर गया था। वहां उसके साथ सेल्समैन वीरेंद्र और हरलाल मौजूद थे। यहां चंपाराम की खेताराम से बहस हुई थी। बहसबाजी के बाद चंपाराम और उसका साथी ओमप्रकाश वहां से चले गए।

स्कॉर्पियो और बाइक पर कुल 5 लोग

इसके बाद खेताराम, वीरेंद्र और हरलाल तीनों ठेके से बोलेरो कैंपर लेकर बाड़मेर-जालोर सताते हाईवे पर निकले ही थे कि ठेके से 500 मीटर दूर उन्हें चंपाराम ने स्कॉर्पियो से ओवरटेक करते हुए रास्ता रोक लिया। प्राथमिक जांच में सामने आया है हमले के वक्त एक बाइक भी थी। स्कॉर्पियो और बाइक पर कुल 5 लोग थे।

तस्वीर, धरने की है जब आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया था।

तस्वीर, धरने की है जब आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया था।

हाथ-पैर काट दिए

जांच में सामने आया कि पांचों ने बोलेरो कैंपर से खेताराम, वीरेंद्र और हरलाल को नीचे उतरने को कहा। जैसे ही खेताराम और हरलाल बाहर उतरे। कमांडो और उसके साथियों ने तलवार और अन्य धारदार हथियार से हमला कर दिया। शराब कारोबारी और हरलाल के हाथ-पैर काट दिए।

घटना में शराब कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। हमले के दौरान वीरेंद्र हाईवे से नीचे गिर गया। उसे मामूली चोटें आई हैं।

खून बहने से हुई मौत

डॉक्टर ने बताया- मृतक के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं है। उसके दोनों हाथों पर धारदार हथियार से वार किया गया। इससे उसके हाथों पर 6 गंभीर मिले है। प्रथम दृष्टया खून का रिसाव ज्यादा होने के कारण उसकी मौत हो गई। फिर भी मेडिकल बोर्ड से पूरी रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा।

परिजन 5 घंटे चली वार्ता के बाद माने और खेताराम के शव को लेकर मॉर्च्युरी से रवाना हुए थे।

परिजन 5 घंटे चली वार्ता के बाद माने और खेताराम के शव को लेकर मॉर्च्युरी से रवाना हुए थे।

बोले-प्लानिंग करके हुई हत्या

जाट समाज के जिलाध्यक्ष डालूराम ने बताया- बड़ी वजह कोई नहीं थी। असल वजह कमांडो की नशे की लत है। शराब के नशे में हुए झगड़े से इसने गांठ बांध ली। इन लोगों को इतना नहीं मालूम था कि बात इतनी बढ़ जाएगी। प्री प्लानिंग करके घटना को अंजाम दिया है। आरोपी रेकी करते रहे। जैसे ही दुकान बंद करके खेताराम अपने घर होडू की तरफ जाने के लिए रवाना हुआ तो एक मोटरसाइकिल और स्कॉर्पियो गाड़ी को घेरकर नीचे उतारकर तलवारों व धारदार हथियार से बड़ा क्रूर मर्डर किया है। ​​​​

बुधवार की देर रात बाड़मेर जिला हॉस्पिटल में लाए गए शराब ठेका संचालक खेताराम की बॉडी देखने के बाद परिवार वालों का बुरा हाल था।

बुधवार की देर रात बाड़मेर जिला हॉस्पिटल में लाए गए शराब ठेका संचालक खेताराम की बॉडी देखने के बाद परिवार वालों का बुरा हाल था।

घटना के बाद भी हथियार लहराते रहे

डालूराम ने कहा कि घटना के बाद भी वहां पर हथियार लहराते रहे। कोई मदद करने के लिए भी आया तब भी मदद नहीं करने दी। जब लगा अब पुलिस आने वाली तब वहां से भाग गए। इतना ज्यादा दुसाहस है। इसकी कोई हद नहीं है। इनको किसी प्रकार का कोई भय नहीं था। यह क्रूर हत्या है।

पिता के रिटायरमेंट पर आया था

सरनु एनएसजी कमांडो का सरणू गांव में पेट्रोल पंप है। जो करीब एक साल पहले शुरू किया था। सेना में चंपाराम करीब 10 साल पहले भर्ती हुआ था। फिर वहां एनएसजी कमांडो की ट्रेंनिग लेकर कमांडो बना था। फिलहाल दिल्ली में रिजर्व था। चंपाराम 2 सितंबर को छुट्‌टी लेकर बाड़मेर के सरनू पनजी गांव आया था। चंपाराम के पिता लाखाराम 31 अगस्त को टीचर पद से रिटायर्ड हुए थे। 7 सितंबर को समारोह का आयोजन किया गया है। कमांडो के पिता लाखाराम ने टीचर पद पर 35 साल नौकरी की थी।

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NSG कमांडो और दोस्तों ने 2 लोगों के हाथ-पैर काटे:शराब कारोबारी की मौत; भतीजे को लहूलुहान हालत में देखा तो चाचा बेहोश हो गए

शराब ठेका संचालक और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो और उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। इनके हाथ में तलवार और अन्य धारदार हथियार थे। तलवार से शराब कारोबारी और उसके एक साथी के हाथ-पैर काट दिए। (पढ़ें पूरी खबर)



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