☜ Click Here to Star Rating



अब मिडिल स्कूल से ही हुनरमंद बनेंगे बच्चे

पोल्ट्री फार्मिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, वेल्डिंग टेक्नोलॉजी और गारमेंट मेकिंग जैसे 12 से अधिक उपयोगी और रोजगारपरक विषय स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं। इन विषयों को चुनने का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी न केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करें, बल्क

.

कक्षा 6 से ही ‘हाथ का हुनर’

शिक्षा विभाग ने व्यावसायिक शिक्षा को निचले स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। अब मिडिल स्कूल (कक्षा 6 से 8) के विद्यार्थियों को भी बिजनेस या हाथ का हुनर सिखाया जाएगा। इसके लिए जिले के हर ब्लॉक में एक-एक स्कूल का चयन किया जाएगा। चयनित स्कूलों में छात्रों को अलग-अलग ट्रेडों में कौशल की शिक्षा दी जाएगी, जिससे उनका रुझान पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के हुनर की ओर बढ़ेगा।

इन स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता

इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शुरुआती चरण में कुछ विशेष स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी:

* आईटीआई की निकटता: उन स्कूलों को चुना जाएगा जो औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के नजदीक संचालित हैं, ताकि बेहतर मार्गदर्शन और संसाधनों का लाभ मिल सके।

* मौजूदा ट्रेड: जिन स्कूलों में पहले से ही आईटी या आईटीईएम (सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएँ) ट्रेड का संचालन हो रहा है, उन्हें भी प्राथमिकता मिलेगी। विभाग का मानना है कि ऐसे स्कूलों में पहले से माहौल तैयार होने से विद्यार्थियों को नई स्किल्स सिखाना आसान होगा।

पाठ्यक्रम: 12 से अधिक विषय शामिल

विद्यार्थियों को बहुमुखी कौशल सिखाने के लिए एक व्यापक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। शुरुआती चरण में 12 से अधिक उपयोगी विषय शामिल होंगे।

* कृषि और पशुपालन: पोल्ट्री फार्मिंग, एग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स एंड फार्म मैनेजमेंट, हार्टीकल्चर।

* तकनीकी और निर्माण: रिपेयर ऑफ रेडियो एंड टीवी, वेल्डिंग टेक्नोलॉजी, फेब्रिकेशन।

* प्रशासनिक और वाणिज्यिक: ऑफिस मैनेजमेंट, बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी, स्टोर कीपिंग।

* डिजिटल और कला: कंप्यूटर एप्लीकेशन, फोटोग्राफी, प्रिंटिंग-ब्राइडिंग एंड पेपर कन्वर्टिंग, गारमेंट मेकिंग।

कलाकार और शिल्पकार करेंगे प्रशिक्षित

बच्चों को प्रेरित करने और वास्तविक अनुभव देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चयनित स्कूलों में कलाकारों और शिल्पकारों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इन प्रोफेशनल्स के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और वे सीधे संवाद कर सकेंगे, जिससे उनका रुझान और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

इंटर्नशिप और ‘बैग-लेस डे’ का अनुभव

किताबों की पढ़ाई से इतर, व्यावहारिक अनुभव पर ज़ोर दिया गया है। नई व्यवस्था में दो महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

* इंटर्नशिप: विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करने के लिए इंटर्नशिप कराई जाएगी।

* बैग-लेस डे: महीने में एक बार ‘बैग-लेस डे’ होगा, जिसमें 10 पीरियड निर्धारित किए जाएंगे। इस दिन विद्यार्थी प्रोफेशनल्स से सीधे स्किल सीखेंगे, जिससे उन्हें इंडस्ट्री के करीब आने का मौका मिलेगा।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading