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शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने और यातायात अनुशासन को बेहतर बनाने के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने एक अनोखी पहल शुरू की है। इसके तहत अब आम नागरिक भी ट्रैफिक संचालन में सक्रिय भागीदार बनेंगे। ट्रैफिक पुलिस ‘ट्रैफिक मार्शल’ तैयार कर

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समय और जिम्मेदारी: ट्रैफिक डीसीपी सुमित मेहरड़ा ने बताया कि ट्रैफिक मार्शल को प्रतिदिन न्यूनतम 1 घंटा और अधिकतम 3 घंटे ड्यूटी देनी होगी। अगर कोई व्यक्ति चाहें तो पूरे दिन भी योगदान दे सकता है। इसके लिए किसी तरह का मानदेय नहीं दिया जाएगा। ट्रैफिक मार्शल बनने वाले नागरिकों को समय-समय पर सम्मानित किया जाएगा। पुलिस विभाग के अलावा राज्य स्तर पर भी ऐसे स्वयंसेवकों को पहचान दिलाई जाएगी। जनता की सीधी भागीदारी से ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी। डीसीपी ने बताया कि ट्रैफिक मार्शल बनने वाले व्यक्ति को यातायात नियमों की जानकारी के साथ कैसे एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी पूरे दिन यातायात का संचालन करता है। यह भी अनुभव करने का मौका मिलेगा।

ट्रैफिक मार्शल बनने के लिए ये योग्यताएं होना अनिवार्य

  • 21 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति वैद्य दस्तावेज के साथ इस योजना के लिए आवेदन कर सकेगा।
  • चयनित व्यक्ति का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। आपराधिक मामला पाए जाने पर उसे चयनित नहीं किया जाएगा।
  • उसे ट्रैफिक संचालन और अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
  • इसकी दो स्तर पर जांच होगी
  • रिटायर्ड व्यक्ति अगर आवेदन करता है, तो उसकी मेडिकल कंडीशन के आधार पर डीसीपी उसे नियुक्त कर सकते हैं।

ये काम नहीं करेंगे मार्शल: ट्रैफिक मार्शल केवल यातायात प्रबंधन में मदद करेंगे, चालान की कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।

  • अगर कोई मार्शल ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ कैप पहनकर वीडियो बनाता या सोशल मीडिया पर वायरल करता पाया गया, तो उसे तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाएगा।
  • बिना जानकारी के 3 दिनों तक छुट्टी पर रहने पर उसे हटा दिया जाएगा।



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