हम अजमेर के बड़िया गांव में हैं। जय सिंह ने बेटी तनु से कहा- इन्हीं अंकल ने मेरी जान बचाई थी… तनु ने प्यार से राजकुमार के गाल की चिकोटी काटकर कहा- अंकल! आप बहुत अच्छे हो…
हादसे के साढ़े तीन साल भास्कर ने दोनों को मिलवाया
ये बेहद भावुक पल हैं। नन्हे हाथों से गालों को सहला रही तनु शुक्रिया अदा कर रही है उस अंकल का, जिसने पापा की जान बचाई थी। तब तनु मां के गर्भ में थी। खौफनाक हादसे के तीन साल बाद अब अपनी आंखों से नई जिंदगी देने वाले उस ‘भगवान’ को देख रही है। मोबाइल में पापा का लहूलुहान फोटो देख वह सहम जाती है, फिर रोने लगती है। लेकिन अगले ही पल वह राजकुमार अंकल को सामने पाती है।

जयसिंह बताते हैं- वो एक्सीडेंट इतना भयानक था कि मेरी मौत की खबर फैल गई। गांव में चिता भी तैयार की जा चुकी थी। बस बॉडी का इंतजार था। इन सबके बीच ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। 3 साल बाद वो व्यक्ति उसी जगह सामने खड़ा है, जिसने जान बचाई थी। जय और उसका परिवार कृतज्ञ है, आंखों में नमी है, जुबान पर शुक्राना। मां और पत्नी तो पैरों में लोट गईं। जय की गोद में चढ़ी तनु दुर्घटना के समय अपनी मां के गर्भ में थी। जब जय ने उसे बताया कि यही वो अंकल हैं जिन्होंने मुझे बचाया, तो तनु ने हाथ बढ़ाकर राजकुमार के गाल छुए…बोली- आप तो पापा के भगवान हो। अंकल, बहुत अच्छे हो आप।
बातचीत चली तो जय ने घटना का जिक्र किया- 24 अप्रैल 2022 को मैं बाइक से जयपुर अजमेर हाईवे पर जा रहा था। ट्रक ने टक्कर मार दी, फिर मुझे कुछ याद नहीं…। लोग बताते हैं कि ट्रक ने काफी दूर घसीटा था। सिर फट गया था। मैं खून से लथपथ पड़ा था। मुझे देख सबने मृत मान लिया। गांव तक मौत की खबर फैल गई। सदमे में पिता भी चल बसे।
आगे की बात राजकुमार ने पूरी की, बताया- मैं परिवार के साथ पुष्कर जा रहा था। मैंने हादसा देखा तो अपने परिवार को दूसरी गाड़ी से भेजा और जय को सीपीआर देते हुए हॉस्पिटल के लिए निकला। रास्ते में एंबुलेंस मिल गई। प|ी शालिनी की आंखें भर आईं। बूढ़ी मां शांति बोलीं- बेटे को 4 दिन बाद होश आया था। 12 सर्जरी हो चुकी। पैरों में रॉड डली है। उस हादसे के बाद आज बेटे को बचाने वाले को अपने सामने देखा, अब ये भी मेरा बेटा है।
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