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‘नए-नए नेता डिफेंडर लेकर घूम रहे हैं, आप पूर्व सीएम होकर भी पुरानी कार में सफर करते हैं।’ राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और समर्थक की बातचीत का यह वीडियो चर्चा में है।

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पूर्व मुख्यमंत्री ही नहीं राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री से लेकर सरकार के मंत्री भी पुरानी गाड़ियों में सफर कर रहे हैं। सत्ता में आने के बाद भजनलाल सरकार ने मंत्रियों के लिए नई गाड़ियां नहीं खरीदी हैं।

मुख्यमंत्री और मंत्री कितनी पुरानी गाड़ियों में सफर कर रहे हैं?

मंत्रियों के लिए पिछली बार कब नई गाड़ियां खरीदी गईं?

सरकार नई गाड़ियां किस कंडीशन में खरीदती है?

40 नई फॉर्च्यूनर खरीदने की योजना थी, उसका क्या हुआ?

ऐसे ही सवालों के जवाब जानेंगे आज के मंडे स्पेशल स्टोरी में…

हाल ही में एक समर्थक ने पूर्व मुख्यमंत्री से अपनी पुरानी कार बदलने का आग्रह किया था।

हाल ही में एक समर्थक ने पूर्व मुख्यमंत्री से अपनी पुरानी कार बदलने का आग्रह किया था।

मंत्रियों के पास 4 साल पुराने वाहन

राजस्थान में 12 कैबिनेट मंत्री हैं। सभी गहलोत सरकार के समय खरीदी गई गाड़ियों में ही सफर कर रहे हैं। मोटर गैराज विभाग के मुताबिक, कैबिनेट मंत्रियों के पास इनोवा क्रिस्टा, महिंद्रा एल्टुरस जी 4 गाड़ियां हैं। इनमें कैबिनेट मंत्री हैं- किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन राठौड़, गजेंद्र सिंह खींवसर, सुरेश सिंह रावत, बाबूलाल खराड़ी, मदन दिलावर, जोगाराम पटेल, अविनाश गहलोत, जोराराम कुमावत, हेमंत मीणा, कन्हैयालाल चौधरी और सुमित गोदारा।

वहीं, झाबर सिंह खर्रा, गौतम कुमार दक, संजय शर्मा, गौतम कुमार दक और हीरालाल नागर स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री हैं। जबकि ओटाराम देवासी, डाॅ. मंजू बाघमार, विजय सिंह चौधरी, केके बिश्नोई और जवाहर सिंह बेढ़म राज्य मंत्री हैं। भजनलाल सरकार में प्रेमचंद बैरवा और दीया कुमारी समेत दो डिप्टी सीएम हैं। वहीं मुख्यमंत्री समेत कुल 24 मंत्री हैं।

वन मंत्री संजय शर्मा खुद की कार का इस्तेमाल करते हैं।

वन मंत्री संजय शर्मा खुद की कार का इस्तेमाल करते हैं।

इसलिए जरूरत है नई गाड़ियों की

राजस्थान स्टेट मोटर गैराज विभाग के अधिकारियों का कहना है- सरकार नई गाड़ियां उस कंडीशन में खरीदती है जब गाड़ी 2 लाख किलोमीटर चल चुकी हो या 8 साल पुरानी हो गई हो। वर्तमान में जिन गाड़ियों में भजनलाल सरकार के मंत्री सफर कर रहे हैं वो सभी गाड़ियां 8 साल पुरानी तो नहीं हुई, लेकिन ज्यादातर गाड़ियां एक लाख किलोमीटर के आस पास चल चुकी हैं।

शासन सचिवालय में खड़ी मंत्री और अफसरों की गाड़ियां।

शासन सचिवालय में खड़ी मंत्री और अफसरों की गाड़ियां।

वित्त विभाग कर रहा है परीक्षण

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा- वीआईपी मूवमेंट और सरकारी कामकाज में दिक्कत न हो, इसलिए यह प्रस्ताव तैयार किया था। करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपए का यह प्रस्ताव था। ये 40 गाड़ियां मोटर गैराज को उपलब्ध कराई जानी थी। राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और केंद्र में तैनात राजस्थान के मंत्रियों के इस्तेमाल के लिए इन गाड़ियों को मोटर गैराज विभाग को उपलब्ध कराया प्रस्तावित था।

दरअसल, अप्रैल 2025 में सामान्य प्रशासन विभाग ने फॉरच्यूनर मॉडल नई गाड़ियां खरीदने का यह प्रस्ताव भेजा था, लेकिन करीब 4 महीने बाद भी प्रस्ताव को हरी झंड़ी नहीं मिल पाई है। सामान्य प्रशासन विभाग के शासन सचिव जोगाराम का कहना है कि नई गाड़ियां खरीदने का प्रस्ताव वित्त विभाग के पास विचाराधीन है। वित्त विभाग प्रस्ताव का परीक्षण कर रहा है। वित्त विभाग की अनुमति मिलते ही नई गाड़ियां खरीदी जाएंगी।

राज्य के भीतर राजकीय यात्रा पर मिलने वाला वाहन भत्ता

  • मुख्यमंत्री- 7 हजार लीटर फ्री पेट्रोल प्रतिवर्ष।
  • कैबिनेट मंत्री-4 हजार लीटर फ्री पेट्रोल।
  • राज्यमंत्री-4 हजार लीटर फ्री पेट्रोल।
  • उपमंत्री- 4 हजार लीटर फ्री पेट्रोल।
  • साल भर में अधिकतम 180 दिन की राजकीय यात्राओं का भुगतान।
  • राज्य में यात्रा करने पर प्रतिदिन 2000 रुपए मिलते हैं।
  • राज्य से बाहर यात्रा करने पर 2500 रुपए।
  • राज्य से बाहर अधिकतम 100 दिन की यात्रा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री के काफिले में फोर्ड एंडेवर, फॉरच्यूनर और इनोवा क्रिस्टा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के काफिले में फोर्ड एंडेवर, फॉरच्यूनर और इनोवा क्रिस्टा शामिल हैं।

गाड़ी नहीं लेने पर 10 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान

राजस्थान में सभी मंत्रियों के पास सरकारी वाहन है, लेकिन वन मंत्री संजय शर्मा सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वह खुद के वाहन से ही यात्रा करते हैं। उन्होंने विशिष्ट सहायक भी नहीं ले रखा है। विधानसभा में कार्यरत लक्ष्मण मीणा ही उनका काम देखता है। कैबिनेट सचिवालय के अधिकारियों के मुताबिक यदि मुख्यमंत्री समेत कोई भी मंत्री सरकारी गाड़ी नहीं लेते हैं तो उनको 10 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री को फिजूलखर्ची पसंद नहीं

हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि सीएम भजनलाल शर्मा जिस गाड़ी में सफर करते हैं, उसे बदलेंगे या नहीं। वैसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकारी कामकाज पर ज्यादा फिजूलखर्ची पसंद नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री के काफिले में फोर्ड एंडेवर, फॉरच्यूनर और इनोवा क्रिस्टा शामिल है। वहीं, कैबिनेट मंत्री इनोवा क्रिस्टा हाईब्रिड और महिंद्रा एल्टुरस जी 4 से यात्रा करते हैं। जबकि, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और विधानसभा अध्यक्ष को मोटर गैराज विभाग ने इनोवा क्रिस्टा दे रखी है। हालांकि, स्पीकर के लिए गाड़ी व्यवस्था विधानसभा पुल से तय होती है।



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