कोटा नगर निगम उत्तर की बोर्ड बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत ही हंगामे के साथ शुरू हुई। उत्तर में कांग्रेस का बोर्ड होने के बावजूद कांग्रेसी पार्षद ही मीटिंग में हंगामा करते रहे। इसके अलावा निर्दलीय पार्षदों ने भी बोर्ड का विरोध जताया। स

बैैठक छोड़कर जाते पार्षद
राष्ट्रगीत के साथ ही राष्ट्रगान शुरू करवा दिया मीटिंग की शुरुआत में सदन की अध्यक्ष महापौर मंजू मेहरा ने राष्ट्रगीत का कॉल दिया। जिसके बाद सदन में मौजूद सभी पार्षद, अधिकारी कर्मचारी खड़े हो गए। मीटिंग 11 बजे शुरू कर दी गई थी। जैसे ही राष्ट्रगीत हुआ और सभी पार्षद-मेयर चेयर पर बैठी, इतने में ही राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया। सदन में मौजूद लोग समझ ही नहीं पाए और तुरंत खड़े हो गए। दो सैकंड के लिए मेयर मंजू मेहरा भी अचंभित हो गई, क्योंकि राष्ट्रगान के साथ मीटिंग का समापन किया जाता है। वे भी चेयर से खड़ी हुईं। राष्ट्रगान खत्म होने के बाद कांग्रेस के दो पार्षदों ने बैठक का ही बहिष्कार कर दिया। पार्षद श्याम मीणा और दुष्यंत सिंह ने बैठक का विरोध करते हुए कहा कि कोटा दक्षिण की बैठक होती या फिर उत्तर की में भी कांग्रेस के पार्षदों को बोलने नहीं दिया जाता। एक दिन पहले दक्षिण की मीटिंग का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेसी पार्षदों को बोलने तक नहीं दिया गया था। तीन मिनट में मीटिंग खत्म कर राष्ट्रगान करवा दिया गया था। ऐसी मीटिंगों का क्या फायदा, इसके बाद दोनों पार्षद वहां से निकल गए।
लोन स्वीकृत, राशि आने पर होंगे काम हुडको की तरफ से निगम उत्तर को 285 करोड़ 70 लाख का लोन स्वीकृत हुआ है। यह राशि मिलने के बाद कोटा उत्तर के सभी वार्डों में आवश्यकता के अनुसार कार्य करवाए जाने है। इनमें सड़को के काम, रोड लाइटों, सीवरेज, नालियों के काम, पार्कों के काम, सफाई-लेबर समेत कई काम है। जरूरत के हिसाब से निगम की तरफ से प्रस्ताव भेजे गए थे, उसके आधार पर ही वार्डोँ में काम होने है। अलग अलग वार्ड में अलग अलग राशि आवश्यकता के अनुसार खर्च होगी। मेयर मंजू मेहरा ने बताया कि हर वार्ड में जरूरत के हिसाब से और विकास कामों के हिसाब से रूपए खर्च होंगे।
तीन नवंबर को बोर्ड का कार्यकाल खत्म, ऐसे में काम के लिए अनुमोदन करवाना जरूरी था महापौर मंजू मेहरा ने बताया कि तीन नवंबर को बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसके बाद अधिकारियों को ही वार्डों में काम करवाने है। ऐसे में कामों के लिए बोर्ड बैठक होगी नहीं और अधिकारियों को काम के लिए अधिकृत करने के लिए मीटिंग में अनुमोदन जरूरी था। बैठक में मुख्य काम जिनमें सड़क निर्माण, रोड लाइटों के खर्चे पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि यूडीएच मंत्री रहते हुए शांति धारीवाल ने शहर में विकास के काम करवा दिए। अब वार्डों में जो काम होने हैं, जो विकास के काम हुए है उनकी मेंटिनेंस है वह सब होनी है। ऐसे में बाद में जनता को परेशान न होना पडे़, इसलिए मीटिंग में विषयों का अनुमोदन करवाया गया है।

कांग्रेस के पार्षद अपने ही बोर्ड को घेरते हुए मीटिंग में नजर आए।
नाराज है पार्षद, इसलिए विरोध बैठक में कांग्रेस के पार्षद ज्यादा हावी नजर आए जबकि बीजेपी के पार्षद शांत नजर आए। बीजेपी के पार्षद मीटिंग को चलाने और चर्चा करने को लेकर बार बार कहते रहे, इधर कांग्रेस के पार्षद अपनी ही पार्टी की मेयर को घेरते नजर आए। बैठक में वार्डों में काम नहीं होने को लेकर आपत्ति जताई गई। इन पर महापौर का कहना था कि बारिश के बाद वार्डों में काम नहीं हो पा रहे थे। इसे लेकर पार्षदों में नाराजगी है। अब जब राशि आ जाएगी तो वार्डों में काम होंगे।
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