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राजस्थान हाईकोर्ट में 11 अगस्त से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस बदलाव के तहत मुख्य न्यायाधीश के.आर. श्रीराम अब जोधपुर स्थित मुख्य न्यायालय से काम करेंगे। कोर्ट के कामकाज को तेज करने और पुराने मामलों को जल्द निपटाने के लिए 5 नई खंडपीठों का गठन किया
मुख्य न्यायाधीश ने एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है, जिसमें कुछ बेंच में एक जज और कुछ में दो जज मिलकर काम करेंगे। इस नई व्यवस्था से कोर्ट के काम में तेजी आएगी और लोगों के केस जल्दी निपट सकेंगे। यह बदलाव आम लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
11 अगस्त से लागू होने वाली यह नई व्यवस्था मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर आधारित है। इससे न केवल पुराने मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को जल्द न्याय मिलने का रास्ता भी खुलेगा।
डिवीजन बेंच
- DB-1: मुख्य न्यायाधीश के.आर.श्रीराम और जस्टिस संदीप तनेजा की बेंच 2020 तक के सिविल रिट याचिकाएं, 2020 तक के PIL मामले, टैक्स से संबंधित मामले (इनकम टैक्स, कस्टम्स, सेंट्रल एक्साइज अपील), अवमानना के मामले, और वाणिज्यिक अपीलीय विभाग के मामलों की सुनवाई करेगी।
- 1-A: जब DB-1 कार्यरत न हो, तब जस्टिस संदीप तनेजा पुराने सिविल विविध अपीलों (मोटर दुर्घटना दावा मामलों को छोड़कर) की सुनवाई करेंगे।
- DB-2: जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की बेंच 2021 से PIL मामले, विशेष अपीलें, और CAT (केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण) मामलों को देखेगी।
- 2-A: जब DB-2 कार्यरत न हो, तब जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी पुरानी सिविल रिट याचिकाओं (सेवा मामले) की सुनवाई करेंगे।
- 2-B: जब DB-2 कार्यरत न हो, तब जस्टिस बिपिन गुप्ता पुरानी सिविल द्वितीय अपीलों की सुनवाई करेंगे।
- DB-3: जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच 2017 से आपराधिक अपीलें, आपराधिक रिट याचिकाएं, आपराधिक अनुमति अपीलें, और अन्य आपराधिक अवशिष्ट मामलों की सुनवाई करेगी।
- 3-A: जब DB-3 कार्यरत न हो, तब जस्टिस दिनेश मेहता पुरानी आपराधिक अपीलों की सुनवाई करेंगे।
- 3-B: जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच पुरानी आपराधिक अपीलों की सुनवाई करेगी।
- DB-4: जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस अनूरूप सिंघी की बेंच 2021 से सिविल रिट याचिकाएं, पारिवारिक न्यायालय और वैवाहिक मामले, और सिविल अवशिष्ट मामलों को देखेगी।
- 4-A: जब DB-4 कार्यरत न हो, तब जस्टिस विनीत कुमार माथुर पुरानी सिविल विविध अपीलों (मोटर दुर्घटना दावा मामले) की सुनवाई करेंगे।
- 4-B: जब DB-4 कार्यरत न हो, तब जस्टिस अनूरूप सिंघी पुरानी सिविल प्रथम अपीलों की सुनवाई करेंगे।
- DB-5: जस्टिस मनोज कुमार गर्ग और जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच 2016 तक के आपराधिक अपीलें और बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिकाओं की सुनवाई करेगी।
- 5-A: जब DB-5 कार्यरत न हो, तब जस्टिस मनोज कुमार गर्ग पुरानी आपराधिक रिविज़नों की सुनवाई करेंगे।
- 5-B: जब DB-5 कार्यरत न हो, तब जस्टिस रवि चिरानिया पुरानी आपराधिक रिविज़नों की सुनवाई करेंगे।
सिंगल बेंच
1. सिविल मामले (Civil Issues)
- SB-1 (जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण): सिविल रिट याचिकाएं (सेवा मामले) (SB-3 को दिए गए मामलों को छोड़कर) और कंपनी से संबंधित मामले।
- SB-2 (जस्टिस फरजंद अली): सिविल प्रथम अपीलें, सिविल द्वितीय अपीलें, सिविल रिविजन (सिविल टैक्स रिविजन को छोड़कर), धारा 24 CPC के तहत सिविल ट्रांसफर आवेदन, और सिविल अवशिष्ट मामले ।
- SB-3 (जस्टिस रेखा बोराना): सिविल रिट याचिकाएं (सेवा मामले) जिनमें निम्नलिखित विषय और उनके क्लास कोड शामिल हैं: लघु दंड [501], सेवा से हटाना, बर्खास्तगी [502], अनिवार्य सेवानिवृत्ति [504], पदोन्नति से संबंधित मामले [505], वरिष्ठता मामले [506], वेतनमान, वेतन और भत्ते [507], सेवा में आरक्षण (SC/ST/OBC) [508], सेवानिवृत्ति लाभ [509], अनुशासनात्मक कार्यवाही और जांच [511], औद्योगिक विवाद अधिनियम [1502] और सिविल अवमानना के मामले।
- SB-4 (जस्टिस कुलदीप माथुर): सिविल रिट याचिकाएं (सेवा मामलों को छोड़कर) जिनमें निम्नलिखित विषय और उनके क्लास कोड शामिल हैं: किराया अधिनियम मामले [701-703], खान, खनिज और खनन पट्टे [900], भूमि अधिग्रहण मामले [1600], भूमि राजस्व और किरायेदारी मामले [1801-1806], शैक्षणिक मामले [2601-2612], बैंक ऋण और लेनदेन [3100], राजस्थान पंचायत अधिनियम [5200], राजस्थान नगरपालिका अधिनियम [5400], राजस्थान उप निवेशीकरण अधिनियम [5500] और बौद्धिक संपदा अधिकार मामले ।
- SB-5 (जस्टिस नूपुर भाटी): सिविल विविध अपीलें, सिविल कोर्ट के आदेशों से उत्पन्न धारा 227 के तहत SB विविध रिट, सिविल टैक्स रिविजन, और मध्यस्थता के मामले।
- SB-6 (जस्टिस सुनील बेनीवाल): सिविल रिट याचिकाएं (सेवा मामलों को छोड़कर) (SB-4 को दिए गए मामलों को छोड़कर)।
2. आपराधिक मामले (Felony Issues)
- SB-7 (जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित): नियमित और अग्रिम जमानत के मामले, और सोमवार, बुधवार, और शुक्रवार को इन मामलों का उल्लेख।
- SB-8 (जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा): नियमित और अग्रिम जमानत के मामले, और मंगलवार और गुरुवार को इन मामलों का उल्लेख।
- SB-9 (जस्टिस मुकेश राजपुरोहित): धारा 482 Cr.P.C./528 B.N.S.S. के तहत आपराधिक विविध याचिकाएं और आपराधिक रिट याचिकाएं।
- SB-10 (जस्टिस संदीप शाह): आपराधिक अपीलें, आपराधिक रिविज़न, आपराधिक अनुमति अपीलें, और आपराधिक अवशिष्ट मामले।
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