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शव यात्रा में गंदे पानी से गुजरना पड़ा

किसी भी इंसान का अंतिम पड़ाव मोक्षधाम होता है, लेकिन झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे में यह अंतिम सफर भी पीड़ा और अपमान से भरा साबित हो रहा है। नगर पालिका की लापरवाही और गंदगी के ढेर ने यहां शवयात्रा को भी कठिन बना दिया है।

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हाल ही में हुई एक महिला की मौत के बाद जब परिजन उसकी अंतिम यात्रा लेकर श्मशान घाट पहुंचे तो उन्हें रास्ते में गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा। यह नजारा देखकर हर किसी के मन में सवाल उठा—क्या यही है स्वच्छ भारत अभियान?

बस स्टैंड से बाईपास स्थित श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल है। नालियों के जाम होने और समय पर सफाई नहीं होने के कारण यहां हमेशा गंदा पानी जमा रहता है। जगह-जगह बने गड्ढों में कीचड़ भर जाने से लोगों को चलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे हालात में शवयात्रा निकालना तो और भी भयावह अनुभव साबित होता है।

शवयात्रा में शामिल लोग अर्थी कंधों पर उठाए गंदे पानी से होकर गुजरे। बुजुर्गों और बच्चों के फिसलने का डर हर पल बना रहा। लोगों ने बताया कि कई बार शव यात्रा के दौरान परिजन और रिश्तेदार पानी व कीचड़ में गिरते-गिरते बचे हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता देने से कम नहीं है। मृतका के परिजन जब श्मशान घाट तक पहुंचे, तब जाकर उनकी सांसों में राहत आई।

स्थानीय लोगों का आक्रोश

नगरवासियों ने बताया कि यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। हर बरसात के मौसम में हालात और भी बिगड़ जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि बस स्टैंड से श्मशान घाट जाने वाला रास्ता हमेशा गंदगी से अटा पड़ा रहता है। नालियों की सफाई नहीं होती, पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं है। किसान भी इसी मार्ग से अपने खेतों की ओर जाते हैं और उन्हें भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

स्थानीय का कहना है कि यह सिर्फ गंदगी का मामला नहीं है बल्कि मौसमी बीमारियों का खतरा भी हमेशा मंडराता रहता है। आसपास रहने वाले लोग बदबू और मच्छरों से परेशान हैं। कई बार पालिका को अवगत कराया गया, प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

स्वच्छ भारत मिशन पर सवाल

लोगों का कहना है कि सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को गंदगी से मुक्त बनाने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन बिसाऊ की यह तस्वीर उन दावों की पोल खोल रही है। गंदे पानी में होकर शवयात्रा गुजरना सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि समाज के लिए शर्मनाक स्थिति है। नगरवासियों ने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायत

इस घटना के बाद लोगों ने गंदगी और शवयात्रा की फोटो व वीडियो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब तक उच्च स्तर से दबाव नहीं बनेगा तब तक पालिका के अधिकारी नहीं जागेंगे।

जिम्मेदारी से बच रही पालिका

नगरवासी कहते हैं कि नगरपालिका के पास पर्याप्त बजट और साधन होने के बावजूद सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जाती। सफाईकर्मियों की संख्या पर्याप्त है लेकिन कामकाज ढीला है। अधिकारी कभी मौके पर आकर हालात नहीं देखते। यही कारण है कि बरसों पुरानी समस्या जस की तस बनी हुई है।

शर्मनाक हालात

लोगों ने कहा कि अंतिम संस्कार जैसे अवसर पर इस तरह की परेशानी होना पूरे कस्बे के लिए शर्मनाक है। यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं बल्कि पूरे समाज की असुविधा है। रोजाना यहां से गुजरने वाले लोग गंदगी का सामना करते हैं, लेकिन जब शवयात्रा गंदे पानी से होकर गुजरी तो हर किसी का सब्र टूट गया।



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