जयपुर के सोडाला स्थित प्राचीन तेजाजी मंदिर से रविवार को एक विशेष धार्मिक ध्वज यात्रा निकाली गई।
जयपुर के सोडाला स्थित प्राचीन तेजाजी मंदिर से रविवार को एक विशेष धार्मिक ध्वज यात्रा निकाली गई। यह यात्रा गाजे-बाजे के साथ अजमेर के किशनगढ़ स्थित सुरसुरा के लिए रवाना हुई।
मंदिर के पुजारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि 2 सितंबर 2025 को तेजाजी की 125वीं जयंती मनाई जाएगी। इसी उपलक्ष्य में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा से पहले संत-महंतों और पुजारियों ने विधिवत ध्वज पूजा की।

रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
यात्रा बस से निकली। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सुरसुरा तेजाजी थान पर पहुंचकर ध्वज स्थापना की गई। यहां देश-प्रदेश की खुशहाली और जीव-जंतुओं की रक्षा की प्रार्थना की गई। सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

यह यात्रा गाजे-बाजे के साथ अजमेर के किशनगढ़ स्थित सुरसुरा के लिए रवाना हुई।
सुरसुरा वह पवित्र स्थल है जहां वीर तेजाजी ने गायों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। सांप के काटने से उनका बलिदान हुआ था। यह स्थान तेजाजी के भक्तों के लिए प्रमुख तीर्थस्थल है। भाद्रपद मास की तेजा दशमी पर यहां बड़ा मेला लगता है।
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