श्रीगंगानगर शहर में पुरानी और जर्जर इमारतों के सर्वे में 44 इमारतें जर्जर हालत में मिलीं।
श्रीगंगानगर शहर में पुरानी और जर्जर इमारतों का निरीक्षण नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र सिंह यादव ने अपनी टीम के साथ किया। आयुक्त ने बताया कि पूर्व में कराए गए सर्वे में 44 इमारतें जर्जर हालत में पाई गई थीं।
इन जर्जर इमारतों में वार्ड नंबर 17, 22, 33, 35, 36, 37, 38, 55, 56, 57 और 64 की इमारतें शामिल हैं। इनमें फर्स्ट ब्लॉक, थर्ड ब्लॉक, मुकर्जी नगर, गोलबाजार, पब्लिक पार्क, स्वामी दयानंद मार्ग, छोटी धानमंडी, पुरानी धानमंडी, रविन्द्रपथ, बी ब्लॉक, सी ब्लॉक और लक्कड़ मंडी रोड़ के भवन शामिल हैं।

नगर परिषद द्वारा इन जर्जर इमारतों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सर्वे के बाद सभी जर्जर इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे। आज आयुक्त ने स्वयं इन भवनों का दौरा किया और मालिकों से समझाइश की। उन्होंने अपील की कि वे स्वयं के स्तर पर इन जर्जर इमारतों को ध्वस्त करें। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ भवनों में किरायेदारों के साथ विवाद चल रहा है। कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। कई भवनों में संपत्ति विवाद भी सामने आए हैं। इन कारणों से इमारतों को ध्वस्त करने में देरी हो रही है।
नगर परिषद द्वारा इन जर्जर इमारतों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ये इमारतें किसी भी समय गिर सकती हैं और दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इसलिए आयुक्त ने मालिकों से जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
आयुक्त ने की अपील
आयुक्त द्वारा संबंधित को अपने स्तर पर इन जर्जर इमारत को नियमानुसार ध्वस्त करने हेतु समझाईश की गई तथा उन्हें बताया कि भविष्य में इमारत गिरती है तो संबंधित की जिम्मेवारी होगी तथा नियमानुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। आयुक्त द्वारा आमजन से अपील की गई कि ऐसा भी हो सकता है कि कुछ इमारतें जो सर्वे से रह गई हो, जो काफी पुरानी है व जर्जर है तथा कभी भी गिर सकती है, जनहित को ध्यान में रखते हुए इन इमारतों को स्वयं के स्तर पर हटा लेवे तथा इस कार्य में प्रशासन का सहयोग करें।
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