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पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर कलेक्टर फिलहाल सुर्खियों में है। एसडीएम के बाद अब पोकरण तहसीलदार का आरोप है कि कलेक्टर सोलर कंपनियों क लिए काम करते है। शनिवार को बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मीडिया बातचीत में जैसलमेर कलेक्टर पर गंभीर आरोप ल
दरअसल, जैसलमेर पोकरण तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण को राजस्व मंडल ने निलंबित कर दिया। इसके बाद तहसीलदार ने सोशल मीडिया पर कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इससे पहले पोकरण उपखंड अधिकारी प्रभजोतसिंह गिल द्वारा भी कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। ऐसे में कलेक्टर की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले के सबसे बड़े अधिकारी पर आरोप का मामला चर्चा का विषय बना है। पोकरण तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कई आरोप लगाए। राजस्व मंडल के रक्षा विभाग की जमीन पर पहले 16 सीसी के नोटिस जारी किए। इसके बाद पोकरण तहसीलदार को राजस्व मंडल द्वारा निलंबित कर मुख्यालय अजमेर कर दिया गया है।
सांसद का आरोप- कलेक्टर नीचे के अधिकारियों पर बना रहे है दबाव
सांसद ने मीडिया बातचीत में कहा- पोकरण एसडीएम ने जिला कलेक्टर प्रतापसिंह नाथावत पर आरोप लगाए थे। अब एक-दो दिन पहले निंबलित हुए तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण ने गंभीर आरोप लगाए है। पहले तहसीलदार एपीओ किया फिर उसको निलंबित कर दिया। सांसद ने कहा- पोकरण तहसीलदार अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए गए थे। उससे कलेक्टर नाराज हो गए। आरोप लगाया कि कलेक्टर की प्राइवेट कंपनियों के साथ सांठ-गांठ है। इनकी शिकायतें पहले भी कई बार आई थी।
सिलिंग एक्ट का उल्लंघन, कलेक्टर कंपनियों के मुनीम की तरह कर रहे काम
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि कलेक्टर प्रशासनिक अधिकारियों पर अन लीगल दबाव बना रहे है। कंपनियों के पक्ष में काम करने के लिए बाधित करते है। इस प्रकार की दर्जनों शिकायतें आने के बावजूद कलेक्टर पर सरकार की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया है। न ही इसके ऊपर ध्यान दे रहा है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि कई न कई बड़े आदमियों का उन पर आशीर्वाद है। कलेक्टर नियमों को ताक पर रखते हुए अनलीगल तरीके से जमीनों का हस्तांतरण करते है। सिलिंग एक्ट का घोर उल्लंघन कर रहे है। रहवासीय, तालाब, गोचर, ओरण की जमीनें है। वहां पर लोग सदियों से रहते आए है। उसको अनदेखा करते हुए ग्रामीणों की जनभावना को दरकिनार करते हुए। खाली कंपनी के हित में काम कर रहे है। कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए कंपनी के मुनीम की तरफ काम रहे है। प्रशासनिक काम कम और कंपनी के काम ज्यादा कर रहे है। सीएम और सरकार से मांग है कि ऐसे अधिकारी पर सरकार इतनी मेहरबान क्यूं बन रही है।
सांसद का आरोप- रक्षा मंत्रालय की जमीन को निजी कंपनियों के नाम हो रही रजिस्ट्री
सांसद ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्रालय की जमीन को निजी कंपनियों को देने की नीयत से रजिस्ट्रियां हो रही है। कहीं पर जमीन का स्थानान्तरण किस्म बदलने के लिए अपने नीचे के अधिकारियों पर अनुचित दबाव बना जा रहा है। इस तरीके दबाव बनाकर कंपनियों को फायदा पहुंचाना कहां तक ठीक है।
पर्यावरण को रक्षा करना बहुत ही जरूरी
सांसद ने कहा- पर्यावरण का रख-रखाव करना हम सबकी जिम्मेदारी बनती है। बड़ी संख्या में सोलर प्लांट लगने से हीटवेव की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। तापमान कंट्रोल नहीं कर पाएंगे। जिस पर सोलर कंपनियां पेड़ों की की अंधाधुंध कटाई कर रहे है। इनके बदले में नए पेड़-पौधे लगने चाहिए। नया एरिया डवलपमेंट करना चाहिए। ग्रीन बेल्ट बनाना चाहिए। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। सरकार से मांग है कि जिन कंपनियों को जमीन आवंटित कर रहे है चाहे सरकारी हो या निजी हो। उसमें 25 प्रतिशत एरिया ग्रीन बेल्ट उसी जगह पर डवलपमेंट करवाएं। ताकि आने वाले समय में पर्यावरण को खतरा नहीं हो। कंपनियों पर पाबंदी नहीं लगाएंगे तो वो झूठे घोषणा पत्र दे देंगे।
निलंबित तहसीलदार के जैसलमेर कलेक्टर पर आरोप के बाद बाड़मेर-जैसलमेर सांसद ने
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