जैसलमेर। जिले में 38 डिग्री तापमान के साथ गर्मी का असर जारी।
जैसलमेर जिले में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की वजह से मानसून कमजोर हो चुका है। जैसलमेर में अगस्त में अभी तक बारिश नहीं हुई है। जिससे किसानों की फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। फसलों को पानी की आवश्यकता है। लेकिन रूठे मानसून ने किसानों चिंता बढ़ा दी ह
रविवार को दिन के पारे में 1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अधिकतम तापमान 38 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री दर्ज किया गया। दिन व रात के पारे में 13 डिग्री का अंतर रहा। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी चार दिनों तक मौसम साफ रहेगा।

दोपहर में तेज धूप के कारण चौराहों पर चहल पहल हुई कम।
जिले से रुठा मानसून
जैसलमेर जिले में दक्षिणी- पश्चिमी हवाओं का दौर चल रहा है। ऐसे में हवाओं से फसलों को नुकसान की आशंका है। जिले में पिछले चार पांच दिनों से तेज हवाओं का दौर चल रहा है। हवाओं के चलते इस बार बारिशों को दौर थमने के बाद भी तापमान में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। अगस्त महीने के 10 दिन सूखे निकले है। अभी तक की अंतिम बारिश 31 जुलाई को हुई थी। उसके बाद से अभी तक बारिश नहीं हुई है।
मानसून की गतिविधियां पिछले कई दिनों से सुस्त है। हालांकि बादल छाए रहते है। लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। अगस्त महीने में भी मानसून के एक्टिव रहने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन अगस्त का पहला सप्ताह पूरी तरह से सूखा ही गुजरा है। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि आगामी चार दिनों तक मौसम साफ रहेगा।
खरीफ फसलों पर अब बारिश का संकट
जैसलमेर जिले में इस साल औसत से कम बारिश हुई है। खेतों में खरीफ फसल लहलहाने लगी थी कि तेज हवाओं ने किसानों ने चिंता बढ़ा दी। खेतों में बाजरा, मूंग, मोठ, मूंगफली व ग्वार की फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे है। अगर आगामी दिनों में हवाएं चलती है तो फसलों को नुकसान होगा। फसलें गिरने व पत्तों के टूटने की संभावना है। साथ ही बारिश नहीं होती है तो फसलें जल सकती है। इस बार किसानों को बंपर पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन अचानक बदले मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments