उदयपुर शहर में गुरुवार शाम को तेज बरसात के कारण जगह-जगह जलजमाव हो गया।
राजस्थान में पिछले डेढ़ सप्ताह से सुस्त पड़ा मानसून फिर एक्टिव हो गया है। गुरुवार को सबसे ज्यादा बरसात प्रतापगढ़ जिले में दर्ज हुई। करीब 6 से ज्यादा जिलों में 1 से 3 इंच तक पानी बरसा।
वहीं, शाम को उदयपुर में हुई तेज बारिश से जल जमाव हो गया। कई जगह गाड़ियां भी डूबीं नजर आईं। कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में अगले 2-3 दिन दोपहर बाद हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, सितंबर के अंत में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
सबसे ज्यादा बारिश प्रतापगढ़ में
बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा बरसात प्रतापगढ़ में हुई। जिले में 75MM पानी बरसा। प्रतापगढ़ में छोटी सादड़ी में 6MM, अरनोद में 4, सवाई माधोपुर के वजीरपुर में 10, बामनवास और मलारना डूंगर में 9-9 एमएम बारिश हुई।
वहीं, टोंक के उनियारा में 11, कोटा के खातोली में 5, करौली शहर में 57, मंडरायल में 29, सपोटरा, श्रीमहावीरजी में 10-10, झालावाड़ के सुनेल में 14, पिरावा में 13 एमएम पानी बरसा।
अकलेरा में 10, भरतपुर के रूदावल में 54, बयाना में 45, पहाड़ी में 14, कामां में 16, चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी में 27, चितौड़गढ़ शहर में 21, बारां के शाहबाद में 40 और अलवर के रामगढ़ में 6MM बरसात दर्ज हुई।

उदयपुर में गुरुवार शाम को तेज बारिश हुई। इस दौरान उदयपुर-डबोक नेशनल हाईवे पर पेसिफिक कॉलेज के बाहर सर्विस रोड पर जल भराव की स्थिति होने से कुछ गाड़ियां डूब गईं।
चूरू-गंगानगर में पारा 38 डिग्री पर पहुंचा
पश्चिमी राजस्थान में मानसून के विदा होने के बाद अब यहां धीरे-धीरे दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार को गंगानगर, चूरू में दिन का अधिकतम तापमान बढ़कर 38.3 और 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, बाड़मेर में गुरुवार का अधिकतम तापमान 37 डिग्री रहा।

दौसा में गुरुवार को हल्की बारिश हुई। वहीं, दिनभर बादल छाए रहे।
25 सितंबर बाद फिर से बारिश का अनुमान
मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी करते हुए प्रदेश 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। केंद्र के अनुसार इस दौरान औसत से ज्यादा बारिश हो सकती है।


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